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पूर्व डीजीपी को क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा दे 8010 रुपये ठगे
Fri, 11 Jan 2019 11:25 PM IST
MANISH sachan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: MANISH sachan
Updated Fri, 11 Jan 2019 11:25 PM IST
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- फोटो : pexels.com
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साइबर ठगों के झांसे में आकर पूर्व डीजीपी एसवीएम त्रिपाठी भी जालसाजी का शिकार बन गए। ठगों ने भारतीय स्टेट बैंक का अधिकारी बताकर पूर्व डीजीपी को क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा दे उनके खाते से 8010 रुपये उड़ा दिए। हालांकि मामला 2018 का है, लेकिन उन्होंने गोमतीनगर थाने में ठग युवती समेत दो लोगों के खिलाफ बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह ने बताया कि साइबर सेल की मदद से जांच की जा रही है।
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गोमतीनगर के विशालखंड तीन निवासी पूर्व डीजीपी एसवीएम त्रिपाठी सीआरपीएफ में डीजी पद पर तैनाती के अलावा उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग के सदस्य भी रहे हैं। 21 जुलाई 2018 को उनके मोबाइल फोन पर 9069714536 नंबर से अनुष्का नाम की युवती की कॉल आई थी। युवती ने बताया कि वह एसबीआई से बोल रही है और एक नया क्रेडिट कार्ड आया है जो अन्य कार्ड से अधिक सुरक्षित है। यह कार्ड उन्हें नि:शुल्क दिया जा रहा है।
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ठग युवती ने कहा कि बैंक की तरफ से उनके मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड भेजा जाएगा। यह पासवर्ड बताने पर कार्ड भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पूर्व डीजीपी ने बताया कि युवती ने उनकी बात राकेश नाम के व्यक्ति से भी कराई जो खुद को एसबीआई का मैनेजर बता रहा था। ठगों का कहना था कि उक्त रकम सिर्फ बिलिंग के उद्देश्य से ली गई है। इससे उनके क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट लिमिट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, तब तक पूर्व डीजीपी को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हो चुका था और उन्होंने तत्काल अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करा दिया।
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पूर्व डीजीपी का कहना है कि उनके 8010 रुपये का मुंबई में किसी को भुगतान किया गया है। उन्होंने मुंबई के पूर्व डीजीपी और अपने बैचमेट एवी कृष्णम से संपर्क किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद पूर्व डीजीपी ने एटीएस के आईजी असीम अरुण से संपर्क कर ठगी की जानकारी दी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।