{"_id":"9ca9fd6b8caf5942e01bd131d99ecda5","slug":"hc-relief-to-ravidas","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा विधायक रविदास को कोर्ट से राहत, कुर्की पर रोक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सपा विधायक रविदास को कोर्ट से राहत, कुर्की पर रोक
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Fri, 06 Dec 2013 12:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के खिलाफ एक पुराने आपराधिक मामले में निचली अदालत से जारी गैर जमानती वारंट व कुर्की की कार्रवाई पर छह दिसंबर तक रोक लगा दी है।
विज्ञापन
अदालत ने कहा है कि शुक्रवार तक उनके खिलाफ जारी एनबीडब्लू व कुर्की की कार्रवाई निष्प्रभावी रहेगी।
इसके साथ ही कोर्ट ने विधायक को छह दिसंबर को ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश होकर, नई जमानत व निजी मुचलका दाखिल करने का निर्देश दिया है।
देना है पांच हजार रुपये हर्जाना
शुक्रवार को ही उन्हें पांच हजार रुपये बतौर हर्जाना अदा करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा है कि ट्रायल के दौरान आरोपी विधायक की हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए ट्रायल कोर्ट को अन्य साफ-सुथरी शर्तें लगाने की छूट होगी।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि अगर इस आदेश का पालन शुक्रवार तक कर लिया जाए तो एनबीडब्लू व कुर्की की कार्रवाई को ट्रायल कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया जाएगा।
अगर याची शुक्रवार को निचली अदालत में पेश नहीं होगा तो इस आदेश का लाभ उसे नहीं मिलेगा। न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना ने गुरुवार को यह आदेश रविदास मेहरोत्रा की याचिका पर दिया।
विज्ञापन
1993 का है मामला
इसमें विधायक ने दो जुलाई 2012, 15 अक्तूबर 2013 व 30 नवंबर 2013 के ट्रायल कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी थी। इनके तहत याची के खिलाफ गैर जमानती वारंट व कुर्की की कार्रवाई शुरू की गई थी। चौक थाने का यह मामला वर्ष 1993 का है जिसमें भीड़, बलवा जानलेवा हमला करने के आरोपों में दर्ज कराया था।
21 अक्तूबर 2010 को मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। 27 फरवरी 2013 को यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में स्थानांतरित हुआ।
मामले में आरोपी विधायक के गैर हाजिर होने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ एनबीडब्लू व कुर्की की कार्रवाई जारी की थी। जिसे चाची ने चुनौती दी थी।