उमाशंकर मौर्या हत्याकांड: चार दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार
- भाई की मौत का गवाह था उमाशंकर
- चार दिन बाद भी हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर
- हत्या के बाद परिजनों ने किया अनशन
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सुल्तानपुर में हुए हत्याकांड के मामले में यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। बता दें कि उमाशंकर मौर्य की बीते बृहस्पतिवार की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उमाशंकर मौर्य करीब छह माह पहले हुई अपने सगे भाई रमाकांत मौर्य की हत्या के गवाह थे।
परिवारीजन हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग के साथ ही मुख्यमंत्री को घर बुलाने पर अड़े थे। उन्होंने रविवार तक शव का अंतिम संस्कार भी नहीं होने किया। बृहस्पतिवार की रात साढ़े आठ बजे से अनशन पर बच्चों संग बैठे परिवारीजन बिना मांग पूरी हुए कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे।
रविवार को मृतक की पत्नी रजनी और पिता राम प्यारे मौर्य की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में मुख्यालय से सीएमओ डॉ. केबी सिंह चिकित्सकों की टीम के साथ गांव पहुंच गए। सीएमओ रजनी और राम प्यारे मौर्य का स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए आगे बढ़े तो घर वालों ने रोक दिया।
अभी तक नहीं पकड़े गए हत्यारे
परिवारीजनों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती वे स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराएंगे। डीएम एस. राजलिंगम ने देर रविवार शाम कहा कि रात में ही मुख्यमंत्री के यहां से सीबीआई जांच कराने के आदेश की कॉपी उन्हें सौंप दी जाएगी।
डीएम ने कहा कि अन्य मांगों को पूरा करने के लिए मृतक की पत्नी को वे लेकर लखनऊ जाएंगे और मुख्यमंत्री से मुलाकात कराएंगे। डीएम के इस घोषणा पर परिवारीजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए। सोमवार शाम को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
उमाशंकर की हत्या में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ तक की मदद ली जा रही है लेकिन उसे भी कोई सफलता नहीं मिली है।