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फर्जी डीएसपी बन कर रहा था कारनामें, लाखों की हेराफेरी की, गिरफ्तार

Sat, 24 Jun 2017 01:41 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लखनऊ
ब्यूरो, अमर उजाला/लखनऊ Updated Sat, 24 Jun 2017 01:41 PM IST
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llb student did fraud with identity of dsp in lucknow
डेमो - फोटो : डेमो पिक

लखनऊ में सआदतगंज इलाके की एक युवती को सरकारी नौकरी का झांसा देकर 10.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले क्राइम ब्रांच के फर्जी डीएसपी साद उर्फ साद खान को पुलिस ने शुक्रवार शाम गिरफ्तार कर लिया।

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एरा कॉलेज से एलएलबी के छात्र ने युवती से 7.20 लाख की ठगी कुबूलने के साथ कइयों को झांसा देकर रकम ऐंठने का राज उगला। प्रॉपर्टी डीलरों के लिए दलाली के दौरान उसने खुद को डीएसपी बताकर लोगों को रौब में लेना शुरू किया था।
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एसओ सआदतगंज समर बहादुर यादव ने बताया कि खुद को क्राइम ब्रांच का सीनियर डीएसपी बताकर अंबरगंज वजीरबाग निवासी नूर जहां से नौकरी के नाम  पर 10.50 लाख की ठगी के आरोपी साद उर्फ साद खान को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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नेवासी टोला निवासी साद ने नूर जहां से 7.20 लाख की ठगी कुबूलने के साथ गोमतीनगर निवासी आशीष कुमार समेत कई लोगों को नौकरी के नाम पर चूना लगाने का राज उगला। पूछताछ में खुलासा हुआ कि साद का पिता एक बिल्डर के यहां नौकरी करता है। बीकॉम की पढ़ाई के साथ साद ने प्रॉपर्टी डीलरों के लिए दलाली शुरू की।


 

सीखे पुलिसकर्मियों से तौर तरीके

llb student did fraud with identity of dsp in lucknow
डेमो
गठीले शरीर के साद ने पुलिसकर्मियों से करीबी बनाकर तौरतरीके सीखे। बाल छोटे कराए और खुद को डीएसपी बताकर लोगों पर रौब जमाने लगा। पूछताछ में बताया कि बीकॉम पास करने के बाद एरा कॉलेज में एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र है।

कई लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी की। बोला कि कुछ लोगों को पैसे वापस भी किए थे। अंबरगंज में नूर जहां के घर के पास स्थित होटल में आवागमन के दौरान पता चला कि वह सरकारी नौकरी की तलाश में है। उसे घर के पास रोका।

खुद को सीनियर डीएसपी बताकर सिर्फ 14 हजार रुपये में ट्रैफिक पुलिस में नौकरी लगवाने की बात कही। विश्वास जमाने के लिए कई लोगों से फोन पर बात कराई। जिनसे बात की थी, उन्हें भी नौकरी का झांसा दे चुका था।

नूर जहां से 14 हजार झटकने के बाद टालमटोल करता रहा। फिर 45-50 हजार वेतन वाली नौकरी की बात कहकर रकम ऐंठनी शुरू की। तगादा करने पर उसे मुमताज इंटर कॉलेज के फर्जी नियुक्ति पत्र थमाए थे। जालसाजी उजागर होने पर उसे पुलिस से शिकायत करने पर झमेले में फंसने का खौफ दिखाया था। उसे डीएसपी समझ रही नूर पुलिस से शिकायत करने से डर रही थी। 
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