पहले लाठी-डंडों से पीटा फिर सिर में गोली मारकर की हत्या
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काकोरी के अलीपुर सराय में सोमवार तड़के आम व्यवसायी महेश कुमार मौर्या(35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या से पहले आरोपियों ने व्यवसायी को बुरी तरह से लाठी-डंडों से पीटा फिर तमंचे से सिर में गोली मार दी।
फायर सुनकर पहुंचे व्यवसायी के चचेरे भाई ने ग्रामीणों की मदद से दो आरोपियों को पकड़कर पिटाई की फिर पुलिस को सौंप दिया, जबकि दो लोग मौका पाकर भाग निकले। इस मामले में व्यवसायी की पत्नी महेश्वरी देवी ने मेराज, बबलू, इमरान और जमाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
एसओ काकोरी राम नरेश यादव के मुताबिक, बाग के अलावा महेश कुमार मौर्या आम का व्यवसाय भी करता था। बाग में भैंस जाने को लेकर हुए विवाद में गांव के ही बबलू, मेराज, इमरान और जमाल ने महेश कुमार मौर्या को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। इसके बाद सिर में गोली मारकर हत्या कर दी।
इस दौरान महेश के चचेरे भाई कुलदीप को देखकर आरोपी तमंचा फेंककर भागने लगे। इस पर कुलदीप ने ग्रामीणों की मदद कर बबलू और उसके सगे भाई मेराज को पकड़ लिया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। वहीं, पोस्टमॉर्टम हाउस पर सांसद कौशल किशोर समेत भारी संख्या में ग्रामीणों का तांता लगा रहा।
ये था विवाद, रंजिश बढ़ी और कर दी हत्या
व्यवसायी महेश कुमार मौर्या के आम के बाग के बगल में पप्पू मौर्या का बाग है। पप्पू ने अपने बाग को कंटीले तारों से घेर रखा है। उसने इसे बबलू और मेराज को बंटाई पर दे रखा है।
चार दिन पहले बृहस्पतिवार को गांव के ही संदीप और सुखबीर की भैंस पप्पू के बाग में लगे कंटीले तारों में फंस गई थी। इससे बाग में सब्जी नष्ट हो गई थी। इसी पर संदीप और सुखबीर से बबलू व मेराज के बीच मारपीट हुई थी। एक पक्ष के मेराज, बबलू, इमरान और जमाल ने दूसरे पक्ष के संदीप, सुखबीर को बुरी तरह पीटा था।
संदीप की ओर से महेश ने बबलू और मेराज से झगड़ा किया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की थी। इसमें महेश और बबलू को गिरफ्तार किया गया था। दोनों एक दिन पहले ही छूटकर आए थे। महेश के बड़े भाई कंस राम मौर्या ने बताया कि इसी रंजिश के चलते बबलू और मेराज ने महेश की हत्या की है।
वर्चस्व कायम करने को लेकर हुआ विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि बबलू और मेराज काफी दबंग हैं। गांव में अक्सर लोगों का उनसे झगड़ा होता है। पूर्व प्रधान रफीक भी उनके पक्ष में हैं। कुछ दिनों पहले गांव के ही रहीम बख्श की बकरी कंटीले तारों में फंस कर मर गई थी। इसको लेकर भी विवाद हुआ था।
बबलू ओर मेराज वर्चस्व कायम करना चाहते हैं। उधर, महेश खुद को कमजोर नहीं समझते थे। महेश, भाई कंसराम, सुरेश राधेश्याम, सर्वेश मौर्या के साथ हर छोटे बड़े मसले में दखल रखते थे।
लहूलुहान लाश देख बिलख पड़े मासूम
महेश की लहूलुहान लाश देखकर पत्नी महेश्वरी, मासूम बच्चे प्रियंका, प्रिंस, पायल और पलक फूट-फूटकर रो पड़े। सुबह घटना की जानकारी होते ही ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया।
उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि मेराज और बबलू के खिलाफ अक्सर ही थाने में शिकायत होती थी लेकिन पुलिस ने कभी उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसी वजह से उनका मनोबल बढ़ता गया।