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एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बृजलाल के खिलाफ बहू ने किया प्रताड़ना का केस

Fri, 08 Mar 2019 01:41 AM IST
सौरभ दिक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: सौरभ दिक्षित Updated Fri, 08 Mar 2019 01:41 AM IST
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FIR on the president of sc&st commission
एफआईआर
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष व पूर्व डीजीपी बृजलाल पर उनकी बहू अनीता कुमारी ने प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए महिला थाना में केस दर्ज कराया है। अनीता का आरोप है कि ससुर के साथ ही पति, सास और ननद दहेज की मांग लेकर उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना कर रहे हैं।
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महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक शारदा चौधरी ने बताया कि पीड़िता अनीता कुमारी गोरखपुर के बशारतपुर मेडिकल रोड की रहने वाली है। उसकी शादी नौ फरवरी 2018 को गोमतीनगर एक्सटेंशन निवासी एससी-एसटी आयोग के चेयरमैन व पूर्व डीजीपी बृजलाल के बेटे अपूर्व कृष्ण से हुई थी।
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अनीता का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति व सास-ससुर उसे कम दहेज लाने का ताना दे रहे हैं। वह उस पर मायके से 20 लाख रुपये लाने का दबाव बना रहे हैं। इतनी रकम देने में असमर्थता जताने पर उसके साथ मारपीट की जाती है।
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उसका कहना है कि शादी के वक्त पिता ने काफी दान-दहेज दिया था, लेकिन ससुरालवालों को संतुष्टि नहीं हुई। उसे ससुराल में कभी भी सम्मान नहीं मिला। हर वक्त ताने दिए जाते हैं। पिटाई की जाती है और भूखा रखा जाता है। लोक-लाज के चलते उसने कभी मायकेवालों को प्रताड़ना और मारपीट के बारे में नहीं बताया।

किडनी दान करने का बनाया दबाव, ट्रांसप्लांट के लिए मांगे 10 लाख रुपये
अनीता ने एफआईआर में लिखा है कि ससुर बृजलाल की किडनी खराब है। 14 फरवरी 2018 की शाम उसकी सास सरोज प्रसाद ने एक फार्म पर दस्तखत करने को कहा। पढ़ने पर पता चला कि वह किडनी दान करने का सहमति फार्म है। उसमें लिखा था कि ऑपरेशन के दौरान अगर उसकी मृत्यु हो गई तो उसकी ही जिम्मेदारी होगी। अनीता ने फार्म पर दस्तखत करने से मना कर दिया। अनीता का आरोप है कि इस पर ससुरालवालों ने उसकी पिटाई की। जान से मारने का प्रयास किया, लेकिन वह भागकर कमरे में गई और दरवाजा बंद कर खुद को बचाया। किडनी दान न करने पर अनीता से मायके से दस लाख रुपये लाने के लिए कहा गया।


आरोप गलत, शादी के एक महीने बाद ही चली गई थी मायके
एससी-एसटी आयोग के चेयरमैन व पूर्व डीजीपी बृजलाल ने बहू के सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि बहू आजाद ख्याल की है। शादी के बाद से ही उसकी बेटे से नहीं बन रही थी। 12 मार्च 2018 को वह मायके चली गई, तबसे वहीं हैं। इस दौरान उसे वापस लाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उसके परिवारीजन कई बार आए और बातचीत हुई, लेकिन मामला हल नहीं हुआ। दोनों पक्ष तलाक के लिए तैयार हैं और इस पर बातचीत चल रही थी कि बहू ने एफआईआर करा दी। उन्होंने किडनी दान करने और ट्रांसप्लांट के लिए रुपये मांगने का आरोप गलत बताया। कहा कि वह दिल्ली में आठ मार्च 2018 को किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि किडनी सिर्फ रक्त संबंधों में ही ली जाती है इसलिए बहू पर किडनी दान करने का दबाव डालने की बात सरासर झूठ है।
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