फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   dalal arrested, who created instant quota tickets from software

सॉफ्टवेयर से तत्काल कोटे के टिकट बनाने वाले दलाल दबोचे, 12.88 लाख रुपये के टिकट किए गए बरामद

Fri, 14 Jun 2019 01:44 AM IST
सौरभ दिक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: सौरभ दिक्षित Updated Fri, 14 Jun 2019 01:44 AM IST
विज्ञापन
dalal arrested, who created instant quota tickets from software
टिकिट दलाल - फोटो : अमर उजाला
सॉफ्टवेयर की मदद से तत्काल कोटे के टिकट बनाने वाले दो दलाल बृहस्पतिवार को आरपीएफ की सीआईबी (सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) के हत्थे चढ़ गए। इनसे 12.88 लाख रुपये के 713 टिकट बरामद किए गए हैं। दलाल लंबे समय से ट्रेवल एजेंसी की आड़ में खेल कर रहे थे।
विज्ञापन


दोनों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सीआईबी के प्रभारी अमित कुमार राय ने बताया कि ट्रेवल जोन एजेंसी संचालक आशियाना का अमित मिश्र और चौक के एसके ट्रेवल्स का संचालक सीतापुर का राकेश यादव महंगे दाम पर तत्काल टिकट दिलाने को प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते थे।
विज्ञापन


इसकी सूचना पर पूर्वोत्तर रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त गोरखपुर अतुल कुमार श्रीवास्तव और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अमित कुमार मिश्र के निर्देशन में दोनों एजेंसियों पर छापा मारा गया। एसआईबी की टीम के  पहुंचते ही हड़कंप मच गया। अमित और राकेश को हिरासत में ले लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रैवल जोन एजेंसी से 11,71,670 रुपये के 642 टिकट, चार पासबुक, छह एटीएम कार्ड, कई चेक, कंप्यूटर व अन्य सामान के साथ 2010 रुपये बरामद हुए। एसके ट्रैवल्स से 1,16,505 रुपये के 71 टिकट, एटीएम कार्ड, कंप्यूटर, प्रिंटर, मॉनीटर व 1570 रुपये नकद मिले। एसआईबी की टीम में कैलाश प्रसाद, अनिरुद्ध चंद्र शर्मा, कौशल शुक्ल, गोविंद प्रसाद, अरविंद चंद्र, राकेश दुबे थे।

मुंबई से 2000 रुपये में खरीदते थे सॉफ्टवेयर
तत्काल टिकट की बुकिंग को ट्रैवल एजेंसी संचालक मुंबई की निजी एजेंसी से सॉफ्टवेयर खरीदते थे। इसकी कीमत लगभग 2000 रुपये है। रेल विभाग के सूत्रों ने बताया कि सॉफ्टवेयर से तत्काल बुकिंग का रैकेट मुंबई से चल रहा है। करीब तीन साल से ट्रैवल एजेंसी संचालक इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं। शुरुआत के कुछ महीनों में पूर्वांचल में इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया। गोंडा के सॉफ्टवेयर से टिकट बुक कराने वाले सबसे ज्यादा दलाल पकड़े गए। करीब दो साल से लखनऊ में भी सॉफ्टवेयर से तत्काल के टिकट की बुकिंग धड़ल्ले से की जा रही है।

चंद सेकंड में बुक कर लेते टिकट
सॉफ्टवेयर से तत्काल टिकट की बुकिंग चंद सेकेंड में हो जाती थी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तत्काल का कोटा निश्चित समय पर खुलता है। इनकी बुकिंग के लिए यात्रियों को स्टेशन की टिकट खिड़की पर आना होता है। एक व्यक्ति को फॉर्म जमा करने, टिकट बनवाने और भुगतान में कम से कम दो से तीन मिनट लगते हैं, जबकि सॉफ्टवेयर से यह काम कुछ सेकेंड में हो जाता है। इससे टिकट बुक करने वाले यात्रियों का पूरा विवरण पहले से ऑनलाइन भरकर रखते हैं। जैसे ही बुकिंग खुलती, वे ऑनलाइन टिकट बुक कराने शुरू कर देते हैं। रेलवे ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों को बुकिंग देता जाता और दलाल डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते जाते हैं। दलाल एक से दो मिनट में सारे टिकट बुक कर लेते, जबकि घंटों कतार में लगे लोगों के हाथ निराशा लगती। यह खेल गर्मी की छुट्टियों या ट्रेन में भीड़ के वक्त ज्यादा होता है।


बीकेटी में दलाल 14 ई टिकट सहित गिरफ्तार
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ सिटी स्टेशन आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक एमके खान के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को एयरफोर्स रोड बीकेटी स्थित अमन कैफे एंड सर्विसेज पर छापा मारा गया। यहां बगैर आईआरसीटीसी की अनुमति पत्र के यात्रियों से अधिक पैसा लेकर टिकट बनाने का धंधा चल रहा था। मौके से आशियाना के रेलवे विहार सेक्टर के मफताब अली को गिरफ्तार किया गया। खान ने बताया कि 14 ई-टिकट और एक निरस्त काउंटर टिकट मिला है। टिकटों की कीमत 25,493 रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed