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शर्मनाक: डॉक्टर ने मासूम को दिया मौत का इंजेक्शन

Thu, 01 Aug 2013 10:12 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 01 Aug 2013 10:12 AM IST
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Child deaths from wrong injection

गोसाईंगंज के चांद सरायं गांव में मंगलवार रात राधाकृष्ण नर्सिंग होम के डॉक्टर की लापरवाही से मासूम की मौत हो गई।

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तीन साल के मासूम की मौत से नाराज घरवालों का गुस्सा फूट नर्सिंग होम पर पड़ा। उन्होंने बुधवार सुबह बच्चे का शव रखकर नर्सिंग होम के सामने प्रदर्शन किया।

इसके बाद सुल्तानपुर हाईवे जामकर डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। सूचना पर सीओ गोमतीनगर समेत कई आला अफसर मौके पर पहुंचे।

करीब ढाई घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस के आश्वासन पर घरवाले माने। पुलिस ने पिता की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया।

उधर, भीड़ से बचाने के लिए पुलिस डॉक्टर को थाने ले आई। बाद में उसे छोड़ दिया गया।

सीओ गोमतीनगर विद्या सागर मिश्र के मुताबिक, चांद सरायं गांव निवासी कमलेश की सुल्तानपुर के जगदीशपुर में ‘पलक’ सब्जी मसाला फैक्ट्री है।

कमलेश ने बताया कि उसके बेटे यशस्वी नमन सिंह गांधी की तबीयत कुछ दिनों से खराब थी।

मंगलवार दोपहर 12 बजे उसे अचानक तेज बुखार चढ़ा। हालत बिगड़ते देख आरके नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।

कमलेश की मानें तो नर्सिंग होम के डॉ.वीरेंद्र कुमार यादव व डॉ.सरस्वती पटेल ने इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने एडवांस पैसा लेकर खून की जांच कराने के बाद ग्लूकोज की बोतल चढ़ना शुरू कर दिया।


हालांकि बच्चे की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। शाम चार बजे वह तड़पने लगा तो डॉ.वीरेंद्र से उसे रेफर करने को कहा, लेकिन डॉक्टर हीलाहवाली करते रहे।

कमलेश का कहना है कि थोड़ी देर बाद डॉक्टर वार्ड में आए और सबको निकाल दिया। डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया।

इसके बाद बच्चा चीखने लगा और उसका शरीर काला पड़ने लगा। मामला बिगड़ता देख डॉक्टर ने बच्चे समेत सभी को हॉस्पिटल से बाहर निकाल दिया और ताला लगवा दिया।

पीड़ित ने एंबुलेंस की मांग की तो डॉक्टर ने निजी वाहन से ले जाने की बात कही। कमलेश अपने बेटे को निजी वाहन से लेकर सहारा अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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एसओ गोसाईंगंज रामबाबू यादव का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

रिपोर्ट के आधार परकार्रवाई की जाएगी। पुराने शहर में ड्यूटी के चलते अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध नहीं हो सकी है।

यदि बच्चे की मौत में डॉक्टर की भूमिका पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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