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'मास्टर माइंड' ठगों ने नौकरी देने के नाम पर बिछाया जाल, महीनों बेवकूफ बनाते हुए करोड़ों ले उड़े

Wed, 14 Mar 2018 09:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 14 Mar 2018 09:55 AM IST
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fraud on the name of government jobs in lucknow.
हजरतगंज थाने के बाहर ठगी के शिकार। - फोटो : amar ujala

लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, राजस्व, शिक्षा विभाग, रेलवे और हाईकोर्ट समेत कई सरकारी विभागों में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से करोड़ों रुपये ठग लिए गए। बेखौफ ठगों ने पैसा लेने के बाद दो महीने ट्रेनिंग भी करा दी। इसके बाद नियुक्ति पत्र दिया गया जब वे उसे लेकर जॉइन करने पहुंचे तब उन्हें ठगे जाने का पता चला।

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पीड़ित युवकों ने हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस का मानना है कि ठगी करने वाले इस गिरोह का नेटवर्क सोनभद्र, मिर्जापुर, गाजीपुर, बलिया, मऊ, जौनपुर और आजमगढ़ जिलों में हो सकता है। पिछले साल भी एक इसी तरह के एक गिरोह ने सैकड़ों युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए थे।
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गिरोह के शिकार सोनभद्र के मेदनीखाड़ निवासी रमेश कुमार यादव ने बताया कि उनकी मुलाकात गोमतीनगर के विकासखंड निवासी विकास उर्फ अरुण यादव से हुई। उसने बस्ती के मुंडेरवा धौरहरा गोवना निवासी आदर्श राय से मुलाकात कराई। आदर्श ने सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने की बात कही। कई बार हुई मुलाकात के दौरान वहां खुद को एलडीए का कर्मचारी बताने वाला वीरेंद्र श्रीवास्तव और रुद्र प्रताप राय भी मिले।
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सभी ने कहा कि उनकी पहुंच एलडीए, राजस्व परिषद, रेलवे, हाईकोर्ट और नगर निगम सहित कई अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों तक है। वहां स्थायी और अस्थायी नौकरी बड़े आसानी से मिल सकती है। रमेश के मुताबिक, जालसाजों ने 2017 के मई में कहा कि इस समय नियुक्तियां निकली हैं। इसमें जिसको चाहो भर्ती करा लो। इस पर रमेश ने अपने कई रिश्तेदारों व परिचितों से बातचीत की। रोजगार की तलाश कर रहे सभी ने हामी भर दी।

लोकसभा अध्यक्ष के फर्जी आदेश से कराई नियुक्ति

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जालसाजों ने शिक्षा विभाग में नियुक्ति के लिए लोकसभा अध्यक्ष का आदेश भी तैयार कर डाला। आदेश के लेटर में लिखा गया माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नई दिल्ली के इलाहाबाद कार्यालय में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति के लिए। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नई दिल्ली ने जालसाजों की मिलीभगत से एक आदेश जारी किया जिसमें लिखा था, ‘सीबीएसई इलाहाबाद कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदोन्नति के फलस्वरूप लोकसभा अध्यक्ष के आदेशानुसार कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया जाता है।’

वेतन के लिए खुलावाए बैंक खाते, जो चेक दिए बाउंस हो गए
जालसाजों ने युवकों को अपने झांसे में बनाए रखने का पूरा इंतजाम किया था। नियुक्ति पत्र जारी होने के साथ ही सभी को वेतन देने के लिए एचडीएफसी बैंक में खाते खुलवाए। सभी के दस्तावेज जमा कराए गए। इसके बाद सभी को दो से तीन महीने का वेतन चेक के जरिये दिया गया। जो चेक भुगतान के लिए खाते में लगाते ही बाउंस कर गया। मंगलवार को पीड़ित हजरतगंज कोतवाली पहुंचे। जहां सीओ अभय कुमार मिश्रा ने पीड़ितों की बात सुनने के बाद केस दर्ज करने का आदेश दिया।

जॉइनिंग करने पहुंचे तो हुआ ठगे जाने का चला पता
पीड़ितों ने बताया कि नियुक्ति पत्र लेकर जब जॉइन करने संबंधित विभाग में पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों ने नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया। ज्यादातर लोगों को पूर्वांचल के ही जिलों में तैनाती दी। युवकों ने बताया कि जॉइनिंग से पहले लखनऊ में जालसाजों ने उनको दो माह की ट्रेनिंग भी दी थी। फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद जालसाजों के सभी मोबाइल नंबर बंद आ रहे थे।

एलडीए में इन पदों पर की थी फर्जी नियुक्ति

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सीओ ने बताया कि जालसाजों ने एलडीए में आशुलिपिक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, टेक्नीशियन, लिपिक, चपरासी के पदों पर 27 बेरोजगार युवकों की फर्जी नियुक्ति की थी। इसमें शंभू प्रसाद यादव, अशोक कुमार, लवकुश पटेल, आकाश गुप्ता, संतोष कुमार यादव, राजेंद्र प्रसाद, विवेक सिंह, संतोष गौतम, श्रवण कुमार, बृजेश कुमार, आलोक राय, अभिषेक प्रताप, उमेश प्रसाद, बलजीत सिंह, दिनेश प्रताप, नीरज राय, संतोष पांडेय, सुनील मिश्रा, अशोक कुमार सिंह, निलेश कुमार, मयंक सिंह, अरुण सिंह, कृष्ण मुरारी, हजारी चौबे, विवेक तिवारी, संतोष मिश्रा और राकेश राय की नियुक्ति की गई थी।

जालसाजों ने सीयूजी नंबर से भी किया था कॉल
पीड़ितों ने पुलिस को कुछ मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए हैं, जिनसे उनको कॉल कर नियुक्ति की जानकारी दी जाती थी। इन्हीं नंबरों के माध्यम से उनसे रकम की वसूली की गई। इसमें कुछ मोबाइल नंबर सीयूजी हैं, जिसका प्रयोग जालसाज आदर्श राय करता था। आदर्श राय ने ठगी के लिए 20 मोबाइल नंबर का प्रयोग किया। इसके अलावा उसने सात मोबाइल नंबर वाट्सएप के लिए रखा था। वहीं विकास यादव के पास चार, वीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव के पास दो, आरके यादव और इफ्तेखार हुसैन जाफरी एक-एक मोबाइल नंबर का प्रयोग करते थे।

रुपये खर्च करो, नौकरी की गारंटी है...
पीड़ितों के मुताबिक, जालसाजों ने दावा किया कि किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने की उनकी गारंटी है, बस रुपये खर्च करने होंगे। जालसाजों ने कहा कि आधी रकम एडवांस में जमा करना होगा, बाकी नियुक्ति पत्र मिलने के वक्त। कुछ दिन बाद युवकों ने आधी रकम जमा कर दी। इसके बाद सभी के दस्तावेज जालसाजों ने ले लिए। कुछ दिनों बाद सभी युवकों को लखनऊ बुलाया।

हर एक से वसूले तीन से पांच लाख रुपये

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पीड़ितों ने बताया कि जालसाजों ने चतुर्थ श्रेणी की नौकरी के लिए तीन लाख और तृतीय श्रेणी के लिए चार से पांच लाख रुपये मांगे। आधी रकम जालसाजों ने अपने खाते में जमा कराए। पीड़ितों ने बताया कि यह रकम आदर्श राय, विकास यादव उर्फ अरुण, वीरेंद्र श्रीवास्तव, रुद्र प्रताप राय के खातों में आरटीजीएस के जरिए जमा कराए। बाकी रकम नियुक्ति पत्र देने से एक दिन पहले वसूल लिया।

इंटरव्यू के लिए हजरतगंज के एक होटल में ठहराया
पीड़ितों ने बताया कि जालसाजों ने जून महीने में इंटरव्यू की तारीख तय की। इसके लिए हजरतगंज स्थित रामा कृष्णा होटल में कई कमरे बुक कराए। जहां सभी बेरोजगारों को ठहराया। वहीं से गोमतीनगर स्थित एलडीए के कार्यालय ले गए। जहां एक कमरे में इंटरव्यू हुआ। कमरे में तीन अधिकारियों ने सभी का साक्षात्कार लिया। इसके बाद सभी को अगले महीने तक नियुक्ति पत्र मिलने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया। जालसाजों ने सभी युवकों से दो-दो हजार रुपए ठहराने और भोजन कराने के नाम पर वसूले।

एलडीए वीसी के कमरे के बाहर दिया नियुक्ति पत्र
पीड़ितों कहना है कि जालसाजों ने सारी औपचारिकता 28 जुलाई 2017 को पूरी कर ली। इसके बाद सभी को एलडीए ऑफिस बुलाया गया। वहां वीसी के कमरे के बाहर सभी को बैठाया गया। दो जालसाज फाइल लेकर कमरे में गए और कुछ देर बाद बाहर आकर सभी को नियुक्ति पत्र सौंपा। सभी की रिसीविंग भी हासिल की। नियुक्ति पत्र पर प्रमुख सचिव गृह और उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण के हस्ताक्षर थे।

सेवा पुस्तिका के नाम पर वसूले 10-10 हजार

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युवकों ने बताया कि 11 अगस्त को प्रमुख सचिव के हस्ताक्षर से सूची जारी करने के बाद सभी को बुलाया गया। प्रति व्यक्ति दो-दो हजार रुपये कमरा के नाम पर वसूले गए। इसके अलावा 10-10 हजार रुपये सेवा पुस्तिका के नाम पर लिए गए। यह रकम अतिरिक्त थी। इसके बाद सभी को अपने नियुक्ति स्थान पर जाने का निर्देश दिया गया।

कई जिलों में फैला है जालसाजों का नेटवर्क
सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि जालसाजों का नेटवर्क कई जिलों में है। जालसाजों ने युवकों से करोड़ों रुपये हड़पे हैं। सभी के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगा दिया गया है। कॉल डिटेल मंगाई जा रही है। सभी के खातों की भी डिटेल बैंक से मंगाई जाएगी।

सोशल साइट लगाया था पूर्व सीएम के साथ फोटो
जालसाज आदर्श राय ने अपने सोशल साइट के अकाउंट पर पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तस्वीर लगा रखी है। पीड़ितों के मुताबिक, आरोपी के घर में भी सपा के बड़े नेताओं की तस्वीर लगी हैं। इसी को दिखाकर जालसाजी का धंधा करते हैं। सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द गिरोह का खुलासा कर दिया जाएगा।

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