बहन से संबंध के शक में दोस्त को मारकर सेप्टिक टैंक में डाला
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उत्तर प्रदेश के हरदोई क्षेत्र में बहन से से संबंध के शक में एक युवक ने अपने पड़ोसी की जान ले ली। हत्यारे ने दोस्ती की आड़ में युवक को बुलाया और मारकर लाश ठिकाने लगा दी।
हरदोई के बघौली थाना क्षेत्र के पुरवा गांव निवासी बीए तृतीय वर्ष के छात्र अजीत सिंह उर्फ गोलू (22) का शव बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने आलमबाग के बरहा इलाके में खुले पड़े सेप्टिक टैंक से बरामद कर लिया गया। वह दस दिन से लापता था।
गोलू को उसके ही पड़ोसी उमेश कुमार मौर्या ने बहन से संबंध के शक में मारा था। उमेश बीते तीन साल से रेलवे में अप्रेंटिस की नौकरी कर रहा था और आलमबाग की बरहा कॉलोनी में किराये का कमरा लेकर अकेले रहता था। पुलिस ने उमेश को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
एएसपी पूर्वी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि उमेश और गोलू गांव में आसपास ही रहते हैं। उमेश को शक था कि गोलू के उसकी बहन से संबंध हैं। उसने गोलू को कई बार समझाया। रक्षाबंधन में वह गांव गया तो फिर गोलू से बातचीत की।
गोलू के कोई जवाब न देने पर उसका शक पुख्ता हो गया। इसके बाद उमेश ने गोलू की हत्या की साजिश रची। गांव में रहने के दौरान उसने गोलू से दोस्ती बढ़ाई। इसके बाद उमेश ड्यूटी पर लौट आया।
ऐसे मारा और ठिकाने लगाई लाश
बकौल एएसपी पूर्वी, एक सितंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे उमेश ने गोलू को घुमाने के बहाने राजधानी बुलाया। दोनों ने बरहा स्थित किराये के कमरे में शराब पी और खाना खाकर सो गए। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उमेश उठा और चाकू से वार कर गोलू को मौत के घाट उतार दिया।
गोलू की हत्या के बाद उमेश ने शव को बोरे में बंद किया। इसके बाद शव ले जाने के लिए वह रिक्शा ढूंढ़ने चला गया। रात करीब एक बजे उसे रिक्शा मिला। उमेश ने 1500 रुपये में रिक्शा चालक को राजी किया और घर ले आया।
यहां दोनों ने बोरे में बंद शव रिक्शा पर रखा और करीब 600 मीटर दूर स्थित एक दीवार के पास पहुंचे। इस दीवार के पीछे खुला सेप्टिक टैंक है जहां दोनों ने बोरा फेंक दिया।
सुबह घर से उठाया, शाम को शव बरामद किया
हरदोई के बघौली थाना की पुलिस टीम ने उमेश को बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे ही बरहा आलमबाग स्थित किराये के कमरे से उठा लिया था।
पुलिस उमेश को हरदोई ले गई जहां सख्ती से पूछताछ में उसने जुर्म कुबूल कर लिया। शाम करीब छह बजे पुलिस उसे फिर राजधानी लेकर आई और सेप्टिक टैंक से बोरे में बंद शव बरामद कराया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
गोलू के घूमने के लिए राजधानी जाने और मोबाइल स्विच ऑफ होने पर परिवारीजन परेशान हो गए। पिता कुंवर पाल सिंह ने उमेश से पूछताछ की तो वह गोलू के राजधानी आने की बात की बात से ही मुकर गया।
परेशान परिवारीजनों ने आठ सितंबर को बघौली थाना में गोलू की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने गोलू के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जिसमें आखिरी बात उमेश से बातचीत का पता चला।