फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   lady commits suicide in lucknow

पति ने खाया जहर तो पत्नी ने पश्चाताप में लगा ली फांसी

Sat, 21 Oct 2017 01:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 21 Oct 2017 01:34 PM IST
विज्ञापन
lady commits suicide in lucknow
डेमो
लखनऊ में इटौंजा के महिगवां चौकी क्षेत्र के इंदारा गांव में बुधवार रात गृह कलह के चलते युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर बताई जा रही है। पति को मौत के मुंह में देख पश्चाताप के चलते पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी।
विज्ञापन


घर पहुंचे परिवारीजनों ने शव लटका देखा तो कोहराम मच गया। इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि इंदारा गांव निवासी सुरेश कुमार दीक्षित का 30 वर्षीय एकलौता बेटा अजय गांव में ही परचून की गुमटी चलाता है। करीब छह साल पहले उसका विवाह मड़ियांव के मुंशीखेड़ा गांव निवासी रुचि से हुआ था। दोनों के तीन बच्चे भी हैं।
विज्ञापन


अजय और रुचि 11 अक्तूबर को हरिद्वार गए थे। वहां से 17 अक्तूबर को दोनों घर लौटे तो किसी बात को लेकर आपस में झगड़ा हो गया। परिवारीजनों का कहना है कि दो दिन से दंपती के बीच तनातनी चल रही थी। बुधवार रात दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई और अजय ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसे खून की उल्टियां होने लगीं। परिवारीजनों ने हालत देखी तो कोहराम मच गया। अजय को आनन-फानन साढ़ामऊ अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने ट्रॉमा सेंटर ले जाने की सलाह दी। ट्रामा सेंटर में अजय की हालत गंभीर बताई जा रही है। बृहस्पतिवार सुबह तक अजय को होश नहीं आया। 

मासूमों के सिर से छिना मां का साया

lady commits suicide in lucknow
डेमो - फोटो : demo pic
इसका पता चलते ही रुचि को पश्चाताप होने लगा और उसने खुद को कमरे में बंद करके साड़ी का फंदा बना खुदकुशी कर ली। कुछ देर बाद अस्पताल से परिवारीजन घर आए तो दरवाजा बंद देख माथा ठनका। उन्होंने रुचि को पुकारा लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो उसका शव फंदे से लटकता देख परिवारीजनों के होश उड़ गए।

दीपावली के त्योहार पर परिवार उजड़ने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। गांव में मातम पसर गया। महिलाएं रोने-पीटने लगीं। ग्रामीणों ने बताया कि अजय का परिवार उजड़ने से पूरे गांव ने दीपावली नहीं मनाने का फैसला किया है। किसी ने भी घर पर दिये नहीं जलाए।

रुचि की मौत से उसके तीन मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं। सुरेश ने बताया कि अजय का बड़ा बेटा चार वर्षीय विपिन दिव्यांग हैं। इसके अलावा ढाई साल की बेटी वंदना और दस महीने का बेटा छोटू हैं। दुधमुंहे बच्चे की देखभाल और बाकी दोनों बच्चों की परवरिश का संकट पैदा हो गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed