दाऊद के गुर्गे ने उगले कई फिल्मी हस्तियों के नाम!
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हजरतगंज पुलिस व यूपी एटीएस की संयुक्त टीम सोमवार को मुंबई में दबोचे गए दाऊद के गुर्गे तारिक परवीन को लेकर बुधवार को राजधानी लौट आई। पूछताछ में तारीक ने बॉलीवुड की फिल्मी हस्तियों के साथ ही दिल्ली और गाजियाबाद के ऐसे व्यापारियों के नाम उगले हैं, जिनके तार डी-कंपनी से जुड़े हैं।
हवाला के करोड़ों के कारोबार के साथ डी-कंपनी के लिए चौथ वसूली करने वाला तारिक को 11 साल पहले महाराष्ट्र पुलिस ने दाऊद के भाई इकबाल कास्कर के साथ जेल भेजा था। उधर, पूछताछ के बाद तारीक को कोर्ट में पेश किया गया। जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद उसे 31 तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी यशस्वी यादव ने बताया कि मुंबई में सहारा कॉम्प्लेक्स से गिरफ्तार तारिक को लेकर हजरतगंज पुलिस व एटीएस की टीम बुधवार को लखनऊ पहुंची।
बिजनेसमेन और सफेदपोश भी काले काम में शामिल
हजरतगंज कोतवाली में 2 जून 1999 को दर्ज मुकदमे में फरार चल रहे तारिक से पूछताछ का सिलसिला लक्ष्मी गेस्ट हाउस में उसके साथी अजीजुद्दीन उर्फ अब्दुल अजीज व अकील अहमद की एके-47, तीन मैगजीन व 96 कारतूसों की बरामदगी से शुरू हुआ।
नेपाल के रास्ते हथियार लाकर मुंबई के तत्कालीन मेयर मिलिंद वैद्य पर कातिलाना हमले के मामले में सवाल-जवाब हुए। इसके बाद दाऊद के नेटवर्क व कारोबार के बारे में जानकारी ली गई। कई सवालों को टालने के साथ तारिक ने बालीवुड की फिल्मी हस्तियों, दिल्ली व गाजियाबाद के व्यापारियों के साथ कई सफेदपोशों के नाम उगले।
तारिक ने खुलासा किया कि डी-कंपनी का हवाला कारोबार पूरे देश में फैला है। फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं कई बड़े व्यापारी, सफेदपोशों के तार डी-कंपनी से जुड़े हैं। बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में डी-कंपनी की मोटी रकम लगी है। बहुत से अभिनेता-अभिनेत्री और निर्माता-निर्देशक उसी के माध्यम से जुड़े हैं।
सातवीं पास तारिक के जिम्मे अरबों का धंधा
मुंबई के साधली स्ट्रीट निवासी तारिक महज कक्षा सात तक पढ़ा होने के बावजूद अंग्रेजी फर्राटे से बोलता है। इसके अलावा मराठी, हिंदी और अरबी भाषा भी जानता है। बरसों पहले पिता की प्लास्टिक के बर्तनों की छोटी सी दुकान थी। बताया कि छोटा शकील बचपन का साथी है। एक ही मोहल्ले में रहते और साथ में क्रिकेट खेला करते थे। दोनों ने एक साथ जरायम की दुनिया में कदम रखा। काबिलियत देखकर दाऊद ने उसे अरबों के लेनदेन का काम सौंप दिया था।
तारिक ने अतीत के बारे में पूछताछ पर खुलासा किया कि दाऊद के लिए छोटा शकील के साथ मुंबई में चौथ वसूली शुरू की थी। महाराष्ट्र पुलिस ने 1999 में जेल भेजा। आठ महीने बाद रिहा होने पर दुबई चला गया। वहां दाऊद व शकील के साथ कारोबार फैलाया और 2004 में मुंबई लौटने के बाद डी-कंपनी का काम देखना शुरू किया।
जमीन पर कब्जा कर दाऊद की बहन के लिए सारा सहारा कॉम्प्लेक्स बनवाया। मामला दर्ज होने पर महाराष्ट्र पुलिस ने तारिक को दाऊद के भाई इकबाल कास्कर के साथ मकोका के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा। वर्ष 2007 में जेल से छूटने पर हुलिया बदला और सारा सहारा कांप्लेक्स में प्रॉपर्टी डीलिंग का ऑफिस खोलकर डी-कंपनी का काम संभाला।
एसएसपी ने बताया कि गहन पूछताछ के साथ तारीक के अनेक नंबर मालूम किए गए हैं। इसके साथ ई-मेल आईडी व फेसबुक अकाउंट का ब्यौरा लिया गया है। अब सर्विलांस की मदद से डी-कंपनी के सफेदपोशों व फिल्मी हस्तियों से कनेक्शन खंगाले जाएंगे।