कुदाल से किए ताबड़तोड़ वार, भाई की ले ली जान
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इटौंजा क्षेत्र में दो भाइयों ने संपत्ति विवाद के चलते शुक्रवार सुबह चारपाई पर सो रहे अपने भाई को कुदाल हमला करके मार डाला। चारपाई पर पड़े शव को चादर से ढककर फरार हो गए। पत्नी ने जेठ व देवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने बड़े भाई को गिरफ्तार करके खून से सनी कुदाल बरामद कर ली है। गांव अटेसुवा के मजरा अजराइलपुर निवासी विदेश पाल यादव (35) रोडवेज का अनुबंधित बस चालक था।
पत्नी सुनीता शुक्रवार तड़के किसी काम से घर से बाहर गई थी। आरोप है कि इस बीच रामगोपाल व अजयपाल पहुंचे और चारपाई पर सो रहे अपने भाई विदेश को दबोच लिया।
कुदाल से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर मार डाला। खून से लथपथ शव को चादर से ढंककर भाग निकले।
पुलिस ने बरामद की कुदाल
वारदात के कुछ समय बाद लौटी सुनीता जानवरों को चारा-पानी देने लगी। इस बीच तीन साल का बेटा आर्यन जागा और खेलते हुए पिता की चारपाई के पास पहुंचा। जगाने के इरादे से चादर खींची।
खून देखकर रोते हुए मां के पास पहुंचा। सुनीता के चीखने चिल्लाने पर जुटे आसपास के लोग पुलिस को सूचना देने के साथ विदेश को ट्रॉमा सेंटर ले गए। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सुनीता की तहरीर पर पुलिस ने रामगोपाल व अजयपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके पास ही स्थित दोनों के घरों पर दबिश दी। ताला लटका मिलने पर पुलिस ने तलाश शुरू की।
रामगोपाल को शनिवार सुबह महोना-कुम्हरावां मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कुछ दूर स्थित एक आईटीआई कॉलेज के पास छुपाई कुदाल बरामद कर ली है।
पत्नी ने खौफ में बेटे को साथ ले घर छोड़ा
एसओ इटौंजा विनोद कुमार यादव ने बताया कि तीन भाइयों रामगोपाल, विदेश पाल व अजय पाल में रामगोपाल अविवाहित है। विदेश रोडवेज में अनुबंधित बस चालक था, जबकि अन्य दोनों भाई खेती करते हैं।
तीनों में पैतृक संपत्ति के बंटवारे का विवाद था। कुछ दिनों पहले रिश्तेदारों ने पंचायत कर वहमी बंटवारा कराया था। इसके चलते विदेश को पुराना घर मिला। जबकि दो नए घर अजय व रामगोपाल के हिस्से में आए थे।
खेती की चार-चार बीघा जमीन तीनों भाइयों में बांटी गई थी। पंचायत के फैसले को रामगोपाल व अजयपाल ने नामंजूर कर दिया था। दोनों विदेश पाल द्वारा पुराने घर में निर्माण का विरोध कर रहे थे।
खौफजदा सुनीता शुक्रवार शाम पति के अंतिम संस्कार के बाद मासूम बेटे के साथ बीकेटी के गांव खंतारी स्थित मायके चली गई। सुनीता ने अजय व रामगोपाल से अपने मासूम बेटे की जान को खतरा होने की बात कही है।
रिश्तेदारों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश
ग्रामीणों ने बताया कि वारदात अंजाम देकर भागा अजय बीकेटी इलाके में नजर आया। कुछ रिश्तेदारों ने घेराबंदी करके पकड़ा तो वह मारपीट करने लगा। इसके चलते हाई-वे पर झगड़ा होने पर भीड़ लग गई। मौके का फायदा उठाकर अजय बच निकला।
घर के दरवाजे पर थी नजर
सुनीता ने बताया कि अक्सर पति व बच्चे को सोते छोड़ नित्यक्रिया के लिए जाती थी और लौटने के बाद जानवरों को चारा-पानी देने के बाद उन्हें जगाती थी।
जेठ और देवर को पता था कि उसके जाने के दौरान घर का मुख्यद्वार खुला रहता है और विदेश गहरी नींद में होता है।
शक है कि दोनों हमलावर भोर से ही दरवाजे पर नजर जमाए बैठे थे। सुनीता के निकलते ही कुदाल लेकर आ धमके और वारदात अंजाम दे डाली।