गौरी के शरीर के टुकड़े पूरे शहर में लेकर घूमे हत्यारे!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकर लॉ कालेज की छात्रा गौरी श्रीवास्तव के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद हत्यारे उसकी लाश लेकर शहर भर में घूमते रहे। पुलिस के मुताबिक गौरी का कत्ल नशीला पदार्थ खिलाकर नाका या तेलीबाग के आसपास किया गया।
इसके बाद शव किसी कार या किराये के वाहन से ले जाकर ठिकाने लगाया गया। जिन स्थानों पर गौरी की हत्या की आशंका है, वहां से शहीद पथ पर पहुंचने तक जगह-जगह वाहनों की चेकिंग होती है।
खासकर रात में मुख्य मार्गों पर बैरियर लगाकर चार पहिया वाहनों की छानबीन की जाती है, लेकिन रविवार को पुलिस सोती रही। अगर पुलिस मुस्तैद होती तो रविवार रात ही हत्यारों को पकड़ा जा सकता था।
पुलिस यह भी आशंका जता रही है कि वारदात के अगले दिन यानी सोमवार को हत्यारे दोबारा घटनास्थल के पास आए थे। रविवार को गौरी के मोबाइल की आखिरी लोकेशन तेलीबाग में पाई गई थी। इसके बाद फोन बंद हो गया था।
सोमवार दोपहर फोन फिर चालू हुआ जिसमें तेलीबाग की ही लोकेशन मिली। संभव है हत्यारों ने गौरी का मोबाइल फोन फेंक दिया हो। किसी ने फोन उठाकर ऑन किया होगा तभी मोबाइल पर कुछ एसएमएस आए जिससे टावर में उसकी लोकेशन रिकॉर्ड हो गई।
केवल वॉट्सएप पर चैट करती रही गौरी
गौरी के मोबाइल का इंटरनेट लॉग खंगालने पर पता चला कि नाका में जब वह हत्यारों के चंगुल में आई तब से उसने केवल वॉट्सएप पर चैट किया। न किसी को फोन किया न एसएमएस। नाका के जिस सीसीटीवी में वह दिख रही है उसमें भी वह चलते-चलते फोन पर टाइप कर रही थी।
पुलिस का मानना है कि हत्यारों को कॉल और एसएमएस से फंसने की आशंका रही होगी इसलिए उन्होंने गौरी से सिर्फ वॉट्सएप पर चैट और मैसेज करने के लिए कहा होगा।
लोकेशन इंटरनेट लॉग से खुलासा हुआ कि दोपहर एक बजे घर से निकलने के बाद करीब चार घंटे तक गौरी नाका, राजेंद्रनगर, कैसरबाग, अमीनाबाद और बांसमंडी में युवकों के साथ रही।इस बीच कई बार उसका फोन स्विच ऑफ हुआ। शाम करीब पौने सात बजे फोन की लोकेशन ईको पार्क में और उसके कुछ मिनट बाद खरिका तेलीबाग और सदर के मछली मोहाल में मिली।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गौरी और उसका मोबाइल एक साथ थे या हत्यारे पुलिस को भ्रमित करने के लिए मोबाइल को अलग-अलग लोकेशन पर तो नहीं ले जा रहे थे।
गौरी को पहले ही था अनहोनी का आभास
बेरहमी से कत्ल की जाने वाली एलएलबी ऑनर्स प्रथम वर्ष की छात्रा गौरी श्रीवास्तव को शायद अपने साथ होने वाली किसी अनहोनी का पहले ही आभास हो गया था। उसके फेसबुक अकाउंट में 18 अक्टूबर, 2014 को पोस्ट की गई एक स्केच का फोटो कुछ इसी तरफ इशारा करता है।
पेपर पर पेन से बनाए गए इस स्केच में गौरी ने अपने साथ हुई एक घटना का जिक्र किया था। इसमें उसने बताया कि जब वह राजाजीपुरम के ई ब्लॉक चौराहे के पास अपनी चचेरी बहिन के साथ पहुंची तो तीन लड़के उसे लगातार घूर रहे थे। उनके घूरने का अंदाज गौरी को काफी अजीब लगा।
गौरी के फेसबुक में लगे विभिन्न फोटो में केवल यही एक ऐसा है जिसे उसने खुद स्केच करके लगाया है। यदि गौरी को अपने साथ हुई हर बात को स्केच करने का शौक होता तो शायद उसके साथ हुए कुछ और घटना या किसी खास मौके के स्केच को भी उसने फेसबुक पर लगाया होता, लेकिन ऐसा नहीं है।
स्केच से क्या बताना चाहती थी गौरी
गौरी बोल्ड और बिंदास लड़की थी जिसके लिए दोस्तों में लड़कों साथ घूमना आम बात थी। जो अपने हर लम्हे को खुद सोशल मीडिया के द्वारा सबसे शेयर करती थी। ऐसे में किसी का उसे घूरना शायद उसके लिए बहुत मायने नहीं रखता था।
लेकिन फिर भी उसने इस घटना को सबसे डिसकस किया। इससे साफ जाहिर है कि यह घटना उसके लिए मामूली नहीं था। शायद इसमें कुछ और ऐसे राज छिपे हो सकते हैं जो वह बताना चाहती थी लेकिन उसका मौका नहीं आ पाया।
इस स्केच के अनुसार जहां से ये लड़के उसे घूर रहे थे उसके पीछे एक पिज्जा शॉप भी थी। फेसबुक पर लगे इस फोटो पे आए कमेंट्स के जवाब में गौरी ने इन तीनो लड़कों को बैल कहते कहा लिखा कि ये लड़के ऐसे घूर रहे थे जैसे कभी लड़की न देखी हो।
इन्हीं कमेंट्स में गौरी की फ्रेंड लिस्ट में शामिल एक लड़के ने ये भी लिखा कि सारे लड़के एक से नहीं होते। गौरी की दरिंदगी के साथ हुई हत्या के बाद इस पर भी सवाल उठते हैं कि क्या स्केच और फोटो से वह कुछ और भी बताना चाहती थी।