असलहों की धांधलीः पुलिस की भी मिलीभगत

विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 06 May 2014 05:22 AM IST
विज्ञापन
Gun House owner arrested by ats

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
नेशनल गन हाउस के मालिक चरन सिंह को एटीएस ने बीते वर्ष अप्रैल में गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

एएसपी पूर्वी राजेश कुमार ने बताया कि चरन सिंह के गन हाउस में बडे़ पैमाने पर धांधली पाई गई थीं। कानपुर में भी उसके परिवार के गन हाउस हैं।
तीनों गन हाउस में बिहार और झारखंड के फर्जी नाम-पतों पर असलहे दिए गए थे। साथ ही कई ऐसे विदेशी असहले भी मिले, जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं था।
पता चला था कि देश-विदेश से अलग-अलग पार्ट्स मंगाकर असलहे असेंबल किए गए हैं।

एटीएस सूत्रों के मुताबिक फर्जी नाम-पते से जारी असलहे, असेंबल असलहे और भारी मात्रा में कारतूस नक्सलियों को सप्लाई किए जाते थे।

एटीएस ने चरन सिंह के साथ ही कानपुर में काम करने वाले उसके कई साथियों को गिरफ्तार किया था।

एसएसपी प्रवीण कुमार ने बताया कि इसके बाद 19 अप्रैल 2013 से नेशनल गन हाउस बंद पड़ा था।

नेशनल गन हाउस का मालिक चरन सिंह जेल में भले ही बंद हो, लेकिन पुलिस की नजरों में उसकी भूमिका संदिग्ध है। दरअसल गन हाउस में कई ऐसे असेंबल्ड असलहे हैं।

जो अदालत में चरन सिंह के खिलाफ पक्के सबूत साबित होंगे। ऐसे में खुद ही चोरी कराने की साजिश से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।

एसएसपी का कहना है कि अगर वाकई चोरी की गई, तो बाकी असलहे क्यों छोड़ दिए गए। जो असलहे चोरी किए गए हैं। वह असेंबल्ड तो नहीं हैं।

इन असलहों को सबूत मिटाने के लिए तो नहीं हटाया गया,इन तथ्यों की जांच कराई जा रही है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि चरन सिंह कैसरबाग पुलिस की मिलीभगत से गन हाउस से तमाम सुबूत साफ करवा रहा है। हजरतगंज पुलिस ने असलहों सहित बदमाशों को पकड़कर मामला खोला।

इसके बाद चोरी का रूप दिया जा रहा है। एसएसपी ने कहा कि मामले की गहराई से छानबीन के लिए एटीएस से संपर्क किया गया है।

एसएसपी ने बताया कि नेशनल गन हाउस के अलावा राजधानी की अन्य असलहा दुकानों में रखे स्टॉक और रजिस्टरों की जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट से संपर्क किया गया है।

गौरतलब है कि असलहों की दुकानों में फर्जी लाइसेंस पर असलहे बेचने,फर्जी लाइसेंस पर कारतूस चढ़ाने और इन्हें ब्लैक करने सहित तमाम अन्य धांधलियां प्रकाश में आती रही हैं।

एसएसपी ने कहा कि मजिस्ट्रेट और संबंधित थाना की पुलिस को असलहा की दुकानों की चेकिंग कराने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us