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लखनऊ में वकीलों का तांडव, छह घंटे किया बवाल

Thu, 11 Feb 2016 03:30 AM IST
Updated Thu, 11 Feb 2016 03:30 AM IST
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advocate protest near highcourt in lucknow

साथी वकील श्रवण कुमार की हत्या से भड़के वकीलों ने बुधवार को लखनऊ में हाईकोर्ट के आस-पास छह घंटे तक जमकर बवाल किया। उपद्रवी वकीलों ने दो रोडवेज बसों समेत तीन सरकारी व दो निजी कारें तथा 10 बाइकें फूंक दीं। 35 सरकारी व 20 निजी कारों के शीशे तोड़ डाले।

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हाईकोर्ट और स्वास्थ्य भवन के आसपास से गुजर रहे वाहनों में तोड़फोड की। राहगीरों को लोहे की रॉड, डंडे व सरिया से जमकर पीटा।

उपद्रवी वकीलों ने स्वास्थ्य भवन में भी तोड़फोड़ की। कर्मचारियों ने विरोध किया तो उन्हें पीट दिया। वकीलों ने कार्यालय में घुसने की कोशिश की तो कर्मचारियों ने दरवाजे भीतर से बंद कर लिए। उपद्रवियों ने कार्यालय की खिड़कियों के शीशे तोड़कर भीतर पेट्रोल बम फेंके, जिससे कंप्यूटर व फाइलें जल गईं।
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वकीलों ने हाईकोर्ट चौराहा और सीडीआरआई तिराहा पर स्थित ट्रैफिक बूथ व एक बस स्टॉप में आग लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा।
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इस दौरान पुलिसकर्मियों से भी कई चक्र में मारपीट और पथराव हुआ। इस बवाल में दोनों तरफ से 50 से अधिक लोग चोटिल हुए हैं।

दहशत : वकीलों का रौद्र रूप देख बच्चों को लेकर भागी महिलाएं

advocate protest near highcourt in lucknow

वकीलों के एक गुट ने शहीद स्मारक की ओर जा रहीं दो रोडवेज बसों को स्वास्थ्य भवन के पिछले गेट पर रुकवा लिया। वे बसों में तोड़फोड़ करने लगे तो सवारियों में चीख-पुकार मच गई। महिलाएं बच्चों को लेकर बाहर भागीं।

भगदड़ में तीन बुजुर्ग और दो महिलाएं बस से गिरकर चोटिल भी हो गईं। वकीलों ने ड्राइवर को पकड़ लिया और दोनों बसें बीच सड़क पर तिरछी करके खड़ी कराने के बाद उनमें आग लगा दी।

मूक दर्शक बने रहे अफसर
तांडव मचा रहे वकीलों ने मीडियाकर्मियों से मारपीट की। उनके कैमरे तोड़ डाले। वकीलों ने करीब छह घंटे तक बवाल किया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मूक दर्शक बनकर खड़े रहे।

5 तरफ से घेराबंदी कर भी वकीलों पर काबू नहीं कर सकी पुलिस

advocate protest near highcourt in lucknow

उपद्रव, तोड़फोड़, आगजनी की सूचना पाकर आईजी ए. सतीश गणेश, डीआईजी डीके चौधरी, डीएम राजशेखर, एसएसपी राजेश कुमार पांडेय सहित पुलिस-प्रशासन के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे।

25 से अधिक थानों की फोर्स व पीएसी मौके पर बुला ली गई। हाईकोर्ट परिसर को सीडीआरआई तिराहा, कमिश्नर ऑफिस, हाईकोर्ट चौराहा, रेजिडेंसी के सामने और कलेक्ट्रेट ऑफिस के आगे बैरीकेडिंग कर वकीलों की घेराबंदी कर ली गई। इसके बावजूद पुलिस हालात काबू नहीं कर सकी।

पुलिस के सामने ही वकील लोहे की रॉड, डंडे और सरिया लेकर राहगीरों को पीटते और वाहनों में तोड़फोड़ करते रहे। डीएम-एसएसपी ने स्वास्थ्य भवन के भीतर जाकर वहां हालातों का जायजा लिया।

पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से वकीलों को शांत करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान वकीलों की अभद्रता और गाली-गलौज से पुलिसकर्मी कई बार भड़के लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझांकर शांत करा दिया।

धुएं और घुटन से स्वास्थ्य भवन में आठ महिलाएं-बुजुर्ग बेहोश

advocate protest near highcourt in lucknow

वकीलों ने स्वास्थ्य भवन में पेट्रोल बम फेंके जिससे फाइलों के ढेर धू-धूकर जलने लगे। घुटन से कार्यालय के कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों का दम घुटने लगा। महिलाएं और बुजुर्ग छत की तरफ भागे। भगदड़, दहशत और धुएं से आठ महिलाएं व बुजुर्ग सीढ़ियों पर बेहोश होकर गिर पड़े।

एक गुट करता रहा अधिकारियों से बातचीत, दूसरे गुट ने किया उपद्रव
अधिवक्ता श्रवण कुमार की हत्या के विरोध में वकीलों का एक गुट सुबह करीब 11 बजे हाईकोर्ट चौराहा से जुलूस बनाकर परिवर्तन चौक पहुंचा।

यहां एडीएम निधि श्रीवास्तव, एएसपी पश्चिम अजय कुमार मिश्रा, एएसपी पूर्वी शिवराम यादव सहित अन्य अधिकारियों से वकीलों ने श्रवण के हत्यारों की गिरफ्तारी और मृतक आश्रित परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी।

एडीएम ने मांगें मानते हुए जल्द औपचारिकताएं पूरी करके धनराशि सौंपने और एएसपी पश्चिम ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। यहां बातचीत चल ही रही थी कि हाईकोर्ट चौराहा और सीडीआरआई तिराहा पर मौजूद वकील गुट बनाकर उपद्रव व तोड़फोड़ करने लगे।

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