हत्या करके बेटे को दफनाने जा रहा था बाप तब तक पहुंच गई पत्नी
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लखनऊ के नगराम में संपत्ति के लिए एक पिता ने अपने तीन साल के बच्चे का कत्ल कर दिया। आनन-फानन में उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, लेकिन तभी उसकी पत्नी को इसकी भनक लग गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हो गई है।
एसओ नगराम सुभाष सिंह के मुताबिक, गांव करौरा निवासी मकरंदी मकान व जमीन बेचना चाहता था, लेकिन उसकी पत्नी बाधक बनी थी। इसे लेकर पत्नी बुधाना से उसका विवाद चल रहा था। 29 जनवरी को मकरंदी ने बुधाना पर बांके से हमला कर लहूलुहान कर दिया था।
इस मामले में नगराम थाने में रिपोर्ट दर्ज थी। वह बुधाना को जान से मारने की धमकी देता था। डर की वजह से बुधाना कई महीने से निगोहां के उदयपुर में बुआ के घर पर रह रही थी। जबकि उसके तीनों बच्चे शनि (7), शिवानी (5) और खुशीराम (3) अपने पिता मकरंदी के साथ ही रह रहे थे।
उनकी देखभाल दादी सरजू देई करती थी। परिवारीजनों ने पुलिस को बताया कि मकरंदी सोमवार देर शाम चार बजे घर लौटा और खुशीराम को अपने साथ सुलाने को कमरे में ले गया। कुछ देर बाद खुशीराम वहां से नदारद हो गया।
भाई टॉफी लेकर आया तो लगा मौत का पता
शाम लगभग सात बजे शनि उसके लिए टॉफी लेकर आया और कमरे में गया। खुशीराम के शरीर में कोई हरकत न होती देख उसने शोर मचाया। दादी सरजू देई अन्य ग्रामीणों के साथ उसे लेकर अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी। जानकारी होते ही बुधाना ने पति पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जांच पड़ताल की तो मामला संदिग्ध लगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह दबाकर दम घोटे जाने से खुशीराम की मौत की पुष्टि हो गई।
बुधाना के पहले पति बजरंग की सात साल पहले मौत हो गई थी। अपने बेटे शनि को पालने के लिए मजबूरी में उसे अपने देवर मकरंदी संग शादी करनी पड़ी। इसके बाद बजरंग के हिस्से की संपत्ति बुधाना व उसके बच्चों के नाम हो गई।
कुछ महीने पहले मकरंदी ने बजरंज के मकान का सौदा दस लाख रुपये में कर दिया। जबकि वह अपने हिस्से की संपत्ति पहले ही बेच चुका है। गांव के ही लोटन से 40 हजार रुपये बयाना भी ले लिया। इसके बाद वह बुधाना पर इस मकान की रजिस्ट्री में गवाही देने का दबाव बना रहा था। बुधाना तैयार नहीं थी।
इससे मकरंद उसे पीटता था और जान से मारने की धमकी देता था। बात न मानने पर बच्चों की हत्या करने की धमकी भी दी थी।
दादी को नहीं हो रहा यकीन
मासूम खुशीराम को बुधाना अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करती थी। पति की मारपीट व प्रताड़ना से तंग होकर बुआ के घर रह रही थी और मजबूरी में अपने कलेजे के टुकड़े को दूर कर दिया।
अब खुशीराम की मौत के बाद उसका रो-रोकर बुरा हाल था। बड़ी बहन शिवानी भी अपने मासूम भाई को तलाशती रही। दादी सरजू देई को भी यकीन नहीं हो रहा कि उसके बेटे ने ही पोते ही हत्या कर दी।
निगोहां के गांव उदयपुर के ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मकरंदी आपराधिक प्रवृत्ति का था। वह अक्सर ही पत्नी संग मारपीट करता था। कई बार थाने में शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
मकरंदी ने छोटे बेटे को सोची समझी साजिश के तहत मारा। हत्या से पहले उसने जहरीला पदार्थ भी खिलाया। वह सुबह होते ही अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। बीमारी से बच्चे की मौत होने की बात कह रहा था। वह पुलिस से पोस्टमार्टम न कराने की गुहार लगाता रहा। हालांकि न तो परिवारवालों ने उसकी बातों पर यकीन किया और न ही पुलिस ने।