मकान के विवाद में खूनी बना बेटा, सौतेली मां को चाकुओं से गोदकर मार डाला
लखनऊ के गाजीपुर के इंदिरानगर सर्वोदयनगर निवासी पुलिसकर्मी शफातुल्ला खां के बेटे सिराज ने मंगलवार शाम संपत्ति विवाद में 45 वर्षीय सौतेली मां मैसर जहां की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। वारदात के बाद सिराज खून से लथपथ चाकू हाथ में लेकर शव के पास ही बैठ गया।
मुहल्लेवालों ने पकड़ने की कोशिश की तो उसने चाकू लेकर दौड़ा लिया। दहशतजदा लोगों ने उसके बड़े भाई व यूपी 100 सेवा में कार्यरत व जानकीपुरम में पीआवी में तैनात सिपाही शमीम को सूचना दी। शमीम घर आया और पुलिस को बुलवाया। गाजीपुर पुलिस ने सिराज को गिरफ्तार करके उसके पास से चाकू जब्त कर लिया है।
इंस्पेक्टर गिरजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि मैसर जहां मूलरूप से बस्ती के हरैया की रहने वाली थी। पहले पति से तलाक के बाद उसने पुलिस भर्ती बोर्ड में आरक्षी चालक शफातुल्ला खां से निकाह किया और अपने दो बच्चों के साथ उसके घर पर ही रह रही थी। शफातुल्ला की पत्नी जाहिदा खान की बीमारी से मौत हो चुकी है।
मकान के ग्राउंड फ्लोर पर शफातुल्ला व मैसर जहां व उसके बच्चे रह रहे थे जबकि शफातुल्ला के बेटे शमीम और सिराज फर्स्ट फ्लोर पर रहते हैं। सिराज सऊदी अरब में काम करता है और डेढ़ महीने पहले ही छुट्टी पर घर आया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि शफातुल्ला अपना मकान दूसरी पत्नी व उसके बच्चों के नाम करना चाहता था। इस बात का सिराज विरोध कर रहा था। घर में अक्सर संपत्ति को लेकर झगड़ा हुआ करता था। सोमवार रात भी मैसर जहां और सिराज के बीच जमकर गाली-गलौज व झगड़ा हुआ।
चाकू निकालकर ताबड़तोड़ वार कर डाले
मैसर जहां को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा देख सिराज को पकड़ने की कोशिश की तो उसने चाकू लहराते हुए लोगों को दौड़ा लिया। किसी ने शमीम को फोन कर सूचना दी। मौके पर पहुंचे शमीम ने पुलिस को बुलवाकर सिराज को गिरफ्तार करा दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि सिराज के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।
रातभर रची हत्या की साजिश, सुबह डंडइया से खरीदा चाकू
सिराज ने बताया कि सोमवार रात सौतेली मां से झगड़े के बाद से वह घर से निकला तो बहुत गुस्से में था। उसी वक्त उसने सौतेली मां की हत्या का इरादा कर लिया था। रातभर वह सड़क पर इधर-उधर घूमता रहा। सुबह होते ही उसने डंडइया बाजार से चाकू खरीदा। इसके बाद जमकर बियर और गांजा पिया। बुरी तरह से नशे में धुत होकर शाम करीब साढ़े पांच बजे वह घर पहुंचा तो मैसर जहां सामने ही दिख गई। उसे देखते ही चाकू निकालकर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
देवर को खून की होली खेलते देख दुबक गई भाभी
चाकू से घायल मैसर जहां चीखीं तो मकान की पहली मंजिल पर रहने वाली शमीम की पत्नी व बच्चों ने नीचे झांका। नीचे का नजारा देखते ही उनके होश उड़ गए। सिराज चाकू से मैसर जहां के शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर रहा था। वह जान बचाने के लिए चीख रही थीं और हाथ-पैर मार रही थीं। फर्श और दीवारों पर खून ही खून बिखरा हुआ था।
मैसर जहां के बच्चों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। देवर को खून की होली खेलते देख वह कमरा भीतर से बंद कर बच्चों को लेकर दुबक गईं। कुछ देर बाद पति शमीम घर आया तब उन्होंने दरवाजा खोला।
मकान से मां की जगह मैसर जहां के नाम का पत्थर बनवाया था
सिराज का कहना है कि पिता शफातुल्ला खां दूसरे निकाह के बाद से भेदभाव करने लगे थे। दोनों बेटों की जगह उन्होंने मैसर जहां और उसके बच्चों को सिर-आंखों पर बैठा रखा था। यहां तक कि मकान के बाहर लगा जाहिदा विला के नाम का पत्थर हटवाकर मैसर जहां विला का पत्थर लगवाने वाले थे। उसने बताया कि घर पर अक्सर मैसर जहां के परिवारीजन व रिश्तेदार आते रहते थे। वह उनकी खूब आवभगत करती।
अच्छा खाना पकाकर खिलाती लेकिन उसे व शमीम के परिवार को पूछती तक नहीं थी। उसने कहा कि पिता दोनों बेटों को संपत्ति से बेदखल करके मैसर जहां व उसके बच्चों को वारिस बनाना चाहते थे।