युवतियों को फंसाने के लिए बना फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल, आर्मी ने यूं किया खुलासा
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पुलिस अधिकारी और सेना में जाने का सपना पूरा नहीं हुआ तो लेफ्टिनेंट कर्नल की वर्दी बनवाई। नेम प्लेट तैयार किया। कार पर गोरखा रेजीमेंट का प्रतीक चिह्न लगाकर घूमने लगा। उसके इस रसूख और दिखावे में दर्जनों युवतियों को अपनी जाल में फंसा लिया।
इसकी जानकारी जब सेना के खुफिया विंग को हुई तो पड़ताल शुरू की गई। मंगलवार को हजरतगंज पुलिस को इस फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल के बारे में जानकारी दी गई। बुधवार सुबह होते ही सेना का यह फर्जी ऑफिसर गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से पुलिस ने लाइसेंसी असलहा, ड्राइविंग लाइसेंस व कुछ अन्य दस्तावेज बरामद कर जेल भेज दिया।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि साइबर क्राइम सेल ने सेना खुफिया विंग की सूचना पर एक युवक को भारतीय स्टेट बैंक की कैसरबाग शाखा के पास से सफेद कार सहित दबोच लिया।
पकड़ा गया फर्जी ऑफिसर मूलरुप से बहराइच के कानूनगो कॉलोनी का रहने वाला अरविंद मिश्रा है।
वह लखनऊ में एक साल से अंसल सिटी में किराए के मकान में रह रहता था। अरविंद मिश्रा अपने आप को लेफ्टीनेंट कर्नल बताता था और अपनी कार व घर के बाहर भी लेफ्टीनेंट कर्नल की नेम प्लेट लगा रखी थी। यहीं नहीं वह वर्दी और बैच लगाकर भी चलता था।
फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर दोस्ती कर जाल में फंसता था
सपना पूरा करने के लिए किया फर्जीवाड़ा
सीओ हजरतगंज अभय मिश्रा के मुताबिक अरविंद बेहतरीन छात्र रहा है। उसने 1997 में देहरादून से अर्थशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद बहराइच के मैनेजमेंट कॉलेज से एमबीए किया था। दो बार उसने सीडीएस का लिखित परीक्षा पास की लेकिन इंटरव्यू में वह सफल नहीं हो सका। जिसके कारण सेना में उसके अधिकारी बनने का सपना पूरा नहीं हो सका। सपना पूरा नहीं हुआ तो वह फर्जी वर्दी और सेना के प्रतीक चिन्ह का प्रयोग कर अफसर बनने लगा। उसकी मां बहराइच में हेड मास्टर है और संपन्न परिवार के होने के चलते उसे पैसे की कमी नहीं थी। इसके अलावा उसने कई साल कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में भी अधिकारी के पद पर तैनात रहा है। पुलिस ने उसके पास से लेफ्टीनेंट कर्नल अरविंद मिश्रा के नाम का ड्राइविंग लाइसेंस, एक लाइसेंस अरविंद मिश्रा के नाम का और हरियाणा नंबर की इंडिको कार जो कि कर्नल हरियाणा के पते पर पंजीकृत है। इसके अलावा शस्त्र लाइेंसस रिवाल्वर, एक रिवाल्वर, दो एटीएम, डेबिट कार्ड, वालमार्ट मेंबरशिप कार्ड व 3 मोबाइल के अलावा कई अन्य दस्तावेज भी बरामद किए है।
तीन महीने पहले महिला मित्र ने की थी साइबर सेल से शिकायत
चालक को भी पहनता था सेना की वर्दी
तीन महीने से सेना की खुफिया विंग रख रही थी निगाह
सेना के खुफिया विंग के अधिकारी के मुताबिक अरविंद मिश्रा के बारे में कई जानकारी उनको मिली थी। तीन महीने से उस पर नजर रखी जा रही थी। अरविंद मिश्रा अपनी पत्नी हिना जमवाल को साथ लेकर लखनऊ के कैंटोमेट परिसर, इलाहाबाद, दिल्ली, पंजाब और जम्मू कश्मीर के सेना केबेस कैंप में कई दिनों तक बतौर अधिकारी रहा था। उस पर खुफिया जानकारी लीक करने का संदेह है। सेना की खुफिया टीम इस मामले की जांच कर रही है।