ब्राइटलैंड स्कूल की छात्रा की उम्र पर सवाल, अंतरिम जमानत बढ़ी
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ब्राइटलैंड स्कूल में कक्षा एक के छात्र को टॉयलेट में बंधक बनाकर चाकू से मरणासन्न करने की आरोपी छात्रा की उम्र को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब तक छात्रा की उम्र को लेकर अलग-अलग दावे करते हुए दस्तावेज सामने आ चुके हैं।
उधर, छात्रा की कद-काठी देखकर पुलिस उसकी उम्र करीब 15 वर्ष होने की आशंका जता रही है। हालांकि, पुलिस ने जेजे बोर्ड में अभी तक छात्रा की उम्र तय करने के लिए मेडिकल टेस्ट कराने की कोई अर्जी नहीं दी है।
इस बीच बुधवार को जेजे बोर्ड ने छात्रा की अंतरिम जमानत एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी। बोर्ड ने नियमित जमानत पर सुनवाई के लिए सात फरवरी की तिथि तय की है।
अलीगंज पुलिस सूत्रों का कहना है कि परिवारीजनों और स्कूल की तरफ से जो दस्तावेज मिले हैं, उसमें अलग-अलग उम्र है। छात्रा को हिरासत में लिए जाने के दौरान परिवारीजनों ने जो दस्तावेज उसके मुताबिक, उसकी उम्र 10 वर्ष 11 महीने और 28 दिन थी।
बुधवार को पुलिस ने जेजे बोर्ड के समक्ष ब्राइटलैंड स्कूल से मिले जो दस्तावेज प्रस्तुत किए, उसमें उसकी जन्मतिथि 18 मार्च 2006 है। इसके अनुसार छात्रा की उम्र 11 साल 10 महीने के आसपास हुई। हालांकि, पुलिस इन दस्तावेजों को फर्जी मान रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि छात्रा इस वक्त कक्षा सात में है और एक साल फेल हो चुकी है। इसके अलावा उसने प्री प्राइमरी, केजी व नर्सरी की पढ़ाई की है। यानी उसे स्कूल में पढ़ते हुए ही 11 साल हो चुके हैं।
ऐसे में उसकी उम्र 11 साल हो ही नहीं सकती। जन्म के कम से कम चौथे वर्ष में उसने स्कूल में दाखिला लिया होगा। इस लिहाज से भी उसकी उम्र लगभग 15 साल होती है। छात्रा की कद-काठी भी उम्र के दस्तावेजों को झुठला रही है। पुलिस कद-काठी से छात्रा की उम्र 14 से 15 साल के बीच मान रही है।
उधर, घटनास्थल से मिले चाकू व दुपट्टे की फोरेंसिक रिपोर्ट से पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका है। छात्र के ब्लेजर से मिले बाल और छात्रा के बाल की फोरेंसिक रिपोर्ट आनी बाकी है।
जानलेवा हमले में गंभीर धाराएं न लगाने पर विवेचक को फटकार
स्कूल के टॉयलेट में मासूम छात्र की हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में अलीगंज पुलिस की लचर पैरवी और विवेचना में सुस्ती पर जेजे बार्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट अचल प्रताप सिंह ने विवेचक को कड़ी फटकार लगाई। पुलिस ने अब तक इस मामले में गंभीर धाराएं नहीं शामिल की हैं।
प्रधान मजिस्ट्रेट ने बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान केस डायरी का अवलोकन किया। जिसमें साधारण धाराओं में ही विवेचना का उल्लेख था। हालांकि, पीड़ित छात्र के पिता ने गंभीर चोटों की बात कही थी। अदालत का मानना है कि हमला करने का तरीका व चोटों की प्रकृति से हत्या के प्रयास का मामला बनता है, लेकिन विवेचक साधारण धाराओं में विवेचना कर रही हैं।
यह था मामला
अलीगंज के त्रिवेणीनगर स्थित ब्राइटलैंड स्कूल के टॉयलेट में 16 जनवरी की सुबह कक्षा एक के छात्र रितिक शर्मा को बंधक बनाकर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए थे। उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर टॉयलेट बाहर से बंद कर दिया गया था। ट्रॉमा सेंटर में उपचार के बाद होश में आए रितिक ने कक्षा सात की छोटे बाल वाली एक छात्रा पर हमले की आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। छात्रा की पहचान कराने के बाद उसे अभिरक्षा में लेकर जेजे बोर्ड के सामने पेश किया जहां से उसे अंतरिम जमानत दे दी गई। जेजे बोर्ड ने छात्रा की नियमित जमानत के लिए 31 जनवरी को सुनवाई की तिथि तय की थी।