ये डकैत थे ' हाइली एजुकेटेड'
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बीबीडी में होटल मैनेजमेंट का छात्र मो. हैदर ठाकुरगंज इलाके में डॉ. अनूप वाजपेयी के घर डकैती का मास्टर माइंड था। डॉक्टर के वाहन चालक की मुखबिरी पर उसने फुलप्रूफ प्लान तैयार कर चार साथियों की मदद से वारदात अंजाम दी थी।
पुलिस ने चालक समेत छह बदमाशों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप वाजपेयी के घर 29 अक्तूबर को डकैती हुई थी।
इस डकैती के लिए पुलिस ने नगरिया निवासी वाहन चालक मनोज शर्मा, बीबीडी में होटल मैनेजमेंट छात्र मो. हैदर, चौक के ऑक्सफोर्ड कॉलेज में इंटरमीडिएट के छात्र जमन रिजवी, महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज में इंटर के छात्र सुनील कनौजिया, तहसीनगंज झोपड़ पट्टी निवासी सैयद इरफान हैदर व मुसाहिबगंज निवासी कामिल अब्बास को गिरफ्तार किया है।
उनके कब्जे डॉ. अनूप के घर से उड़ाए 16.35 लाख रुपये, सूटकेस, बैग, चेकबुक, पासबुक, वोटर आईडी कार्ड, तमंचा, पिस्टल, चाकू व वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल मोबाइल और अन्य औजार बरामद हुए हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि चालक मनोज शर्मा के साथ मिलकर होटल मैनेजमेंट छात्र मो. हैदर ने फुलप्रूफ प्लान तैयार करके साथियों की मदद से वारदात अंजाम दी थी।
तीन-चार करोड़ की थी उम्मीद
डॉ. अनूप के यहां आठ साल से नौकरी कर रहे चालक मनोज शर्मा ने क्लीनिक पर मरीजों की भीड़ और डॉक्टर को नोटों से भरे बैग घर ले जाते देखा।
तंगहाली का शिकार मनोज को लालच आया और उसने पड़ोस में कपड़े की दुकान के मालिक व होटल मैनेजमेंट के छात्र अपने दोस्त मो. हैदर के साथ मिलकर तानाबाना बुनना शुरू किया।
उसने हैदर की तीन-चार करोड़ मिलने की उम्मीद बताई और कहा कि इन्कम टैक्स के चक्कर में डॉ अनूप रिपोर्ट नहीं लिखाएंगे और पुलिस से शिकायत की भी तो कम माल बताएंगे।
ये था फुलप्रूफ प्लान
मास्टर माइंड मो हैदर ने दीपावली के मौके पर अपने साथी इरफान, कामिल, जमन रिजवी व सुनील कनौजिया के साथ मिलकर फुलप्रूफ प्लान तैयार किया।
असलहों के इंतजाम के साथ फर्जी नाम-पते से छह मोबाइल व सिमकार्ड खरीदे। इनमें एक मोबाइल सेट मनोज शर्मा को दिया गया। सभी लोगों को हिदायत थी कि मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ आपस में बातचीत छह नंबरों के अलावा किसी को कॉल नहीं की जाएगी।
वारदात अंजाम देने के बाद मोबाइल व सिमकार्ड तोड़कर नष्ट करने की बात तय की गई। चेहरा छुपाने के लिए हजरतगंज इलाके में एक ठेले से मॉस्क खरीदे और चौक में एक दुकान से टेप लिया था।
कैसे कोड वर्ड में की डकैती
पूरी सावधानी बरतने के साथ मास्टर माइंड मो. हैदर ने वारदात के दौरान एक-दूसरे का नाम किसी भी हालत में न लेने की हिदायत दी थी।
इसके चलते उसने खुद का कोड-ए, इरफान-बी, कामिल-सी, जमन-डी और सुनील का कोड नाम ई रखा था। खास बात यह है कि सभी को कई दिन तक कोड रटाए गए थे ताकि कोई चूक न हो।
चालक ने बनाया घर का नक्शा
मनोज शर्मा ने डॉ अनूप वाजपेयी के घर का नक्शा बनाने के साथ साथियों को बताया था कि किस कमरे में सेफ और किस कमरे में सूटकेस व बैग मिलेंगे।
यह भी बताया कि डॉक्टर के बुजुर्ग माता-पिता को किस तरह काबू में करके बंधक बनाकर कहां रखना है।
डॉ अनूप वाजपेयी 29 अक्तूबर की शाम अपनी पत्नी प्रीति व दोनों बेटियों को साथ लेकर शॉपिंग व फिल्म देखने के इरादे से वेव मॉल गए थे।
वहां से वाहन चालक मनोज शर्मा ने मास्टर माइंड मो. हैदर को फोन करके वारदात अंजाम देने के सही मौके की जानकारी दी। मो. हैदर ने आनन-फानन कामिल व अन्य साथियों को कांफ्रेंसिंग करके डकैती के लिए तैयार किया और थोड़ी देर में पांच बदमाश बाइक से मौके पर पहुंचे।
कामिल को बाहर खड़े रहकर निगरानी का काम सौंपा और मो हैदर ने कालबेल बजाई। डॉ अनूप के पिता कृष्ण अवतार वाजपेयी के दरवाजा खोलते ही नकाबपोश चारों बदमाश घर में जा धमके।
14 मिनट में 20 लाख नगद व गहने बटोर कर फरार हो गए। इसके साथ मनोज को फोन करके काम हो जाने की जानकारी दी।