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हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन समेत पांच पर 20 लाख रुपये ठगने का केस
Tue, 26 Mar 2019 01:27 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Tue, 26 Mar 2019 01:27 AM IST
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अभय कुशवाहा
- फोटो : अमर उजाला
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विभूतिखंड के साइबर हाइट्स टॉवर स्थित हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा और निदेशक नीलम वर्मा समेत पांच लोगों के खिलाफ 20 लाख रुपये से अधिक रकम ठगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया है।
प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार द्विवेदी ने बताया कि अयोध्या रोड स्थित ओमेगा ग्रीन अपार्टमेंट में रहने वाले सुधीर कुमार गुप्ता और उनके साथियों ने कंपनी संचालकों पर बाइक किराए पर चलाने का झांसा देकर 14 लाख रुपये व मासिक आय योजना में निवेश का झांसा देकर छह लाख रुपये ठगने की शिकायत की थी जिस पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सुधीर कुमार गुप्ता ने वर्ष 2017 में हेलो राइड कंपनी में कार्यरत अपने परिचित निखिल कुशवाहा और मोनिका यादव के कहने पर मासिक आय योजना में कई बार में छह लाख रुपये निवेश किए थे। इस बीच वर्ष 2018 में कंपनी ने हेलो राइड नाम से बाइक सेवा शुरू की।
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सुधीर ने दोस्त अक्षय कुमार झा व परिचित रीना सिंह समेत कई लोगों को योजना में शामिल करने के लिए राजी कर लिया। उन्होंने व साथियों ने कुल 23 बाइक किराये पर चलवाने के लिए कंपनी को 14.03 लाख रुपये दिए। कंपनी ने शुरुआत के दो-तीन महीने उन्हें बाइक के किराए के रूप में कुछ रुपये दिए।
इसके बाद रुपया मिलना बंद हो गया। रुपया मांगने पर कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा, निदेशक नीलम वर्मा, राजेश पांडेय, कर्मचारी मोनिका यादव और निखिल कुशवाहा कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देते। सुधीर का कहना है कि कंपनी के चेयरमैन व निदेशक ने उनके और साथियों के साथ लिखित अनुबंध किया था।
हालांकि, अनुबंध के मुताबिक धनराशि वापस नहीं की गई। सुधीर का कहना है कि उन्होंने मोनिका यादव और निखिल कुशवाहा को भी काफी रुपये नकद दिए थे। वह रुपया भी दोनों डकार गए। उन्होंने कंपनी के चेयरमैन और निदेशक समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इससे पूर्व बाराबंकी के रामनगर सुठियामऊ निवासी अरुण कुमार वर्मा, अजीमुद्दीन और दिलीप कुमार नाग समेत करीब 50 लोगों के अलावा प्रयागराज के धूमनगंज निवासी शिवनारायन सिंह और गोरखपुर के बांसगांव निवासी आशीष कुमार सिंह व शारदानगर के रुचिखंड निवासी प्रशांत कुमार द्विवेदी ने कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा व निदेशक नीलम वर्मा समेत अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करा चुके हैं।
जानिए क्या था मामला
हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा ने बीते वर्ष विभूतिखंड के साइबर हाइट्स टॉवर और नोएडा में ऑफिस खोलकर बाइक किराए पर लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का ऑफर दिया था। उसका कहना था कि एक बाइक का 61 हजार रुपया कंपनी में जमा करने पर हर महीने 9585 रुपये दिए जाएंगे। इस तरह एक साल में बाइक की रकम से दोगुनी रकम वापस की जाएगी। निवेशक की तरफ से दिए गए रुपये से कंपनी बाइक खरीदकर उसे किराए पर चलाएगी। बाइक का पंजीकरण, रखरखाव, चालक का खर्च कंपनी खुद वहन करेगी। अभय कुशवाहा ने योजना से उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए। शुरुआत में कंपनी ने कुछ बाइक खरीदी भी, लेकिन बाद में 99 प्रतिशत लोगों का रुपया डकारकर रीयल एस्टेट में लगा दिया। ठगी के शिकार लोगों को मुनाफा नही मिला तो उन्होंने केस दर्ज कराए। पुलिस ने चेयरमैन अभय कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया था जबकि नीलम वर्मा और राजेश पांडेय समेत मारपीट के आरोपी कंपनी के कर्मचारी गौरव वर्मा, नावेद, राहुल द्विवेदी और आयूष तिवारी का सुराग नहीं मिल सका है।
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प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार द्विवेदी ने बताया कि अयोध्या रोड स्थित ओमेगा ग्रीन अपार्टमेंट में रहने वाले सुधीर कुमार गुप्ता और उनके साथियों ने कंपनी संचालकों पर बाइक किराए पर चलाने का झांसा देकर 14 लाख रुपये व मासिक आय योजना में निवेश का झांसा देकर छह लाख रुपये ठगने की शिकायत की थी जिस पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सुधीर कुमार गुप्ता ने वर्ष 2017 में हेलो राइड कंपनी में कार्यरत अपने परिचित निखिल कुशवाहा और मोनिका यादव के कहने पर मासिक आय योजना में कई बार में छह लाख रुपये निवेश किए थे। इस बीच वर्ष 2018 में कंपनी ने हेलो राइड नाम से बाइक सेवा शुरू की।
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सुधीर ने दोस्त अक्षय कुमार झा व परिचित रीना सिंह समेत कई लोगों को योजना में शामिल करने के लिए राजी कर लिया। उन्होंने व साथियों ने कुल 23 बाइक किराये पर चलवाने के लिए कंपनी को 14.03 लाख रुपये दिए। कंपनी ने शुरुआत के दो-तीन महीने उन्हें बाइक के किराए के रूप में कुछ रुपये दिए।
इसके बाद रुपया मिलना बंद हो गया। रुपया मांगने पर कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा, निदेशक नीलम वर्मा, राजेश पांडेय, कर्मचारी मोनिका यादव और निखिल कुशवाहा कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देते। सुधीर का कहना है कि कंपनी के चेयरमैन व निदेशक ने उनके और साथियों के साथ लिखित अनुबंध किया था।
हालांकि, अनुबंध के मुताबिक धनराशि वापस नहीं की गई। सुधीर का कहना है कि उन्होंने मोनिका यादव और निखिल कुशवाहा को भी काफी रुपये नकद दिए थे। वह रुपया भी दोनों डकार गए। उन्होंने कंपनी के चेयरमैन और निदेशक समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इससे पूर्व बाराबंकी के रामनगर सुठियामऊ निवासी अरुण कुमार वर्मा, अजीमुद्दीन और दिलीप कुमार नाग समेत करीब 50 लोगों के अलावा प्रयागराज के धूमनगंज निवासी शिवनारायन सिंह और गोरखपुर के बांसगांव निवासी आशीष कुमार सिंह व शारदानगर के रुचिखंड निवासी प्रशांत कुमार द्विवेदी ने कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा व निदेशक नीलम वर्मा समेत अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करा चुके हैं।
जानिए क्या था मामला
हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा ने बीते वर्ष विभूतिखंड के साइबर हाइट्स टॉवर और नोएडा में ऑफिस खोलकर बाइक किराए पर लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का ऑफर दिया था। उसका कहना था कि एक बाइक का 61 हजार रुपया कंपनी में जमा करने पर हर महीने 9585 रुपये दिए जाएंगे। इस तरह एक साल में बाइक की रकम से दोगुनी रकम वापस की जाएगी। निवेशक की तरफ से दिए गए रुपये से कंपनी बाइक खरीदकर उसे किराए पर चलाएगी। बाइक का पंजीकरण, रखरखाव, चालक का खर्च कंपनी खुद वहन करेगी। अभय कुशवाहा ने योजना से उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए। शुरुआत में कंपनी ने कुछ बाइक खरीदी भी, लेकिन बाद में 99 प्रतिशत लोगों का रुपया डकारकर रीयल एस्टेट में लगा दिया। ठगी के शिकार लोगों को मुनाफा नही मिला तो उन्होंने केस दर्ज कराए। पुलिस ने चेयरमैन अभय कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया था जबकि नीलम वर्मा और राजेश पांडेय समेत मारपीट के आरोपी कंपनी के कर्मचारी गौरव वर्मा, नावेद, राहुल द्विवेदी और आयूष तिवारी का सुराग नहीं मिल सका है।