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आखिर किसने जमा किये, इस बैंक में 11 करोड़ के जाली नोट

Tue, 08 Apr 2014 01:13 PM IST
विवेक त्रिपाठी/ अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 08 Apr 2014 01:13 PM IST
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fake currency found at ICICI bank

आईसीआईसीआई बैंक के करेंसी चेस्ट में करीब 11 करोड़ रुपये के जाली नोट मिले हैं। गोखले मार्ग स्थिति बैंक के करेंसी चेस्ट की जांच के दौरान यह बात सामने आई।

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बैंक के रीजनल हेड (करेंसी ऑपरेशंस यूपी, उत्तराखंड) मनीष पांडे की तरफ से इस सिलसिले में रविवार शाम हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
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हजरतगंज पुलिस ने बताया कि करेंसी चेस्ट में नोटों की जांच के दौरान 10 करोड़ 77 लाख 87 हजार 840 रुपये के कुल 3,02,683 नोट जाली मिले।

इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि ये जाली नोट प्रदेश भर में बैंक की विभिन्न शाखाओं में अलग-अलग समय में जमा कराए गए थे।

बकौल इंस्पेक्टर, बैंक अफसरों ने यह रकम फरवरी 2006 से मार्च 2013 तक जमा कराए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, जांच के लिए इतना विवरण पर्याप्त नहीं है।

इंस्पेक्टर ने बताया कि बैंक की किस शाखा से कितने नोट किस दिन जमा कराए गए थे, इसका ब्योरा मांगा गया है। पुलिस नकली करेंसी जमा करने वाली बैंक की सभी शाखाओं की सीसीटीवी फुटेज भी हासिल करने की कोशिश कर रही है।
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इंस्पेक्टर का कहना है कि इससे जांच में उन लोगों के चेहरे व फोटो मिल जाएंगे, जिन्होंने जाली नोट जमा किए थे। उधर, आईसीआईसीआई बैंक अफसरों का कहना है कि करेंसी चेस्ट में नोटों की जांच की यह नियमित प्रक्रिया है।

बैंकों की विभिन्न शाखाओं में जमा रकम नियमित रूप से करेंसी चेस्ट में भेजी जाती है। चेस्ट में बैंक शाखाओं के हिसाब से करेंसी के अलग-अलग बंडल बनाकर बड़े-बड़े बक्सों में सुरक्षित रखे जाते हैं।

वैसे तो बैंक शाखाओं में भी नकली नोट जांचने का सिस्टम है लेकिन दोहरी सुरक्षा के लिए चेस्ट में रखे नोटों की भी नियमित रूप से जांच कराई जाती है।

अगर बैंक शाखा में जल्दबाजी में कोई नकली नोट जमा भी हो जाता है तो करेंसी चेस्ट की जांच में नहीं बच पाता। एक-एक नोट की बारीकी से जांच कराई जाती है।

चूंकि, चेस्ट में  नोटों को व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है, इसलिए यह पता लगाना मुश्किल नहीं होता कि कौन-सा नोट, किस दिन, किस शाखा में जमा हुआ था।

चेस्ट में जांच के दौरान निकले नकली नोटों के मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाती है। अक्सर एफआईआर बैंक के उस मैनेजर के खिलाफ होती है, जिसके कार्यकाल में नकली नोट जमा होते हैं।

आईसीआईसीआई बैंक के करेंसी चेस्ट में तीन लाख से अधिक नकली नोट मिले हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसमें एक हजार और पांच सौ रुपये के नोटों की संख्या सबसे अधिक है।

बडे़ नोट देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भेजती है। इन नोटों की खेप नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते भारत आती है।

ऐसे नोटों को सामान्य जांच में पकड़ना मुश्किल होता है। नकली नोट अल्ट्रा वायलेट लैंप से नहीं बच सकते। ऐसे लैंप के नीचे नकली नोट रखने में उसके सभी सिक्योरिटी प्वाइंट्स चमकने लगते हैं।


चूंकि, बैंक शाखा में जांच हड़बड़ी में होती है इसलिए कई बार ऐसे नोट बैंक शाखा से पास होकर करेंसी चेस्ट तक पहुंच जाते हैं। यहां अल्ट्रा वायलेट लैंप से जांच के दौरान इनके नकली होने की बात सामने आती है।

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