फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Monthly Offers in the name of selling gold swindle

मुथूट फाइनेंस कंपनी में चल रहा सोने का 'ठगी' ऑफर

Sat, 28 Jun 2014 08:00 AM IST
रोली खन्ना/अमर उजाला, लखनऊ
रोली खन्ना/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 28 Jun 2014 08:00 AM IST
विज्ञापन
Monthly Offers in the name of selling gold swindle

जिला उपभोक्ता फोरम के एक फैसले ने सोने की खरीद की मासिक योजना के नाम पर कंपनी की मनमानी रोकने की दिशा में बड़ा काम किया है।

विज्ञापन


सोने के सिक्के की खरीद के मामले में योजना की शर्तों से अलग किश्त पूरी होने के बाद कीमत बढ़ा दी गई।

फोरम ने सुनवाई के बाद इसे फ्रॉड माना और मुथूट फाइनेंस कंपनी को ब्याज सहित सिक्के की कीमत अदा करने का आदेश दिया।

अलीगंज निवासी आर. राजीव ने जिला उपभोक्ता फोरम में सोने के सिक्के की खरीद में फ्रॉड की शिकायत थी।

शिकायत के मुताबिक राजीव ने अपनी पत्नी के 25वें जन्मदिन पर तोहफा देने के लिए मुथूट प्रीशियस मेटल्स कॉरपोरेशन (मुठूत फाइनेंस) से 10 ग्राम सोने का सिक्का खरीदने के लिए संपर्क किया।

कंपनी के महानगर स्थित शोरूम में उन्हें इंस्टा गोल्ड योजना में सिक्का बुक कराने को कहा गया।

इसके लिए सभी टैक्स सहित पहले महीने में 4228 रुपये और इसके बाद 3,010 रुपये मासिक किश्त देने का समझौता हुआ।

साथ ही बताया गया कि राहुल को सिक्के की कुल कीमत 36,120 रुपये पड़ेगी, जो सोने की कीमत घटने-बढ़ने पर भी प्रभावित नहीं होगी। इसके बाद राहुल ने सिक्के की बुकिंग कर ली।
विज्ञापन


किश्तें पूरी होने पर जब उन्होंने सिक्का मांगा तो शोरूम पर उनसे अतिरिक्त 1936 रुपये की मांग की गई।

शिकायत करने पर भी बिना अतिरिक्त चार्ज दिए सिक्का देने से मना कर दिया गया और जमा धनराशि भी नहीं लौटाई गई।

मामले की सुनवाई के दौरान उपभोक्ता फोरम ने पाया कि योजना के मुताबिक ग्राहक ने सभी किश्त जमा कीं। कंपनी को नोटिस भेजने के बाद उनकी तरफ से मामले पर कोई जबाव दाखिल नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


रसीद से भी पता चला कि सिक्के की कीमत के लिए 36120 रुपये की जगह 37,338 रुपये जमा किए गए। इसके अलावा सोने की कीमतों का कोई असर भी सिक्के की खरीददारी में नहीं पड़ना था।


ऐसे में 1936 रुपये की अतिरिक्त मांग करना अनुचित है। अध्यक्ष विजय वर्मा ने आदेश दिया कि शिकायतकर्ता को कंपनी द्वारा बिना कोई अतिरिक्त चार्ज लिए सिक्का देना था।

कंपनी को जमा धनराशि 36,120 रुपये मय नौ प्रतिशत ब्याज दर के वापस करना होगा।

इसके अलावा कंपनी को 5,000 रुपये मानसिक और शारीरिक कष्ट व 2,000 रुपये विधिक व्यय के लिए बतौर हर्जाना अदा करने होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed