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आर संस कंपनी पर 43 लोगों ने किया ठगी का केस, गाजीपुर थाने में शिकायत, जेल में बंद है कंपनी संचालक

Tue, 18 Jun 2019 01:54 AM IST
सौरभ दिक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: सौरभ दिक्षित Updated Tue, 18 Jun 2019 01:54 AM IST
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Fir of fraud against r. sons
fir
गोमतीनगर में ईएमआई पर प्लॉट दिलाने का झांसा देकर करीब 500 करोड़ रुपये ठगने की आरोपी आर संस इन्फ्रालैंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ 43 लोगों ने ठगी का केस दर्ज कराया है।
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इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी की तरफ से शिकायत दर्ज कर जांच की जा रही है। बताया कि उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के कर्मचारी सुधीर चौबे और तेलीबाग के खरिका स्थित राजीवनगर घोसियाना निवासी राम कृपाल चौहान ने आर संस के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं।
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दोनों की शिकायत में ठगी के शिकार अन्य 41 लोगों के नाम शामिल हैं। पीड़ितों ने बताया कि 2010 में देवा रोड स्थित रामस्वरूप यूनिवर्सिटी के पास जीवनदीप योजना में प्लॉट बुक कराए थे। कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव ने उन्हें प्रोजेक्ट का नक्शा दिखाया था। उसने जमीन का बैनामा दिखाया जो बाद में फर्जी निकला।
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उसने कंपनी की वेबसाइट पर भी उक्त प्रोजेक्ट का प्रचार-प्रसार किया था। पूरी किस्तें जमा करने के बाद भी बैनामा व कब्जा न मिलने पर लोगों ने कंपनी के चक्कर काटने शुरू किए। एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव उन्हें बहाने बनाकर टरकाता रहा। दबाव डालने पर गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देते हुए भगा दिया।

इतने लोग हुए ठगी के शिकार
सुधीर चौबे, अखिलेश कुमार गौतम, रमा सिंह, साधना श्रीवास्तव, अनिल कुमार जोशी, नंद किशोर कुशवाहा, अनिल कुमार, सुधीर कुमार वर्मा, राम कुमार, भूषण पांडेय, मोहम्मद सफी अहमद, शिप्रा श्रीवास्तव, रंजीत कुमार, संतोष कुमार, मिश्रीलाल, शिव कुमार, सुमित चोपड़ा, रश्मि सिंह, सुनील कुमार सिंह, इंदुजा राय, जितेंद्र सिंह, रंजना सिंह, ममता यादव, अक्षरा केशवानी, मोनिका मिश्रा, सुधा सिंह, प्रेमभूषण सिंह, अनिल कुमार, रवींद्र नाथ, चंदन सिंह, हीरेंद्र कुमार, सुधीर चौबे, हरिशंकर यादव, उर्मिला देवी, पवन कुमार शुक्ल, राम कृपाल चौहान, जावित्री सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, श्वेता तिवारी, प्रियंका रस्तोगी, मुनिया सक्सेना, सुषमा सक्सेना, नर्बदेश्वर नाथ और प्रेम शंकर श्रीवास्तव।


यह था मामला
गोमतीनगर के विराटखंड और संजयगांधीपुरम स्थित आर संस इन्फ्रालैंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालकों ने गोसाईंगंज में रहमतनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास जीवनदीप, प्रखर सिटी एक, प्रखर सिटी दो में ईएमआई पर प्लॉट दिलाने का झांसा देकर हजारों लोगों से 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठगी थी। 14 सितंबर 2011 को शुरू हुई कंपनी के संचालक लोगों के रुपये हड़पकर गायब हो गए। प्लॉट खरीदने वाले ऑफिस पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। इस बीच एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव ने देवग्रीन डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य नाम से कंपनियां खोलकर प्लॉटिंग का धंधा शुरू कर दिया। उधर, ठगी के शिकार लोगों ने कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव व अंकुर श्रीवास्तव के अलावा तरुण सिन्हा व कार्यालय अधीक्षक तरन्नुम, तबस्सुम, मनीष कुमार श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, चेतन श्रीवास्तव, मुकेश शाही, शिखा श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों के खिलाफ गोमतीनगर थाना में धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आशीष को 21 मई को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिय था जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नही हो सकी है।
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