महिला को बांके से काट डाला, भड़के लोगों ने जेठ को पीट-पीटकर मार डाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के काकोरी के सुखलालखेड़ा गांव में साधु के भेष में रह रहे सिरफिरे ने बुधवार सुबह अपने छोटे भाई की पत्नी को घर में बांके से काटकर मार डाला। खून से सना बांका लेकर अपनी मड़ैया में जाकर लेट गया।
मासूम बच्चों की चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने आंगन में खून से लथपथ लाश पड़ी देखकर आरोपी को पकड़ा और धुनाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पिटाई से घायल आरोपी को ट्रॉमा सेंटर भेजा जहां उसने भी दम तोड़ दिया।
एसओ काकोरी रामनरेश यादव ने बताया कि गांव सैंथा के मजरा सुखलाल खेड़ा का निवासी राजेंद्र यादव करीब 15 साल से साधु के भेष में घर से कुछ दूर स्थित मड़ैया में रहता था। ग्रामीणों के अनुसार उसका दिमागी संतुलन गड़बड़ था।
राजेंद्र बुधवार सुबह 8:30 बजे बांका लेकर अपने छोटे भाई बृजेंद्र यादव के घर पहुंचा। बृजेंद्र की गर्भवती पत्नी किरन (32) घरेलू काम में व्यस्त थी। उसके दो छोटे बच्चे अजय व सुभाषिनी आंगन में खेल रहे थे।
सीने व बाएं हाथ पर किए वार
राजेंद्र दबे पांव किरन के पास पहुंचा और किसी बात को लेकर उससे झगड़ने के साथ बांके से ताबड़तोड़ वार करने लगा। गर्दन, चेहरे, सिर, सीने व बाएं हाथ पर आठ वार कर किरन को मार डाला।
चार साल की सुभाषिनी अपनी मां को खून से लथपथ देखकर बाहर दौड़ी और शोर मचाने लगी। इस बीच राजेंद्र बांका लेकर घर से निकला और अपनी मड़ैया में जाकर लेट गया।
बच्ची की चीख-पुकार पर दौड़े ग्रामीणों ने किरन का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। बुरी तरह रो रही बच्ची ने उन्हें राजेंद्र द्वारा बांका से हमले की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बृजेंद्र को फोन कर पत्नी की हत्या की जानकारी दी और राजेंद्र की मड़ैया पर धावा बोलकर उसे बांका समेत पकड़ा।
आक्रोशित भीड़ उस पर टूट पड़ी। पुलिस के पहुंचने तक ग्रामीण उस पर डंडे व लात-घूंसे बरसाते रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने मरणासन्न राजेंद्र को ग्रामीणों से छुड़ाकर ट्रॉमा सेंटर भेजा और बृजेंद्र यादव की तहरीर पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। एसओ ने बताया कि पिटाई से गंभीर रूप से घायल राजेंद्र यादव ने भी शाम को ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया।
तीन बच्चों को तैयार कर भेजा था स्कूल
जेहटा-माल रोड पर चाय की दुकान चलाने वाले बृजेंद्र यादव ने बताया कि किरन ने सुबह तीन बच्चों अजय (10), खुशबू (8) व चांदनी (6) को तैयार कर स्कूल भेजा था। बृजेंद्र भी दुकान खोलने चला गया।
पांच माह की गर्भवती किरन अपनी छोटी बेटी सुभाषिनी (4) व बेटे विजय (2) के साथ घर पर थी। हत्या की खबर पर तीनों बच्चे भी स्कूल से घर लौटे और मां का शव देखकर बिलख उठे।
पहले पत्नी ने छोड़ा था साथ
पत्नी की हत्या पर रो रहे बृजेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई राजेंद्र शुरू से ही गुस्सैल स्वभाव का था और अक्सर झगड़ा करता रहता था।
इसी आदत के चलते कई साल पहले उसकी पत्नी सुनीता अपने तीन बच्चों को लेकर मोहनलालगंज के गांव मऊ स्थित अपने मायके चली गई थी। घर के पास मड़ैया डालकर रह रहा राजेंद्र अक्सर किरन व उसके बच्चों से झगड़ा करता था।