नेताओं से सीखी 'ठग विद्या', फिर उनसे ही करने लगा वसूली!
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सांसद बनकर विधायकों से ठगी करने के आरोपी लखीमपुर निवासी सौरभ को बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। सौरभ अपने ही मोबाइल से विधायकों को कॉल कर रौब गांठता था। पार्टी की नीतियों पर खरे न उतरने की बात कहते हुए कई विधायकों की क्लास भी लगाई। इसके बाद शिकंजे में आने वाले विधायकों से रुपये मांगता था।
सीतापुर से सपा विधायक राधेश्याम गुप्ता के बेटे अनूप गुप्ता को कॉल कर सौरभ ने खुद को सांसद धर्मेंद्र यादव बताते हुए रुपये मांगे थे। विधायक ने छानबीन की तो सौरभ की पोल खुल गई। आला अफसरों से शिकायत के बाद हरकत में आई सर्विलांस टीम ने बुधवार सुबह सौरभ को सिकंदरबाग चौराहे से दबोच लिया।
सर्विलांस टीम के प्रभारी अनुराग मिश्रा ने बताया कि सौरभ त्रिपाठी लखीमपुर खीरी के ओयल महावीरी गांव निवासी प्राइमरी स्कूल के टीचर अजय कुमार त्रिपाठी का बेटा है।
वह अपनी ही आईडी पर लिए गए सिमकार्ड से विधायकों को फोन करता था। उसका मोबाइल व सिमकार्ड बरामद कर लिया गया है। सौरभ के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
सीबीआई-क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बनकर भी वसूली
सौरभ ने क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बनकर राजधानी के एक स्पा के मालिक को कॉल कर अवैध गतिविधियां संचालित करने की धमकी दी और 25,000 रुपये वसूलने की बात कुबूल की है।
उसने खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताते हुए राजधानी के एक स्कूल के प्रधानाचार्य को भी कॉल किया था। सौरभ ने कहा था कि, वह फंड घोटाले की जांच कर रहा है, जिसमें उनका भी नाम शामिल है। जांच से प्रधानाचार्य का नाम हटाने के लिए सौरभ ने उनसे 40,000 रुपये मांगे थे।
खुद को बताता था सांसद
सौरभ ने बताया कि बीते लोकसभा चुनाव में वह अपने इलाके के नेताओं के साथ उठता-बैठता था। उनकी बॉडी लैंग्वेज, व्यवहार, बातचीत का तरीका सीखा। इसके बाद उसने ठगी का धंधा शुरू किया। बाद में उसने खुद को सांसद बताना शुरू कर दिया।
सर्विलांस प्रभारी अनुराग ने बताया कि सौरभ अक्सर बीजेपी, सपा और बसपा कार्यालय में आता-जाता था। सपा विधायकों को वह सांसद धर्मेंद्र यादव बनकर कॉल करता था, जबकि बसपा विधायकों को वह खुद को सतीश चंद्र मिश्रा बताता था।
राजनाथ सिंह का बेटा बनकर मांगे पैसे
भाजपा विधायकों से वह गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे व राष्ट्रीय महासचिव पंकज सिंह बनकर बात करता था। सौरभ ने बताया कि उसने मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी, बांदा से सपा विधायक रमेश चंद्र दुबे, बसपा विधायक सुनील यादव को कॉल कर रुपयों की मांग की थी।
परेशान थे पिता
सर्विलांस प्रभारी ने बताया कि सौरभ की हरकतों से उसके पिता भी परेशान थे। सौरभ ने सीतापुर के हरगांव स्थित नेपाल सिंह महाविद्यालय से बीए किया था। पिता पढ़ाकर उसे टीचर बनाना चाहते थे, लेकिन सौरभ की रुचि नेतागीरी में थी। वह दिनभर नेताओं के साथ घूमता रहता था।
पिता ने खर्चा-पानी बंद कर सौरभ को सुधारने की कोशिश की तो उसने लोगों से रुपये उधार लेना शुरू कर दिया। सर्विलांस प्रभारी ने बताया कि एक साल पहले लखीमपुर के एक व्यापारी से उसने ढाई लाख रुपये ठगे थे। इस मामले में वह गिरफ्तार भी हुआ था।