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यूपी का हाल: तमंचा दिखा साढ़े चार लाख की लूट

Sat, 12 Jul 2014 09:21 AM IST
विवेक त्रिपाठी/ अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 12 Jul 2014 09:21 AM IST
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loot with a finance company employee

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में बृहस्पतिवार दोपहर बाइक सवार बदमाशों ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी पर तमंचा तानकर 4 लाख 40 हजार रुपये लूट लिए।

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भीड़ भरे इलाके में हुई वारदात से सनसनी मच गई। सूचना पाकर एएसपी ट्रांस गोमती दिनेश यादव, सीओ गाजीपुर सहित आसपास के थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। लुटेरों का सुराग लगाने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।
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लूट की वारदात दोपहर करीब दो बजे नीलगिरी कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एचडीएफसी बैंक से चंद कदम दूर हुई। सीओ विशाल पांडे ने बताया कि लेखराज मार्केट के पास स्थित एचडीबी फाइनेंस कंपनी का एजेंट तेलीबाग के राजीवनगर निवासी चंदन नेगी एचडीएफसी बैंक में 4 लाख 40 हजार रुपये जमा करने गया था।
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रकम सीएनएस सिक्योरिटी कंपनी की थी, जिसे वहां का कर्मचारी अरविंद दे गया था। चंदन रुपये लेकर बैंक पहुंचा और नोटों की काउंटिंग व स्कैनिंग कराई। हालांकि, किसी वजह से पैसा जमा किए बिना बाहर आ गया।

वि‌क्टिम ने बदला अपना बयान

loot with a finance company employee

सीओ ने बताया कि रुपये काले रंग की पॉलीथिन में लेकर चंदन सड़क पार कर रहा था, इसी दौरान काले रंग की पल्सर बाइक से दो बदमाश आए और झपट्टा मारकर पॉलीथिन छीन ले गए।

पॉलीथिन का कुछ हिस्सा चंदन की अंगुलियों में फंसा रह गया। चंदन ने लूट का शोर मचाते हुए पुलिस को सूचना दी। एएसपी ट्रांस गोमती सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पूछताछ में पुलिस मामला संदिग्ध मान रही है।

एसओ नोवेंद्र सिंह सिरोही ने बताया कि चंदन ने पहले तमंचा तानकर लूट की जानकारी दी, जबकि कुछ देर बाद उसने सिर्फ नोटों से भरी पॉलीथिन झपट्टा मारकर छीनने की बात कही।

एसओ ने कहा कि चंदन की तरफ से अज्ञात बाइक सवार बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बदमाशों की तलाश की जा रही है।

रकम न जमा कराने की वजह ढूंढ़ रही पुलिस

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चंदन ने बैंक जाकर नोटों की काउंटिंग और स्कैनिंग के बावजूद रकम क्यों नहीं जमा कराई? पुलिस इस सवाल में उलझ गई है। चंदन भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है, इसलिए उसकी भूमिका को भी पुलिस संदिग्ध मान रही है।

छानबीन में यह भी पता चला है कि वारदात के वक्त घटनास्थल के पास ही अरविंद अपनी कार में मौजूद था। कहीं लूट की इस कथित वारदात के पीछे अरविंद का कोई खेल तो नहीं। एसओ गाजीपुर ने कहा कि वारदात में कई पेंच हैं जिनके बारे में छानबीन की जा रही है।

बैंक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाएगी
सीओ गाजीपुर ने बताया कि वारदात से आधा घंटे पहले एचडीएफसी बैंक की सीसीटीवी फुटेज मंगाई गई है। जब चंदन नेगी बैंक पहुंचा तो उसकी गतिविधियां क्या थीं?

उसने किसी से मोबाइल फोन पर बातचीत तो नहीं की? बैंक में उससे कौन मिला? किससे बातचीत हुई? इसकी जानकारी सीसीटीवी फुटेज से मिल जाएगी। सीओ का कहना है कि हो सकता है कि बैंक के भीतर ही वारदात के सबूत मिल जाएं।

लूट पर लूट, थानेदार को छूट

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राजधानी में बीते छह माह के दौरान लूट की सबसे ज्यादा और सनसनीखेज वारदातें गाजीपुर थाना क्षेत्र में हुई। दुस्साहसी बदमाशों ने भरी दोपहरी थाना के सामने तक लूट कर पुलिस के इकबाल को चुनौती दे डाली, लेकिन अफसर आंख-कान बंद किए बैठे हैं।

गाजीपुर की निष्क्रिय पुलिस एक भी वारदात का खुलासा नहीं कर सकी फिर भी एसओ नोवेंद्र सिंह सिरोही के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार वारदातें सीओ विशाल पांडे के पर्यवेक्षण पर भी सवाल उठा रही हैं।

बीती 15 अप्रैल को बाइक सवार बदमाशों ने इंदिरानगर के सेक्टर डी में प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी पैरी ग्रीन गार्डियन प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंटेंट पंकज मिश्रा को गोली मारकर 11 लाख 55 हजार रुपये लूट लिए थे। इस वारदात का आज तक खुलासा नहीं हो सका है।

लूट की रकम नहीं ला सकी पुलिस

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इसी तरह छह मई को इंदिरानगर के सेक्टर नौ में बदमाशों ने चेन लूट के दौरान भिड़ने वाली एचएएल के रिटायर्ड इंजीनियर महेश सिंह की पत्नी मीनाक्षी सिंह को गोली मार दी थी।

इन बदमाशों का भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। गाजीपुर थाना के ठीक सामने भरी दोपहरी बाइक सवार बदमाशों ने एचएएल के कर्मचारी जगदीश प्रसाद पर तमंचा तानकर दो लाख रुपये लूट लिए थे।

पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने का दावा तो किया लेकिन रकम आज तक बरामद नहीं हुई। इसके अलावा भी चेन लूट की कई वारदातों ने पुलिस की सक्रियता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

लगातार वारदातों से इलाके में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और जनता दहशत में है। बावजूद इसके थाना के एक भी सिपाही या दरोगा के खिलाफ कार्रवाई न होने से अफसर कठघरे में खड़े हो गए हैं।

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