पुलिस वालों को चकमा देकर केजीएमयू से फरार हो गया पत्नी की हत्या का आरोपी, तीन सिपाही निलंबित
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केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग से एक कैदी मंगलवार सुबह तीन पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। नौ महीने पहले पत्नी को गोली से उड़ाने के बाद वह बलरामपुर जेल में बंद था। फरार आरोपी का कुछ पता न चलने पर पुलिसकर्मी ने वजीरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करके विभागीय जांच शुरू कराई है।
पिछले साल 12 अप्रैल को पत्नी रेनू की गोली मारकर हत्या का आरोपी विवेक तिवारी सोमवार सुबह केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग में तीन पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मुताबिक, 17 अप्रैल 2018 से जेल में बंद विवेक तिवारी को आरक्षी अरविंद कुमार, राजीव साहू तथा संजय यादव की अभिरक्षा में 12 जनवरी को मानसिक रोग विभाग में भर्ती कराया गया था।
विवेक ने सोमवार सुबह 7:30 बजे लघुशंका का बहाना किया और तीनों पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिसकर्मियों ने संभावित स्थानों पर उसकी तलाश के साथ वजीरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। लापरवाही के चलते तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वजीरगंज पुलिस ने तीनों सिपाहियों को साथ लेकर विवेक की तलाश शुरू की।
उधर, बलरामपुर के क्षेत्राधिकारी शहर ओपी सिंह ने टीमें गठित करके संभावित ठिकानों पर छापामारी कराई। विवेक के परिवारीजनों व करीबी लोगों से तहकीकात की जा रही है। जेल में उससे मुलाकात करने वालों के बारे में छानबीन की जा रही है। जेल सूत्रों का कहना है कि विवेक का दिमागी संतुलन गड़बड़ चल रहा था।
आधी रात को पत्नी को गोली से उड़ाया था
महाराजगंज तराई थाने के गांव हड़पुर मजरे गहिहवा निवासी विवेक तिवारी शहर में किराए के कमरे में पत्नी रेनू व छह बच्चों के साथ रहता था। 12 अप्रैल 18 को देर रात कमरे में सो रही पत्नी रेनू को जगाकर दरवाजा खुलवाया। उससे झगड़ा किया और सिर पर तमंचे से गोली मारकर हत्या की।
इसके बाद जरूरत का सामान बैग में भरकर बाइक से फरार हो गया था। सनसनीखेज वारदात के पांचवें दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। तहकीकात में खुलासा हुआ कि उच्चशिक्षा प्राप्त विवेक तिवारी ठेकेदारी करके पत्नी व छह बच्चों की परवरिश करता था लेकिन तीन साल पहले बेरोजगार हो गया। तंगहाली के चलते घर में कलह शुरू हुई और उसने एक बेटी को राप्ती नदी में फेंककर हत्या की कोशिश की।