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हाथ-पैर बांधा, मुंह में कपड़ा ठूंसा और रस्सी से कसा गला!

Fri, 06 Feb 2015 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ।
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ। Updated Fri, 06 Feb 2015 09:19 AM IST
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Friend done harsh murder.

सोमवार दोपहर से ही लापता हर्षित उर्फ हर्ष मंगलानी (16) की उसके दोस्त सुजीत धानुक ने बड़ी बेहरमी से हत्या कर दी। उसका शव बुधवार देर रात औरंगाबाद जागीर में सुजीत के अधबने मकान में मिला। हर्ष के दोनों हाथ-पैर बंधे हुए थे। मुंह में कपड़ा ठूंसकर रस्सी से उसका गला कसा गया था।

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हत्या के बाद से ही सुजीत फरार है। पुलिस सुजीत के घरवालों के साथ ही हर्ष के ममेरे भाई अमित को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सुजीत की तलाश में क्राइम ब्रांच समेत पांच टीमें लगी हैं। सीओ कृष्णानगर अवनीश कुमार मिश्रा ने कहा कि हत्या में सुजीत के अलावा दो से तीन अन्य लोगों के भी शामिल होने की आशंका है।
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उन्होंने कहा कि फिरौती अथवा लड़की के विवाद में हत्या की आशंका जताते हुए छानबीन की जा रही है। हर्ष आलमबाग मार्केट में एसएसडी मेडिकल स्टोर के नाम से दुकान करने वाले सच्चानंद मंगलानी का इकलौता बेटा था।
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पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाए टरका दिया

Friend done harsh murder.

सच्चानंद ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह रामगली रामनगर स्थित घर से निकला, लेकिन दुकान नहीं पहुंचा। उसके मोबाइल पर फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। काफी तलाश के बाद भी जब वह नहीं मिला तो परिवारीजन रात करीब नौ बजे सराफा चौकी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने कार्रवाई के बजाए उन्हें टरका दिया। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे हर्ष का मोबाइल फोन रिसीव हुआ, लेकिन किसी ने बात नहीं की। इसके बाद फोन स्विच ऑफ बताने लगा। व्यापारियों के दबाव पर पुलिस ने मंगलवार दोपहर हर्ष के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की।

बुधवार देर रात पुलिस ने सुजीत के मकान का ताला तोड़कर हर्ष का शव बरामद किया। सीओ कृष्णानगर अवनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि अपहरण के साथ हत्या की धारा जोड़ दी गई है। सीओ का कहना है कि सुजीत की दोस्ती हर्ष के ममेरे भाई अमित से थी। अमित के जरिए करीब छह माह पहले ही हर्ष से उसकी दोस्ती हुई थी।

आंगन में खुदा था गड्ढा, दफनाने की थी तैयारी

Friend done harsh murder.

छानबीन के दौरान पता चला कि हर्ष को इलाके में गोविंद गली नटखेड़ा रोड निवासी व सिविल अस्पताल में वार्ड ब्वॉय सज्जनलाल धानुक के बेटे सुजीत के साथ देखा गया था। सुजीत का औरंगाबाद जागीर में एक अधबना मकान है। पुलिस ने बुधवार रात करीब सवा बजे ताला तोड़कर उस मकान में घुसी तो अंदर के कमरे में फर्श पर हर्ष का शव पड़ा था।

पुलिस का कहना है कि हर्ष को जमकर पिटा गया था जिससे उसका चेहरा सूज गया था। नाक से झाग निकल रहा था। शरीर गर्दन से पैर तक रस्सी से बांधा गया था। हाथ सीधे बंधे थे। आंगन में दो गड्ढे खुदे मिले। आशंका जताई जा रही है कि हर्ष का शव दफनाने के लिए ही गड्ढा खोदा गया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसने से मौत की पुष्टि हुई है।

पुलिस ने बुधवार दोपहर सुजीत को पकड़ लिया था। उसे सराफा चौकी लाकर पूछताछ भी की गई लेकिन इलाके के व्यापारी उसके समर्थन में आ गए। आखिरकार रात करीब आठ बजे उसे छोड़ना पड़ा। इसके करीब 4 घंटे बाद ही उसके मकान में हर्ष की लाश मिल गई। अब सुजीत फरार है।

500 रुपए लेकर पुलिस ने लिखी थी रिपोर्ट

Friend done harsh murder.

मुख्यमंत्री भले ही यूपी पुलिस के चुस्त और तेज होने का दावा करें, लेकिन हर बार राजधानी की पुलिस का भ्रष्ट और लापरवाह रवैया सामने आ जाता है। यह हाल तब है जब हाल ही में मुख्यमंत्री ने मार्डन कंट्रोलरूम की सक्रियता का दावा करते हुए कहा था कि अभी फोन मिलाकर देखिए, रिस्पांस मिलेगा।

सच्चानंद जब हर्ष के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने कृष्णानगर पुलिस थाने पहुंचे तो उनसे 500 रुपये वसूलने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की। यही नहीं, हर्ष की तलाशी के लिए वाहन ़की दिक्कत का बहाना बनाकर और भी शोषण करने की कोशिश की गई।

पुलिसिया लापरवाही की इंतहा तो तब हो गई जब आरोपी युवक के गिरफ्त में आने के बावजूद दबाव में उसे छोड़ दिया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का जो समय बताया गया है, उससे चार घंटे पहले ही सुजीत को पुलिस ने छोड़ दिया था। मुमकिन है कि आरोपी ने पोल खुल जाने के डर से पुलिस गिरफ्त से छूटते ही हर्ष की हत्या कर दी।

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