फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ATS arrested foreigners for doing fraud by accounts.

चीन की नई खुराफात : चीन में यूपी के नंबर पर चल रहा व्हाट्सएप, दो चीनी नागरिक गिरफ्तार

Sun, 24 Jan 2021 07:47 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 24 Jan 2021 07:47 PM IST
विज्ञापन
ATS arrested foreigners for doing fraud by accounts.
पकड़े गए आरोपी। - फोटो : amar ujala

प्री एक्टिवेटेड सिम देश की सुरक्षा के लिए कितना बड़ा खतरा हो सकता है इसका अंदाजा सुरक्षा एजेंसियों को तब लगा एक पूरा नेटवर्क यूपी एटीएस के हाथ लगा। फर्जी आईडी पर लिए गए सिमकार्ड से सिर्फ आनलाइन खाते ही नहीं खोले गए बल्कि उसका इस्तेमाल चीन ने देश की सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए भी किया है। यूपी एटीएस ने दो चीनी नागरिकों को गिरफ्तार कर चीन की नई खुराफात से पर्दा उठाया है।

विज्ञापन


पूरा मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और यूपी एटीएस देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पड़ताल में जुट गई हैं। यूपी से बेचे गए प्री एक्टिवेटेड सिमकार्ड का इस्तेमाल कौन कर रहा है और क्या कर रहा है इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़े हुए हैं।
विज्ञापन


अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि पिछले दिनों बड़े पैमाने पर साइबर आर्थिक फ्राड के मामले में कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसी मामले में जो दो विदेशी नागरिकों की भूमिका सामने आई थी, जिन्हें शनिवार देर रात नोएडा से गिरफ्तार कर लिया गया है। इन दोनों के नाम जू जुंफू और ली टेंग ली शामिल हैं। दोनों बिजनेस वीजा पर भारत आए हुए थे। जू जुंफू का वीजा पिछले साल अगस्त में समाप्त हो चुका था जबकि ली टेंग ली का वीजा पिछले वर्ष सितंबर में समाप्त हो चुका था। इन दोनों को 1000 से अधिक प्री एक्टिवेटेड सिमकार्ड दिए गए हैं। इसमें से 150 नंबरों पर चीन से वी चैट पर एप पर ओटीपी लिया गया। चीन में बैठे व्यक्ति ने इन नंबरों पर व्हाट्स एप कहां एक्टिवेट कराया यह पता लगाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। क्योंकि चीन में व्हाट्स एप पर प्रतिबंध है, ऐसे में माना जा रहा है कि इन नंबरों के जरिए या तो पाकिस्तान में व्हाट्स एप एक्टिवेट कराए जा रहे हैं या फिर चीन खुद कहीं से इन नंबरों के जरिए जासूसी कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन





प्रशांत कुमार ने बताया कि यह मामला सामने आने के बाद एटीएस केआईजी जीके गोस्वामी को इस मामले में तह तक जाने केनिर्देश दिए गए थे। चीनी नागरिकों से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि गुड़गांव में होटल संचालक चीनी नागरिक को वह सिमकार्ड उपलब कराता है। चीन में वी चैट के माध्यम से व्हाट्स एप एक्टिवेशन के लिए ओटीपी लिया जाता है। उसके  बाद व्हाट्स एप का इस्तेमाल कहां हो रहा है यह किसी को पता नहीं। जू जुंफु और ली टंाली दिल्ली और आसपास केजिलों से मिले प्री एक्टिवेटेड सिमकाड को हरियाणा केगुड़गांव के एक होटल मालिक को उपलब्ध कराते थे। यह मालिक भी चीनी हैं। इन्हीं के द्वारा प्री एक्टिवेटे सिमकार्ड पर आया व्हाट्स एप का कोड वी चैट के जरिए चाइना में बैठे लोगों को उपलब्ध कराया जाता है। एटीएस उक्त होटल के मालिकों की तलाश में जुट गई है।

 

देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

एटीएस द्वारा की जा रही पड़ताल में अब तक जो बातें सामने आई हैं, वह सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ाने केलिए काफी हैं। हाल के दिनों में भारत के रिश्ते चीन से अच्छे नहीं हैं। वहीं चीन और पाकिस्तान के मधुर संबंध हैं। दोनों देश भारत के दुश्मन देशों की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में 150 भारतीय मोबाइल नंबरों पर चाइना से व्हाट्स एप नियंत्रित किया जाना देश की सुरक्षा के साथ बड़ी चूक है।

जासूसी के लिए हो सकता है इस्तेमाल
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इन नंबरों पर व्हाट्स एप एक्टिवेट कर हनी ट्रैप कर जासूसी की जा सकती है। यह सेना, देश केहथियारों के रिसर्च सेंटर और देश की खुफिया जानकारियों को लीक करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

तीन अन्य चीनी नागरिकों की तलाश में एटीएस टीम पहुंची हरियाणा
इस मामले में तीन अन्य चीनी नागरिकों की तलाश में यूपी एटीएस की एक टीम हरियाणा के गुड़गांव पहुंच गई है। यहां वह उस होटल के चाइनीज मालिक और मैनेजर की तलाश कर रही है।

पैसे कहां से क्यों भेजे गए, इसकी पड़ताल बाकी
वहीं अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि फर्जी सिमकार्ड के जरिए खोले गए आनलाइन खातों में पैसे कहां से आए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस केस की अभी कई परत खुलना बाकी है। बता दें कि पिछले दिनों यूपी एटीएस ने संभल, अमरोहा और मुरादाबाद से 9 लोगों को गिरफ्तार कर दावा किया था कि यह लोग दूसरे के नामों पर सिमकार्ड एक्टिवेट कर दिल्ली में किसी को बेचते हैं। एटीएस ने पांच लोगों को दिल्ली से भी गिरफ्तार किया था। दिल्ली से पकड़े गए युवकों ने चीन के दो नागरिकों के नाम बताए थे जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। अब इन लोगों ने तीन अन्य लोगों की भूमिका के बारे में बताया है, जिसकी तलाश एटीएस ने शुरू कर दी है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed