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युवतियों को फंसाने के लिए बना फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल, आर्मी ने यूं किया खुलासा

Sun, 28 Oct 2018 12:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 28 Oct 2018 12:13 PM IST
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fake lt col arrested by lucknow police
पकड़ा गया अरविंद मिश्रा

पुलिस अधिकारी और सेना में जाने का सपना पूरा नहीं हुआ तो लेफ्टिनेंट कर्नल की वर्दी बनवाई। नेम प्लेट तैयार किया। कार पर गोरखा रेजीमेंट का प्रतीक चिह्न लगाकर घूमने लगा। उसके इस रसूख और दिखावे में दर्जनों युवतियों को अपनी जाल में फंसा लिया।

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इसकी जानकारी जब सेना के खुफिया विंग को हुई तो पड़ताल शुरू की गई। मंगलवार को हजरतगंज पुलिस को इस फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल के बारे में जानकारी दी गई। बुधवार सुबह होते ही सेना का यह फर्जी ऑफिसर गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से पुलिस ने लाइसेंसी असलहा, ड्राइविंग लाइसेंस व कुछ अन्य दस्तावेज बरामद कर जेल भेज दिया।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि साइबर क्राइम सेल ने सेना खुफिया विंग की सूचना पर एक युवक को भारतीय स्टेट बैंक की कैसरबाग शाखा के पास से सफेद कार सहित दबोच लिया। 
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पकड़ा गया फर्जी ऑफिसर मूलरुप से बहराइच के कानूनगो कॉलोनी का रहने वाला अरविंद मिश्रा है।

वह लखनऊ में एक साल से अंसल सिटी में किराए के मकान में रह रहता था। अरविंद मिश्रा अपने आप को लेफ्टीनेंट कर्नल बताता था और अपनी कार व घर के बाहर भी लेफ्टीनेंट कर्नल की नेम प्लेट लगा रखी थी। यहीं नहीं वह वर्दी और बैच लगाकर भी चलता था।

फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर दोस्ती कर जाल में फंसता था

अरिवंद मिश्र ने राहुल मिश्रा नाम से फेसबुक पर एक फर्जी आईडी भी बना  रखी थी। वह खुद को आर्मी अफसर बताकर लड़कियों से दोस्ती करता था और उन्हें अपने जाल में फंसता था। अरिवंद की पहली शादी 2003 में हुई थी और 2009 में उसका तलाक हो गया था। इसके बाद उसने जम्मू कश्मीर में रहने वाली एक लड़की से दूसरी शादी की थी। जिससे उसका मतभेद चल रहा है। अरविंद ने जीवन साथी डॉट कॉम में भी एक प्रोफाइल बनाई थी और उस प्रोफाइल में खुद को आर्मी अफसर बताकर कई शादी के नाम पर कई लड़कियों से दोस्ती की थी। उनके साथ वर्दी पहनकर घूमता था और टोल प्लाजा। होटल में फर्जी सेना का अधिकारी बन कर रौब गांठता था।

सपना पूरा करने के लिए किया फर्जीवाड़ा

सीओ हजरतगंज अभय मिश्रा के मुताबिक अरविंद बेहतरीन छात्र रहा है। उसने 1997 में देहरादून से अर्थशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद बहराइच के मैनेजमेंट कॉलेज से एमबीए किया था। दो बार उसने सीडीएस का लिखित परीक्षा पास की लेकिन इंटरव्यू में वह सफल नहीं हो सका। जिसके कारण सेना में उसके अधिकारी बनने का सपना पूरा नहीं हो सका। सपना पूरा नहीं हुआ तो वह फर्जी वर्दी और सेना के प्रतीक चिन्ह का प्रयोग कर अफसर बनने लगा। उसकी मां बहराइच में हेड मास्टर है और संपन्न परिवार के होने के चलते उसे पैसे की कमी नहीं थी। इसके अलावा उसने कई साल कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में भी अधिकारी के पद पर तैनात रहा है। पुलिस ने उसके पास से लेफ्टीनेंट कर्नल अरविंद मिश्रा के नाम का ड्राइविंग लाइसेंस, एक लाइसेंस अरविंद मिश्रा के नाम का और हरियाणा नंबर की इंडिको कार जो कि कर्नल हरियाणा के पते पर पंजीकृत है। इसके अलावा शस्त्र लाइेंसस रिवाल्वर, एक रिवाल्वर, दो एटीएम, डेबिट कार्ड, वालमार्ट मेंबरशिप कार्ड व 3 मोबाइल के अलावा कई अन्य दस्तावेज भी बरामद किए है। 

तीन महीने पहले महिला मित्र ने की थी साइबर सेल से शिकायत

साइबर सेल प्रभारी विजय बीर सिंह सिरोही ने बताया कि फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद मिश्रा और उसकी पत्नी हिना जमवाल की शिकायत उसकी महिला मित्र व परिवारीजनों ने की थी। मामला महिला से जुड़ा होने केकारण महिला थाना भेज दिया गया। महिला मित्र भी अरविंद के मूल जिले में पड़ोसी थी। उसके साथ अरविंद की मां और उसका छोटा भाई भी आया था। महिला मित्र ने हिना और अरविंद पर उसकी सामाजिक छवि धूमिल करने का आरोप लगाया था।  महिला थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों को दो दिन बाद बुलाया था, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया था।

चालक को भी पहनता था सेना की वर्दी

पुलिस के मुताबिक फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल बना अरविंद अपने ही नहीं बल्कि कार चालक को भी सेना की वर्दी पहनाता था। एक चालक को दो से तीन दिन तक साथ रखा फिर जगह केसाथ चालक भी बदल देता था। इस बात कुबूलनामा भी उसने पुलिस के सामने किया था। फर्जी लेफ्टिनेंट के पकड़े जाने की सूचना पर राजधानी के खुफिया विंग, एटीएस, एसटीएफ और आईबी के अधिकारी भी पूछताछ के लिए पहुंचे।

तीन महीने से सेना की खुफिया विंग रख रही थी निगाह
सेना के खुफिया विंग के अधिकारी के मुताबिक अरविंद मिश्रा के बारे में कई जानकारी उनको मिली थी। तीन महीने से उस पर नजर रखी जा रही थी। अरविंद मिश्रा अपनी पत्नी हिना जमवाल को साथ लेकर लखनऊ के कैंटोमेट परिसर, इलाहाबाद, दिल्ली, पंजाब और जम्मू कश्मीर के सेना केबेस कैंप में कई दिनों तक बतौर अधिकारी रहा था। उस पर खुफिया जानकारी लीक करने का संदेह है। सेना की खुफिया  टीम इस मामले की जांच कर रही है।

कश्मीर में पत्नी थी पार्षद, आईएसआई एजेंट के संपर्क में है  

सेना के खुफिया विंग के अधिकारी के मुताबिक अरविंद की कश्मीरी पत्नी वहां से पार्षद भी रही है। वह कुछ दिनों तक केन्द्रीय विद्यालय में बतौर शिक्षिका रही। कुछ दिन बाद उसे निकाल दिया गया। अरविंद से उसका संपर्क करीब 2013 से हुआ। दोनों कुछ दिन बाद शादी कर ली। सेना की खुफिया विंग के जम्मू कश्मीर की टीम को हिना के संबंध में आईएसआई से संपर्क में होने की सूचना मिली। इस पर सेना ने जांच शुरू की। इसके बाद हिना पर निगरानी शुरू कर दी गई। इसी बीच सेना को पता चला कि लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद मिश्रा से संपर्क में है। इस पर सेना ने अरविंद मिश्रा की कुंडली खंगाली। जिसमें पता चला कि वह फर्जी तरीके से वर्दी पहन लेफ्टिनेंट बनकर घूमता है। खुफिया विंग ने उस पर भी निगरानी करनी शुरू कर दी। विंग केअधिकारी बताते हैं कि हिना का अरविंद से संपर्क सिर्फ सेना के बेस कैंप में घूमने केलिए ही संबंध बना था। उसने अपना काम पूरा कर लिया इसकेबाद अरविंद का साथ छोड़कर चली गई।
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