अपराधी की दहशत: आयुष हत्याकांड के गवाह की शादी कैंसिल
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राजधानी पुलिस एक बार फिर अपराधियों के खौफ के आगे कमजोर साबित हुई। श्रवण साहू की सुरक्षा में नाकाम खाकी उनके बेटे आयुष साहू की हत्या के अहम गवाह आकाश की शादी भी नहीं बचा सकी।
आकाश की सोमवार को शादी थी, लेकिन अपराधी अकील की दहशत से सहमे लड़की पक्ष ने शादी से इन्कार कर दिया। आकाश ने रविवार देर रात परिवारीजनों, रिश्तेदारों और परिचितों को शादी कैंसिल होने की जानकारी दी।
आकाश लकड़मंडी में रहता है और श्रवण के बेटे सुनीत के मेडिकल स्टोर में काम करता है। उसकी सोमवार को लकड़मंडी में ही रहने वाली युवती से शादी थी। सुनीत ने बताया कि बारात जगन्नाथ प्रसाद इंटर कॉलेज जानी थी। नवरात्र के दौरान आकाश का वरीक्षा और तिलक हुआ था।
दो सप्ताह पहले शादी के कार्ड बांटे जा चुके थे, इसी बीच श्रवण साहू की हत्या हो गई। इस वारदात से लड़की पक्ष के लोग इतनी दहशत में आ गए कि उन्होंने आकाश के साथ शादी से इन्कार कर दिया।
ये कहना है लड़की पक्ष का
लड़की पक्ष का कहना था कि जिस तरह अकील ने आयुष साहू की सरेराह हत्या के बाद मुकदमे में पैरवी कर रहे उसके पिता श्रवण को दुस्साहसिक तरीके से मार डाला, वह आकाश को भी खत्म करा सकता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस उसके पिता की सुरक्षा नहीं कर सकी तो आकाश की सुरक्षा कैसे कर पाएगी। अगर यह शादी हो भी गई तो उनकी बेटी हमेशा दहशत में जिएगी। पता नहीं अकील कब उसका सिंदूर उजाड़ दे। ऐसी आशंकाओं के चलते ही लड़कीवालों ने शादी से मना किया। सुनीत और श्रवण के भाई राजकुमार का कहना है कि वह लड़की पक्ष से बातचीत करेंगे।
गवाह के घर जाकर दी गई सुरक्षा
श्रवण की हत्या में लापरवाही के इल्जाम झेल रही पुलिस का रवैया अब भी नहीं सुधरा। इस सनसनीखेज वारदात के पांचवें दिन आयुष साहू के गवाह आकाश को सुरक्षा दी गई।
रविवार शाम सआदतगंज थाना प्रभारी समर बहादुर यादव गनर लेकर लकड़मंडी स्थित आकाश के घर पहुंचे। थाना प्रभारी ने गनर को चौकन्ना रहने और हर संदिग्ध व्यक्ति की पड़ताल करने के निर्देश दिए।
पेशी पर बजरंगी के शूटरों से मिला था अकील
श्रवण साहू की हत्याकांड में जुटी पुलिस को अकील का हाथ होने के पुख्ता सुबूत मिले हैं। इस बीच कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से खुलासा हुआ कि अकील से पेशी के दौरान मुन्ना बजरंगी के तीन शूटर फैज, बिन्नी और राजा मिले थे।
तीनों शूटर 30 और 31 जनवरी को कोर्ट आए थे। छानबीन से पता चला है कि अकील ने इस काम के लिए बाहर से दो शूटर बुलवाए थे। पुलिस को हत्याकांड में अकील का हाथ होने के पुख्ता सबूत मिल चुके हैं।
शूटरों की पहचान भी हो गई है। उन्हें दबोचने के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग जिलों में भेजी गई हैं। एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि शूटरों के पकड़े जाने के बाद हत्याकांड की साजिश सामने आएगी।
एसएसपी का कहना है कि अकील ने श्रवण की हत्या की साजिश जेल जाने के बाद रची थी या खाका तैयार कर जेल गया? इसका पता लगाया जा रहा है।
अकील के घर पर दबिश रिश्तेदारों से पूछताछ
सआदतगंज पुलिस ने रविवार शाम अकील के हसियामऊ स्थित घर पर दबिश दी। इस दौरान घर पर मौजूद अकील का भाई शमसुद्दीन पुलिस को देखते ही भाग निकला। पुलिस ने परिवार के लोगों से अकील के अन्य ठिकानों और दोस्तों व परिचितों के बारे में पूछताछ की। करीब डेढ़ घंटे छानबीन के बाद पुलिस लौट आई।
छानबीन में यह भी पता चला है कि अकील से पेशी के दौरान
मुन्ना बजरंगी के तीन शूटर मिले थे। उसने इस काम के लिए बाहर से दो शूटर बुलवाए थे। पुलिस को हत्याकांड में अकील का हाथ होने के पुख्ता सुबूत मिल चुके हैं। शूटरों की पहचान भी हो गई है। उन्हें दबोचने के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग जिलों में भेजी गई हैं।
एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि शूटरों के पकड़े जाने के बाद हत्याकांड की साजिश सामने आएगी। एसएसपी का कहना है कि अकील ने श्रवण साहू की हत्या की साजिश जेल जाने के बाद रची थी या इसका खाका तैयार करने के बाद वह जेल गया?
इसका पता लगाया जा रहा है। इस बीच कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से खुलासा हुआ कि अकील से पेशी के दौरान मुन्ना बजरंगी के तीन शूटर फैज, बिन्नी और राजा मिले थे। तीनों शूटर 30 और 31 जनवरी को कोर्ट आए थे।
बजरंगी के शूटर से 15 हजार रुपये भी लिए थे अकील ने
पेशी के दौरान कोर्ट में अकील से मिलने वाले बजरंगी के शूटर फैज से उसने 15000 रुपये भी लिए थे। यह रुपया क्यों लिया गया था? इसका पता लगाने के लिए पुलिस की एक टीम जेल जाकर अकील से पूछताछ करेगी।
पुलिस ने फैज और राजा को पकड़कर पूछताछ की तो उन्होंने अकील से मिलने की बात कुबूल की। फैज और राजा ने बताया कि पेशी पर अकील से मिलने इलाके के लोग और रिश्तेदार व परिचित आते थे। पांच-छह अनजान लोग भी दिखाई दिए थे। शूटरों को श्रवण साहू की हत्या की सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई लेकिन उन्होंने पहचानने से इन्कार कर दिया।
शूटरों से यह भी पूछा गया कि क्या सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा हत्यारा पेशी पर अकील से मिलने आया था। इस पर उन्होंने साफ इनकार कर दिया।
इसके अलावा पुलिस की टीमें सुल्तानपुर निवासी मुन्ना के शूटर राज सिंह, उन्नाव के राघवेंद्र, हरदोई के पवन और तालकटोरा के अभय वर्मा की तलाश कर रही है। सभी श्रवण साहू की हत्या की वारदात के बाद से गायब हैं। एसटीएफ ने 27 फरवरी 2016 को इन शूटरों को श्रवण साहू की हत्या की सुपारी लेने में दबोचा था।
श्रवण हत्याकांड में लापरवाही की जांच रिपोर्ट एडीजी को सौंपी
आईजी जोन ए. सतीश गणेश ने रविवार को श्रवण साहू हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही की जांच एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी को सौंप दी। एडीजी ने तीन दिन में पुलिस की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में औपचारिकता ही निभाई गई है। सिर्फ उन्हीं पुलिसकर्मियों को दोषी बताया गया, जिनके खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है जबकि श्रवण की सुरक्षा के प्रति एसएसपी मंजिल सैनी, एएसपी पश्चिम जयप्रकाश और एएसपी क्राइम डॉ. संजय कुमार की भी जिम्मेदारी थी। आईजी ने अपनी जांच में इन अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी है।
गौरतलब है श्रवण साहू की हत्या के बाद उन्हें सुरक्षा न दिए जाने पर सीओ बाजारखाला विमल किशोर श्रीवास्तव को पद से हटाने के साथ ही इंस्पेक्टर सआदतगंज सुरेश कुमार पटेल, रिजर्व इंस्पेक्टर शिशुपाल सिंह तोमर, घंटाबेग गढ़ैया चौकी इंचार्ज रामकेवल तिवारी, गनर रामआसरे, सिपाही धर्मवीर और विजय को सस्पेंड कर दिया गया था। सीओ एलआईयू अजय कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।