गवाह की पत्नी बोली, ‘आसाराम ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी’
‘पति ने आसाराम बापू को भगवान की तरह पूजा। सत्संग में जाने के लिए अगर मुझे देर हो जाती तो वह नाराज हो जाते। उस आसाराम ने मेरे पति की हत्या करा दी। मेरी और मेरे बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर दी।’
बृहस्पतिवार को राजधानी में एडवा के कार्यालय में मौजूद शाहजहांपुर निवासी मोनी सिंह उर्फ नीरज ने इन शब्दों में अपना दर्द बयां किया। मोनी सिंह आसाराम बापू बलात्कार प्रकरण में गवाह रहे कृपाल सिंह की पत्नी हैं जिन्हें कुछ दिनों पहले गोली मार दी गई थी। उनके परिवारीजनों ने इसके पीछे आसाराम का हाथहोने का आरोप लगाया है।
डीजीपी से मिलने में असमर्थ रही मोनी सिंह ने बताया कि आसाराम को मेरे पति भगवान की तरह मानते थे। एक दिन उन्होंने अचानक उनकी मूर्ति व फोटो घर से बाहर फेंक दी। मुझे वजह भी नहीं बताई। गवाही तक की बात मुझे अखबारों से पता चली।
10 जुलाई को काम से लौटते समय उन्हें गोली मारने की खबर मिली। अगले दिन उनकी मौत हो गई। इतने गंभीर मामले में गवाही और इससे पहले कई गवाहों पर हमले के बाद भी पुलिस ने पति की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
मोनी सिंह पति की हत्या के समय गर्भवती थीं। वह अब खुद की मदद को मोहताज हैं। डीएम से मदद मांगी तो रेडक्रॉस सोसाइटी से एक लाख रुपये दिलाए गए। उनका छह साल का बच्चा है। उनकी जिंदगी इतने कम पैसों में कैसे चलेगी?
अभी तक नहीं हो रही कोई सुनवाई
मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री तक को नौकरी के लिए पत्र लिखा कि वह प्रशिक्षित बेरोजगार हैं। उन्होंने पीजीडीसीए किया है। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने अपनी सुरक्षा के बारे में कहा, अभी तो कोई धमकी नहीं मिली लेकिन भविष्य के लिए आश्वस्त नहीं हैं।
नहीं पसीजा स्थानीय प्रशासन
एडवा की सचिव मधु गर्ग ने बताया कि हमने डीजीपी के माध्यम से भी मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि डीएम खुद एक महिला हैं इसके बाद भी उनकी संवेदना पीड़िता के लिए नहीं है। वह ठीक से इससे बात भी नहीं करना चाहतीं। क्या नौकरी दिलाने में वह खुद सक्षम नहीं हैं? मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक मदद के लिए भी सिफारिश की जा सकती है।
जूही ने की मदद की पेशकश
पीड़िता राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरमैन जूही सिंह से मिली। उन्होंने पीड़िता के बच्चे की पढ़ाई से लेकर दूसरे बच्चे के प्रसव तक की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया है। वे शाहजहांपुर के डीएम और सीएमओ से भी बात करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मदद दिलाने का आश्वासन दिया।