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लग्जरी गाड़ियों का धंधा करता था ये गिरोह, पर्दाफाश

Tue, 24 Jun 2014 10:47 AM IST
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 24 Jun 2014 10:47 AM IST
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a fraud gang arrested by lucknow police

सर्विलांस सेल व कृष्णानगर पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन जालसाजों को गिरफ्तार करके लग्जरी गाड़ियों का धंधा करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है।

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यह गिरोह फर्जी दस्तावेज पर बैंक से कर्ज लेकर खरीदी गाड़ियां कम कीमत पर बेचता था।

जालसाजों के कब्जे से दस लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई हैं। पुलिस को गिरोह के तार विभिन्न बैंकों व आरटीओ ऑफिस से जुड़े होने का शक है। गिरोह के छह जालसाजों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
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95 लाख कीमत की दस लग्जरी गाड़ियां बरामद

a fraud gang arrested by lucknow police

एसएसपी प्रवीण कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर कृष्णानगर विकास पांडेय व सर्विलांस सेल प्रभारी अक्षय कुमार की टीम ने इंदिरानगर के मानस सिटी निवासी नितिन वर्मा, यहियागंज के नितिन केसरवानी व इटावा के इकदिल थाने के मोहल्ला गुलियात निवासी ललित कुमार गोयल को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 95 लाख कीमत की दस लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं।

इनमें दो डस्टर, दो स्वीफ्ट डिजायर, दो स्वीफ्ट वीडीआई, एक वॉल्क्स वैगन पोलो शामिल हैं।

छह फरार जालसाजों में पारा थाने के वैष्णोग्राम कॉलोनी निवासी अशोक मिश्रा व कैसरबाग के पीयूष गुप्ता उर्फ आयुष गुप्ता, आशियाना के बिजली पासी किला निवासी विक्रम प्रताप सिंह, गाजीपुर थाने के मारुतिपुरम् निवासी कुंवर आलोक चंद्र. इंदिरानगर के मानस इन्क्लेव के फेज-2 निवासी वीरेंद्र यादव व मानस सिटी निवासी सनी जासमन की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

ऐसे करते थे काम

a fraud gang arrested by lucknow police

गिरोह में शामिल जालसाज दिखावे के तौर पर छुटपुट व्यवसाय करते थे और विभिन्न कंपनियों से शोरूम में संपर्क करके लग्जरी गाड़ी खरीदने के लिए संपर्क करते थे।

कार की कीमत का दस प्रतिशत भुगतान नगद या चेक से करके शेष रकम के लिए कर्ज का आवेदन करते थे। विभिन्न बैंकों में फर्जी दस्तावेज लगाकर कर्ज स्वीकृत कराते और दो-तीन किश्त जमा करने के बाद बैंक से नाता तोड़ लेते थे।

इस बीच कार के डुप्लीकेट कागज तैयार करके उसे कुछ कम कीमत पर बेच लेते थे। कर्ज अदा न होने पर बैंककर्मी तलाश करते, लेकिन फर्जी नाम-पते की वजह से कर्जदार तक नहीं पहुंच पाते और गाड़ी भी ठिकाने लगाई जा चुकी होती थी।

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ऐसे फूटा भांडा

a fraud gang arrested by lucknow police

नितिन ने एसबीआई की महानगर शाखा में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करके कर्ज लेकर दूसरी स्वीफ्ट डिजायर खरीदी जिसे उसके साथी वीरेंद्र और अशोक ने फर्जी एनओसी लगाकर बेच डाला।

हिस्सा न मिलने से खींचतान शुरू हुई। नाराज नितिन ने बैंक व पुलिस अधिकारियों से शिकायत की कि जनवरी 14 में उसने कार के लिए कर्ज लिया था, लेकिन गाड़ी अप्रैल तक नहीं मिली है।

इस पर बैंक व महानगर पुलिस टीम ने जांच की तो होश उड़ाने वाले राज उजागर होने लगे। सर्विलांस की मदद से गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई गई। जालसाजों का पता लगते ही कृष्णानगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी।

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