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यूपी में मुख्यमंत्री के 'नाई' भी कमा रहे हैं लाखों!

Tue, 31 Mar 2015 02:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Tue, 31 Mar 2015 02:12 PM IST
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Akhilesh's barbar ?do fraud of 10 lakh

यूपी में लोगों ने ठगी करने के अलग-अलग तरीके खोज लिए हैं। खुद को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाई बताकर एक व्यक्ति ने ऐसी ही ठगी कर डाली।

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जानकीपुरम इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने खुद को सीएम का हज्जाम बताकर इलाके के प्रॉपर्टी डीलर से नजदीकी बनाई। उसके बहनोई को राज्य संपत्ति विभाग में चालक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो साल पहले दस लाख रुपये झटके साथ ही गारंटी के तौर पर उसे चेक थमा दिया।
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महीनों चक्कर काटने के बाद प्रॉपर्टी डीलर ने रकम का तगादा किया तो पता चला कि दस लाख का चूना लगाने वाले के बड़े भाई सीएम व सपा सुप्रीमो का नाई है। उसने दोनों को छोटे भाई की करतूत बता मदद मांगी। इसके बाद सोमवार को एसएसपी से शिकायत की है।
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मड़ियांव थाने के नौबस्ता पुलिया मोहिबुल्लापुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर रईस अहमद ने बताया कि तीन साल पहले जानकीपुरम के मोहम्मद नदीम सलमानी से पहचान हुई थी।

नौकरी के नाम पर नाई ने कर ली ठगी

Akhilesh's barbar ?do fraud of 10 lakh

उसने खुद को सीएम अखिलेश यादव का नाई बताया और कभी कोई काम बताने को कहा। नजदीकी बढ़ने पर रईस ने अपने चचेरे बहनोई मो. वस्सन को नौकरी की बात चलाई।

आरोप है कि अप्रैल 13 में नदीम ने दस लाख खर्च करने पर राज्य संपत्ति विभाग में वाहन चालक की नौकरी के दिलाने का वादा किया। रईस ने 6 जून 13 को उसे दस लाख रुपये दे दिए। नौकरी की गारंटी की बात करने पर नदीम ने उसे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का दस लाख का चेक थमा दिया। बोला कि  नौकरी न मिलने पर वह चेक भुना सकता है।

रईस का कहना है कि महीना भर बाद नदीम ने कागजी खानापूरी के बहाने 30 हजार रुपये और ले लिए। इसके बाद बहाने बनाने लगा। वक्त गुजरने के साथ परिवारीजनों ने उलाहना देने शुरू किए और रईस ने नदीम के घर के चक्कर काटने शुरू किए।

मुलायम के नाई के छोटे भाई ने की ठगी

Akhilesh's barbar ?do fraud of 10 lakh

डेढ़ साल बाद भी नौकरी न मिलने पर उसे संदेह हुआ। छानबीन पर पता चला कि नदीम का बड़ा भाई मो. आजाद सलमानी सीएम का नाई है और उससे बड़ा मो. वसीम सलमानी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का हज्जाम है।

बकौल रईस उसने मो आजाद और मो. वसीम को नदीम की करतूत बताने के साथ मदद मांगी। मो. वसीम सलमानी ने नदीम को फोन करके नाराजगी जताई और रकम लौटाने को कहा।

कोई नतीजा न निकलने पर रईस ने मो आजाद से शिकायत की। उसने भी प्रयास किए। मो. नदीम पर कोई असर न पड़ते देख रईस अहमद ने सोमवार को एसएसपी के ऑफिस में शिकायत की। इस पर मड़ियांव थाने को जांच सौंपी गई है।

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