मुंबई मस्ती करने जा रहे थे लापता हुए छात्र, पुलिस को ऐसे पता चली स्टोरी
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लखनऊ के मड़ियांव के मोहिबुल्लापुर से शुक्रवार सुबह संदिग्ध हालात में गायब हुए कक्षा नौ के तीन छात्र मस्ती के इरादे से ट्रेन से मुंबई के लिए निकल पड़े थे। हालांकि, रास्ते में पैसे खत्म होने पर तीनों आधी रात कासगंज उतर गए। वहां उन्हें संदिग्ध हालत में घूमते देख आरपीएफ ने पूछताछ की तो मामला सामने आया।
आरपीएफ ने छात्रों के परिवारीजनों से संपर्क कर सूचना दी, जिसके बाद मड़ियांव पुलिस उन्हें सुरक्षित लेकर आई। वहीं, परिवारीजनों की ओर से छात्रों के ब्ल्यू व्हेल गेम के चलते एक साथ घर छोड़ने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि पूछताछ करने पर तीनों छात्र अभी कुछ बोल नहीं रहे हैं।
भिठौली चौकी इंचार्ज नजर इमाम ने बताया कि कासगंज स्टेशन से आरपीएफ के हेड कांस्टेबल बृज मोहन शर्मा ने रात ढाई बजे परिवारीजनों को फोन किया। उसने बताया कि बच्चे स्कूल ड्रेस पहने हैं और काफी घबराए हैं। उनके स्कूल बैग में घर के कपड़े हैं। पूछने पर बच्चों ने बताया कि वह मुंबई घूमने घर से भागे थे पर रुपये खत्म हो गए, इसलिए रास्ते में उतर गए। अब समझ नहीं आया कि आधी रात को कहां जाएं? इस पर आरपीएफ ने बच्चों को खाना खिलवाने के साथ ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
छात्रों की परेशानी देख नहीं की पूछताछ
शनिवार सुबह दरोगा नजर इमाम और परिवारीजन कासगंज पहुंचे तो बच्चों को उनकी सुपुर्दगी में दे दिया गया। अब तीनों छात्र घर पहुंच गए हैं। परिवारीजनों का कहना है कि तीनों छात्र परेशान हैं इसलिए ज्यादा पूछताछ नहीं की।
उनकी मानसिक स्थिति सामान्य होने के बाद जानकारी ली जाएगी। गौरतलब है कि मड़ियांव के सिमरागढ़ी निवासी प्रभु शंकर बाजपेयी का बेटा अजय उर्फ हर्ष (16), मोहल्ले के ही राजेश अग्निहोत्री का बेटा अखिलेश उर्फ लकी (15) और राघवेंद्र सिंह का बेटा गौरव सिंह (15) बाल निकुंज स्कूल के छात्र हैं।
शुक्रवार सुबह तीनों स्कूल तो गए पर लौटकर नहीं आए। इस पर परिवारीजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने छात्रों के मोबाइल में गेम खेलने की जानकारी भी दी थी।