मौसम बना दुशमन, खुदकुशी की
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रामकोट थाना क्षेत्र में कर्ज से परेशान किसान बलराम पांडेय ने फांसी लगाकर जान दे दी। उस पर तीन बैंकों का करीब तीन लाख रुपये कर्ज था।
इससे वह तनाव में था। पिछले दो साल की तरह इस बार भी मौसम की वजह से फसल खराब होने के बाद वो बेहद परेशान था।
इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली। उसका शव गांव के बाहर एक आम के पेड़ से लटका मिला।
परिवारीजनों ने बताया कि बलराम बुधवार शाम खेतों की तरफ गए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर तलाश शुरू हुई तो उनका शव पेड़ पर फंदे पर लटका मिला।
बलराम की पत्नी उर्मिला देवी व पुत्र अवनीश ने बताया कि बलराम ने करीब दो वर्ष पूर्व स्टेट बैंक व एक अन्य बैंक से करीब तीन लाख रुपये का कर्ज लिया गया था।
इस साल भी दगा दे गया मौसम
इसमें से डेढ़ लाख रुपये मां रामदुलारी देवी के नाम पर था। अवनीश ने बताया कि उसके पिता के पास महज 10 बीघा खेती है। दो साल से मौसम की मार के चलते कर्ज चुकाने भर अनाज भी पैदा नहीं कर सके थे।
इस बार बेहतर फसल की उम्मीद थी, लेकिन मौसम फिर दगा दे गया। इससे पिताजी अक्सर तनाव में रहते थे। परिवार का कहना है कि कर्ज के लिए बैंक ने कोई दबाव नहीं बनाया।
रामकोट थानाध्यक्ष केके मिश्रा ने बताया परिवार ने मौखिक रूप से कर्ज की बात कही है।