अवैध प्लास्टिक सामान की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, लाखों का सामान राख
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लखनऊ के कैसरबाग के हीवेट रोड सुन्दरबाग स्थित तीन मंजिले प्लास्टिक सामान की फैक्ट्री में शनिवार देर रात आग लग गई। फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और आग की लपटों से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से भागकर जान बचाने में जुट गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस व फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर छह दमकल की गाड़ियों ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फैक्ट्री मालिक के मुताबिक आग की चपेट में आने से करीब छह लाख रुपए का सामान जलकर राख हो गया।
माल एवेन्यू सरोजनी मार्ग निवासी आशीष कुमार रौनियाल का कैसरबाग के सुन्दरबाग में जेन होटल प्रोडक्ट के नाम से प्लास्टिक सामानों की फैक्ट्री व गोदाम है। रिहायशी इलाके में तीन मंजिला भवन में यह फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी। स्थानीय लोगों ने इसके खिलाफ कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार शाम को बकरीद का त्योहार था। इस दिन फैक्ट्री के ज्यादातर कर्मचारी अवकाश पर थे।
ड्यूटी पर गार्ड पंकज, नौकर दयाशंकर और नंदलाल थे। देर रात करीब साढ़े तीन बजे फैक्ट्री के तीसरी मंजिल से आग की लपटें और धुआं निकलने लगा। इसे देख गार्ड पंकज ने फैक्ट्री मालिक आशीष को सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर आशीष का भाई आनंद पहुंचा। आनंद ने पुलिस और फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर इंस्पेक्टर कैसरबाग धीरेन्द्र कुमार उपाध्याय और सीएफओ अभय भान पाण्डेय टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
फैक्ट्री में रखा था रसोई गैस सिलेंडर, हुआ धमाका
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि तीसरी मंजिल से होते हुए नीचले हिस्से तक पहुंच गई। फैक्ट्री में रसोई गैस का सिलेंडर रखा था। जो आग की लपटों से घिर गया। जब तक फायरकर्मी पहुंचते वह तेज धमाके के साथ फट गया। जिससे स्थानीय लोगों में काफी दहशत फैल गई। लोग अपना घर छोड़कर बाहर आ गए। पड़ोसी सैय्यद अख्तर ने बताया कि आग काफी तेज थी।
आसपास के कई मकान उसकी चपेट में आग गए। एक अपार्टमेंट की सीढ़ियों पर रसोई गैस सिलेंडर रखा था। उसकी के पास के कमरे में रखा हुआ सारा सामान जल गया। अगर सिलेंडर में आग लग जाती तो बड़ा हादसा हो जाता।
फैक्ट्री से निकल रही थी आग की लपटें, चारो तरफ छाया काला धुआं
सुबह करीब साढ़े चार बजे मौके पर दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां पहुंची। अधिकारियों के पहुंचने पर वहां चारो तरफ काला धुआं ही दिख रहा था। फैक्ट्री की तरफ नजर डालने पर तेल लपटें निकलती दिखने लगी। फायरकर्मियों को आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रास्ता काफी सकंरा था। जिसके कारण दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी।
सीएफओ अभयभान पाण्डेय ने सूझबूझ से आग बुझाने का सिलसिला शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए फायरकर्मियों को फैक्ट्री की छत काटनी पड़ी। इसकेबाद आग पर करीब पांच घंटे के बाद काबू पाया गया। इस दौरान आधा दर्जन दमकल की गाड़ियों ने दो चक्कर लगाए। पुलिस के मुताबिक अवैध फैक्ट्री का बीमा भी कराया गया था।