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हनुमान मंदिर के पूर्व महंत की इलाज के दौरान मौत, शव रखकर प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 04 Dec 2018 12:44 AM IST
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शव रखकर प्रदर्शन करते लोग
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बीकेटी में 11 अक्तूबर को अलीगंज हनुमान मंदिर के पूर्व महंत अजय शंकर शुक्ला (50) को बदमाशों ने गोली मार दी थी। ट्रॉमा सेंटर में सोमवार सुबह उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में परिवारीजनों ने एक के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया था, लेकिन बीकेटी पुलिस 54 दिन बाद भी आरोपी को गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
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इससे नाराज परिवारीजनों ने मंदिर के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सीओ अलीगंज ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे बाद मामला शांत हुआ।
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गुडंबा के फूलबाग कॉलोनी निवासी अजय शंकर शुक्ला अलीगंज हनुमान मंदिर के पूर्व महंत थे। बेटे आलोक शंकर ने बताया कि 11 अक्तूबर को वह चंद्रिका देवी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। रात करीब पौने 12 बजे बीकेटी में पर्वतपुर चौराहे से आगे जीसीआरजी कॉलेज के पास अज्ञात लोगों ने उन्हें गोली मार दी थी।
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गोली उनके बायें कंधे के पास सीने में लगी और आरपार हो गई थी। कॉलेज के छात्रों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही उन्हें स्थानीय अस्पताल भेजवाया था, जहां से उन्हें ट्रॉमा भेज दिया गया था। सोमवार सुबह अजय शुक्ला की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव घरवालों के सुपुर्द कर दिया। शाम करीब 6:30 बजे परिवारीजन सैकड़ों लोग के साथ हनुमान मंदिर के पास पहुंचे और नीरा नर्सिंग होम के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कुछ ही देर में इलाके में जाम लग गया। सीओ अलीगंज दीपक कुमार सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। दो घंटे तक चले मान मनौव्वल के बाद परिवारीजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
बीकेटी पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने बीकेटी पुलिस पर संगीन आरोप लगाया। बेटे आलोक शंकर ने बताया कि पिता पर हमले के मामले में उन्होंने वकील अनिल तिवारी पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन, बीकेटी पुलिस ने अनिल तिवारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं बीकेटी पुलिस ने उन्हें मुकदमे की कॉपी तक नहीं दी। इससे नाराज लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी, मुआवजे और नौकरी की मांग की। प्रदर्शन के चलते कपूरथला, डंडइया से लेकर महानगर तक वाहनों की कतार लग गई। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। करीब दो घंटे बाद प्रदर्शन खत्म हुआ और रात नौ बजे यातायात सामान्य हुआ।