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सीबीसीआईडी के कर्मचारियों को आर संस ने प्लॉट के नाम पर ठगा, गोमतीनगर थाने में मामला दर्ज
Sun, 19 May 2019 01:28 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Sun, 19 May 2019 01:28 AM IST
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गोमतीनगर थाने में सीबीसीआईडी के कर्मचारी शिवलाल और दिनेश कुमार ने आर संस इन्फ्रालैंड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों पर प्लॉट के नाम पर ठगी का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक रामसूरत सोनकर ने बताया कि ठगी के शिकार दोनों व्यक्ति विकल्पखंड स्थित सीबीसीआईडी कॉलोनी में रहते हैं। शिवलाल ने कंपनी की गोसाईंगंज नई जेल के पास स्थित प्रखर सिटी दो योजना में 12 अप्रैल 2013 को एक हजार वर्ग फीट का प्लॉट बुक कराया था।
प्रबंध निदेशक आशीष कुमार श्रीवास्तव ने प्लॉट की कीमत 3.25 हजार रुपये बताते हुए चार हजार रुपये मासिक किस्तों में भुगतान की योजना बताई। शिवलाल ने 2.58 हजार रुपये जमा कर दिए। इस बीच कंपनी संचालक हजारों लोगों का रुपया लेकर भाग गए।
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इसी तरह दिनेश कुमार ने देवा रोड पर रामस्वरूप विश्वविद्यालय के सामने स्थित कंपनी की योजना में छह जनवरी 2010 में एक-एक हजार वर्ग फीट के दो प्लॉट बुक कराए थे। प्लॉट की कीमत के रूप में वह अब तक 5.13 हजार रुपये जमा कर चुके हैं।
उन्होंने प्रबंध निदेशक से रजिस्ट्री करने को कहा तो वह बहाने बनाकर टालता रहा। इसके बाद वह कंपनी बंद करके भाग गया। दिनेश कुमार ने कंपनी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार श्रीवास्तव के साथ ही कर्मचारी तबस्सुम, तरन्नुम, अंकुर श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव व शिखा श्रीवास्तव के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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प्रभारी निरीक्षक रामसूरत सोनकर ने बताया कि ठगी के शिकार दोनों व्यक्ति विकल्पखंड स्थित सीबीसीआईडी कॉलोनी में रहते हैं। शिवलाल ने कंपनी की गोसाईंगंज नई जेल के पास स्थित प्रखर सिटी दो योजना में 12 अप्रैल 2013 को एक हजार वर्ग फीट का प्लॉट बुक कराया था।
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प्रबंध निदेशक आशीष कुमार श्रीवास्तव ने प्लॉट की कीमत 3.25 हजार रुपये बताते हुए चार हजार रुपये मासिक किस्तों में भुगतान की योजना बताई। शिवलाल ने 2.58 हजार रुपये जमा कर दिए। इस बीच कंपनी संचालक हजारों लोगों का रुपया लेकर भाग गए।
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इसी तरह दिनेश कुमार ने देवा रोड पर रामस्वरूप विश्वविद्यालय के सामने स्थित कंपनी की योजना में छह जनवरी 2010 में एक-एक हजार वर्ग फीट के दो प्लॉट बुक कराए थे। प्लॉट की कीमत के रूप में वह अब तक 5.13 हजार रुपये जमा कर चुके हैं।
उन्होंने प्रबंध निदेशक से रजिस्ट्री करने को कहा तो वह बहाने बनाकर टालता रहा। इसके बाद वह कंपनी बंद करके भाग गया। दिनेश कुमार ने कंपनी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार श्रीवास्तव के साथ ही कर्मचारी तबस्सुम, तरन्नुम, अंकुर श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव व शिखा श्रीवास्तव के खिलाफ केस दर्ज कराया है।