वीमेन पावर लाइन से जुड़ेगी साइबर क्राइम सेल
वीमेन पावर लाइन 1090 और साइबर क्राइम सेल को आपस में कनेक्ट किया जाएगा।
सेकंड फेज में वीमेन पावर लाइन को नई टेक्नोलॉजी से लैस करने की भी तैयारी है।
अपग्रेडेशन के बाद अश्लीलता और छेड़छाड़ के मामले वीमेन पावर लाइन में चले जाएंगे, जबकि साइबर क्राइम सेल के पास सिर्फ फ्रॉड से संबंधित मामलों की जांच रहेगी।
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फेसबुक पर छल-कपट, अश्लीलता और साइबर
क्राइम की शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है वीमेन पावर
लाइन 1090 और साइबर क्राइम सेल की स्थापना की गई।
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हालांकि, साइबर सेल में
फेसबुक की प्रोफाइल हैक करने, फर्जी प्रोफाइल बनाकर छल-कपट करने और
लड़कियों की फोटो व मोबाइल नंबर नेट पर डालकर उन्हें बदनाम करने के मामलों
की बाढ़ आ रही है।
चूंकि, सेल में सूबे के 42 जिलों से आने वाली शिकायतों
पर कार्रवाई होती है, इसलिए ऐसी शिकायतों से फ्रॉड के महत्वपूर्ण मामलों की
विवेचनाएं प्रभावित हो जाती हैं।
क्यों पड़ी जरूरत?
साइबर
क्राइम सेल का पूरा स्टाफ रसूखदारों के साथ होने वाली छेड़छाड़ जैसी घटनाओं
की जांच में ही उलझा रहता है। सेल के नोडल अफसर व सीओ हजरतगंज दिनेश यादव
बताते हैं कि जितनी शिकायतें आती हैं, उनमें ज्यादातर छेड़छाड़ और अश्लीलता
की ही हैं।
डीआईजी ने बताया कि साइबर सेल और वीमेन पावर लाइन 1090 को कनेक्ट
करने से छेड़छाड़ और अश्लीलता के मामले अलग किए जा सकेंगे।
साइबर सेल के
पास सिर्फ फ्रॉड और साइबर क्राइम के मामले रहेंगे, जिससे लोड काफी कम हो
जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों सेल को सेकंड फेज में जोड़ने की योजना है।
ट्रैफिक हेल्पलाइन के लिए 1095 अलॉट
वीमेन पावर लाइन की तरह ट्रैफिक हेल्पलाइन 1095 भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। डीआईजी नवनीत सिकेरा ने बताया कि 1095 नंबर एलॉट हो गया है। जल्द ट्रैफिक हेल्पलाइन का प्रस्ताव बनाकर शासन स्तर पर भेजा जाएगा। यहां से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।