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नवजात को लगा दिया 'मौत का इंजेक्शन'

Thu, 31 Oct 2013 03:08 AM IST
मनीष कुमार सिंह/लखनऊ
मनीष कुमार सिंह/लखनऊ Updated Thu, 31 Oct 2013 03:08 AM IST
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accident in vivekanand hospital

विवेकानंद अस्पताल में नवजात को इंजेक्शन के ओवरडोज से उसकी मौत हो गई।

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नवजात की मौत के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ।

सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने की सहमति पर ही कार्रवाई करने की बात कही जिसके बाद परिवारीजन नवजात का शव लेकर वापस चले गए।

परिजनों का आरोप था कि बच्चे को सामान्य हालत में अस्पताल में भर्ती कराने के बावजूद डॉक्टरों ने उसके इलाज में लापरवाही बरती जिससे उसकी मौत हो गई।

परिवारीजनों ने बच्चे की मौत के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा किया और दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई करने की मांग की।

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कोई सुनवाई होते न देख परिवारीजन अस्पताल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर शव वापस लेकर चले गए।

मौके मंगलवार को नयागांव, अमीनाबाद के रहने वाले मोहम्मद नदीम के छह माह के नवजात को बुखार की शिकायत के बाद शाम पांच अलीगंज स्थित विवेकानंद पॉलीक्लीनिक के शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया।
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वहां मौजूद डॉ. त्रिचला ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बच्चे की बीएटी तैयार की। इसके बाद अस्पताल के डॉ. एसी चावला ने बच्चे का इलाज शुरू किया।

करीब पैंतालीस मिनट के इलाज के बाद नवजात की तबियत अचानक बिगड़ गई और उसके नाक से खून और मुंह से झाग आने लगा।

परिजनों ने इसकी शिकायत डॉक्टर से की तो जब तक डॉक्टर मौके पर पहुंचता तब तक नवजात ने दम तोड़ दिया।

बच्चे के पिता मोहम्मद नदीम और मां फरहाना ने बच्चे का इलाज कर रहे डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. एसी चावला और डॉ. त्रिचला ने बच्चे की रीढ़ की हड्डी में इंजेक्शन लगाया।
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इसी के बाद उसकी तबियत खराब होने लगी। थोड़ी देर बार उसकी आंखें पलट गईं और नाक से खून बहने लगा।

पिता और मां ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रशासन से उसपर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

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लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई कार्रवाई करने की बजाए परिवारीजनों को अस्पताल से बाहर कर दिया।

मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने की सहमति मांगी। लेकिन परिवार के सदस्यों ने इससे मना कर दिया। इसके बाद परिवारीजन बच्चे के शव को लेकर वापस घर चले गए।

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