युवती को दौड़ाकर चाकुओं से गोदा, दी बेरहम मौत
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खदरा में बेखौफ बदमाशों ने बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे काल सेंटर में ड्यूटी के लिए जा रही महिला शबनम (28) को गली में दौड़ा-दौड़ा कर उस पर चाकुओं से कई वार किए।
चीखते हुए वह अपने घर पहुंची और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलने से पहले ही वह गिर पड़ी और दम तोड़ दिया।
शबनम के पति शकील का कहना है कि बदमाश महिला का पर्स लूटकर ले गए हैं। हालांकि, मौके पर पहुंचे एसएसपी प्रवीण कुमार ने वारदात के पीछे लूट नहीं बल्कि कोई और वजह होने की आशंका जताई है।
पुलिस का मानना है कि हत्या में महिला का कोई करीबी शामिल है। हसनगंज पुलिस छानबीन कर रही है।
वह चीख रही थी, किसी ने नहीं बचाया
खदरा रमबगिया निवासी शबाना अंजुम उर्फ शबनम अशोक मार्ग स्थित शक्तिभवन के पीछे आइडिया कॉल सेंटर में काम करती थी।
बुधवार सुबह वह घर से करीब 100 मीटर दूर पहुंची ही थी कि पहले से मौजूद बदमाशों ने उसे रोक लिया।
शबनम कुछ समझ पाती, इससे पहले ही एक बदमाश ने चाकू निकाल लिया। शबनम बचने के लिए भागी तो बदमाश भी उसके पीछे दौड़ते हुए शबनम को चाकू मारने लगे।
शबनम चीखते हुए भागी लेकिन गली का कोई व्यक्ति मदद के लिए नहीं आया। वह अपने घर पहुंची और दरवाजा खटखटाया। हालांकि, दरवाजा खुलने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं।
पीठ, मुंह और सिर किए कई बार
हमलावरों ने शबनम की पीठ, मुंह और सिर पर कई वार किए। पति शकील बाहर निकला तो पत्नी को जमीन पर लहूलुहान पड़ा देख चीख निकल गई। उसने गली के लोगों को बुलाया तो सबने खिड़की-दरवाजे बंद कर लिए।
शकील ने 108 एंबुलेंस सेवा को फोन कर बुलावाया। शबनम को बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना पाकर हसनगंज पुलिस के साथ ही एसएसपी, एएसपी ट्रांस गोमती हबीबुल हसन और सीओ महानगर डीके राय सहित आसपास के थानों की पुलिस मौके पर आ गई।
डॉग स्क्वायड आया और गली में ही मंडराता रहा। फिंगर प्रिंट स्क्वायड ने संकरी गली में जगह-जगह पड़े खून की छीटों के सैंपल लिए हैं।
परिजनों को वजह तक पता नहीं
एसएसपी ने शबनम के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की लेकिन वह कोई खास जानकारी नहीं दे सके।
घर पर ही सिलाई का काम करने वाले शकील ने बताया कि वह अपने बड़े भाई के मकान में भूतल पर रहता है।
प्रथम तल पर बहन नजमा व उसके पति सईद अख्तर रहते हैं। शकील ने किसी रंजिश से इन्कार किया है। शकील की तरफ से अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बदन पर आठ सेंटीमीटर गहरे घाव
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शबनम की मौत की वजह ज्यादा खून बहना बताई गई है। शबनम के शरीर पर सात से आठ सेंटीमीटर गहरे घाव के निशान मिले हैं।
इससे प्रतीत होता है कि उस पर चाकू की बजाए किसी बड़े धारदार हथियार से हमला किया गया।
साथ ही सिर पर चोट के निशान से लग रहा है कि उसे डंडा या किसी दूसरी चीज से भी मारा गया।
तमाशा देखती रहीं मोहल्ले की महिलाएं
खून से लथपथ शबनम मदद के लिए चीखती रही लेकिन उसे बदमाशों से बचाने कोई नहीं आया।
महिलाएं छतों पर खड़ी होकर तमाशा देखती रहीं और पुरुष घरों की खिड़की के पीछे छिप गए।
हमलावरों के रोकने पर भागी शबनम ने पास के एक घर का दरवाजा खटखटाया। इसी बीच हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
इस पर वह शोर मचाते हुए घर की ओर भागी। बदमाश उसे चाकू से गोदने के बाद कब्रिस्तान की गली से होते हुए पैदल भाग निकले।
दोस्ती का ऑफर करने वाले युवक की तलाश
चार महीने पहले मड़ियांव के एक युवक ने शबनम से दोस्ती करने की कोशिश की थी। वह कई दिन तक शबनम का पीछा भी करता रहा।
इस पर शकील कई दिन तक उसे छोड़ने काल सेंटर गया। पति को साथ आता देख युवक ने पीछा करना बंद कर दिया।
पुलिस की पूछताछ में शकील ने उस युवक पर भी हत्या का शक जताया है। उसका कहना है कि शबनम ने दोस्ती से इंकार किया होगा, जिस पर उसने जानलेवा हमला किया।
खंगाला जा रहा शबनम का मोबाइल फोन
पुलिस शबनम का मोबाइल फोन खंगालने में जुटी है। उसे शक है कि महिला की संबंधों को लेकर हत्या की गई है।
इसके अलावा सर्विलांस से वारदात के वक्त घटनास्थल के आसपास के टावरों पर एक्टिव मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस कराई जा रही है।
मेधावी थी शबनम, बच्चे बेहाल
शबनम की मां हासमी ने बताया कि घर खर्च में दिक्कत के चलते एक साल पहले उसने काल सेंटर में नौकरी शुरू की थी। वह एमए पास थी।
2001 में उसका निकाह हुआ था। शबनम के तीन बेटे फहद, अकबर और दाउद हैं। दुधमुंहा अकबर और दाउद जु़ड़वा हैं।