सुल्तानपुर: भाजपा नेता पर जानलेवा हमले में दो पर गिरी गाज, बदमाश ने दागी थी पांच गोलियां
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सुल्तानपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी व भाजपा की जिला कार्यसमिति के सदस्य आलोक आर्या पर जानलेवा हमले में शामिल एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त एसयूवी बरामद कर ली है। घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी ने नगर कोतवाल और सीताकुंड चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया। व्यवसायी पर हमले की सूचना पर सोमवार सुबह जांच करने पहुंचे डीआईजी फैजाबाद ने घटना के पीछे खानपान का विवाद बताकर मामले का पटाक्षेप करने की कोशिश की।
होटल मैनेजर की तहरीर पर नामजद किए गए तीन बदमाशों में से फरार दो अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। दूसरी तरफ ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में व्यवसायी की हालत नाजुक बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में व्यवसायी की 72 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी।
कोतवाली नगर क्षेत्र के गोलाघाट निवासी व्यवसायी आलोक आर्या (46) पुत्र श्रीराम आर्या का डीएम आवास के पास अवंतिका फूड मॉल नाम से होटल है। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे आलोक को होटल के अंदर गोली मार दी गई थी।
पुलिस ने होटल मैनेजर कन्हैयालाल गौड़ की तहरीर पर सौरभ सिंह उर्फ छोटू निवासी उमरी थाना अखंडनगर, रमन सिंह निवासी बहाउद्दीनपुर थाना गोसाईगंज और सत्यप्रकाश सिंह उर्फ फूफा निवासी अठैसी थाना मोतिगरपुर के खिलाफ कोतवाली नगर में केस दर्ज किया था।
डीआईजी बोले, खाने-पीने को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस ने सौरभ सिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त एसयूवी बरामद कर ली है। एसपी अमित वर्मा ने लापरवाही बरतने के आरोप में नगर कोतवाल श्याम सुंदर पांडेय और सीताकुंड पुलिस चौकी इंचार्ज आदित्य यादव को लाइन हाजिर कर दिया है। सोमवार सुबह डीआईजी फैजाबाद ओंकार सिंह सुल्तानपुर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया।
डीआईजी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, रविवार दोपहर सौरभ सिंह, सत्यप्रकाश सिंह और रमन सिंह का होटल में खाने-पीने को लेकर विवाद हुआ था। आलोक ने किसी तरह मामला शांत करा दिया था। बदमाशों ने उन्हें देख लेने की धमकी दी थी। इसी विवाद में रात में उन पर हमला किया गया।
दूसरी ओर ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में देर रात चिकित्सकों ने आलोक का ऑपरेशन कर गोली निकाल दी। चिकित्सकों की मानें तो आलोक की हालत नाजुक है और उन्हें 72 घंटे तक निगरानी में रखा गया है।
आलोक पर दागीं पांच गोलियां
अवंतिका होटल के मालिक आलोक को रविवार रात 09:26 बजे सबसे पहले सत्यप्रकाश सिंह उर्फ फूफा ने गोली मारी। पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में सत्यप्रकाश सिंह और एक अन्य युवक होटल में दाखिल होने के बाद सीधा वाशरूम में गए। जहां से लौटने के बाद सत्यप्रकाश ने आलोक को पिस्टल से गोली मार दी।
उसने पांच फायर किए, हालांकि आलोक के सीने में मात्र एक गोली ही लगी। हमले के बाद भाग रहे सत्यप्रकाश को पकड़ने के लिए दो लोग दौड़े, तो सत्यप्रकाश और दूसरे युवक ने होटल से निकलकर दो और फायर किए। इससे लोग ठिठक गए और दोनों हमलावर बाइक पर बैठकर फरार हो गए।
बड़ी वारदात ढकने में छोटी पड़ गई पुलिस की चादर
व्यवसायी की हत्या कर जिले में खौफ पैदा करने की साजिश को पुलिस खाने-पीने का विवाद बताकर बचना चाह रही है लेकिन उसकी थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि वारदात के पीछे अपराधियों की मंशा दहशत फैलाकर रंगदारी का जाल फैलाने की थी।
शहर के गोलाघाट निवासी आलोक आर्या की गिनती शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायियों में होती है। मौजूदा समय में आलोक भाजपा की जिला कार्यसमिति के सदस्य हैं। साथ ही राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश महामंत्री हैं।
जिले में संचालित सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानंद नगर के सह प्रबंधक होने के साथ ही वह भारत विकास परिषद के सुल्तानपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी हैं। यही नहीं वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता भी हैं।
ऐसे में उन पर हमले के पीछे महज खाने-पीने का विवाद लोगों के गले नहीं उतर रहा है। यदि खाने-पीने का विवाद होता तो सत्यप्रकाश सिंह किसी वेटर को गोली मारता। आखिर उसने होटल मालिक को क्यों निशाना बनाया।
दो भाई वैज्ञानिक, एक सैनिक और खुद बन बैठा अपराधी
गांव वालों ने बताया कि, सत्यप्रकाश सिंह ग्रेजुएट है। उसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की है। सत्यप्रकाश के बड़े भाई ओमप्रकाश सिंह और जयप्रकाश सिंह वैज्ञानिक हैं। साथ ही एक भाई रामप्रकाश सिंह भारतीय थल सेना में सूबेदार हैं।