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बसपा नेता के नाम पर दस लाख की हेराफेरी, साजिश नाकाम

Fri, 18 Mar 2016 08:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 18 Mar 2016 08:54 AM IST
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Fraud for money on the name of BSP leader.
पकड़े गए जालसाज - फोटो : amar ujala

बसपा कार्यकाल में राज्यमंत्री रहे नदीम जायसी व बसपा नेता इजहारुलहक को विधान परिषद में नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नाम का एक पत्र मिलता है। इसमें आर्थिक रूप से परेशान होने और पांच-पांच लाख रुपये की मदद करने की बात लिखी गई थी।

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रुपये का इंतजाम कर जब दोनों नसीमुद्दीन सिद्दीकी के यहां पहुंचे तो भेद खुला कि यह काम जालसाजों का है। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और पांच ठग दबोचे गए। उनके पास से नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नाम का फर्जी लेटर पैड और लिफाफे बरामद हुए हैं। पकड़े गए जालसाजों में दो बसपा नेताओं के ही ड्राइवर हैं।
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एसओ कैंट अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि बसपा कार्यकाल में पूर्व राज्यमंत्री रहे नदीम जायसी व बसपा के बड़े नेता इजहारुलहक के घर पर लगभग एक सप्ताह पहले विधान परिषद में नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नाम से एक लिफाफा पहुंचा।
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इसमें नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नाम से फर्जी लेटर पैड पर लिखी गई चिट्ठी मिली। इसमें नसीमुद्दीन सिद्दीकी को आर्थिक रूप से परेशान होने की बात लिखी हुई थी। साथ ही पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद मांगी गई थी।

इस तरह हुई गिरफ्तारी

Fraud for money on the name of BSP leader.
जालसाजों के साथ पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नाम से इस तरह का पत्र मिलने के बाद दोनों बसपा नेता रुपये का इंतजाम करने की कोशिशों में जुट गए। उन्होंने पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, तो जालसाज खुद को नसीमुद्दीन सिद्दीकी का पीए बताकर जल्द रुपये का इंतजाम करने की बात करने लगे।

बसपा के दोनों नेता रुपये का इंतजाम करके नसीमुद्दीन सिद्दीकी से मिलने पहुंचे तो पता चला कि उनकी तरफ से ऐसा कोई पत्र उन्हें भेजा ही नहीं गया। जो पत्र उन्हें मिला है वह नकली है। इसके बाद नेता विरोध दल के निजी सचिव महावीर सिंह सेंगर ने कैंट थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

रुपये लेने आए और पहुंच गये थाने
पुलिस ने पत्र में लिखे मोबाइल नंबर पर नदीम जायसी व हजहारुल हक बनकर संपर्क किया। कैश के साथ बीएम पेट्रोल पंप के पास मिलने की जगह तय हुई। पुलिस ने रुपये लेने पांच जालसाजों को वहां से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में उनकी पहचान माल के हरिहरपुर थानाक्षेत्र निवासी नागेंद्र यादव, माल के गहदो निवासी लल्लन, अरुण लोधी, रायबरेली के शिवरतनगंज निवासी शान मोहम्मद उर्फ शानू, हरदोई के सिकरौरी निवासी सोनू रैदास के रूप में हुई।

सपा नेताओं के ड्राइवर भी शामिल

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नागेंद्र खुद भी बसपा के एक नेता का ड्राइवर था - फोटो : amar ujala

इस गिरोह का मास्टरमाइंड नागेंद्र यादव है। उसी ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नाम से बसपा नेताओं से रुपये मांगने का प्लान तैयार किया था। नागेंद्र खुद भी बसपा के एक नेता का ड्राइवर था।

इसी तरह, शान मोहम्मद भी बसपा के नेता का ड्राइवर था। सोनू रैदास प्राइवेट कार चलाता था। लल्लन गद्दी दूध का काम करता था।

तलाशा जा रहा आपराधिक इतिहास
एसओ कैंट ने बताया कि पकड़े गए पांचों जालसाजों के बारे में आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। इस बात की जांच की जा रही है कि इससे पहले उन्होंने बसपा नेताओं के साथ ठगी की है या नहीं।

साथ ही अब तक कितने और नेताओं के घर पर नसीमुद्दीन के नाम से फर्जी पत्र भेजा है। फिलहाल कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।

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