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शिवम सुसाइड केस में सीएमएस की प्रिंसिपल ही आरोपी!
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 26 Jul 2013 11:01 AM IST
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स्कूल में मां के सामने अपमानित करने से आहत छात्र की आत्महत्या के मामले में कोर्ट ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट खारिज कर दी है।
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दसवीं के छात्र शिवम की आत्महत्या के लिए सीएमएस महानगर की प्रिंसिपल नलिनी शाह को कोर्ट ने आरोपी मानते हुए तलब किया है। एसीजेएम कमलापति ने मामले की सुनवाई के लिए नौ अक्तूबर को अगली तारीख तय की है।
पुलिस ने प्रिंसीपल को क्लीन चिट देते हुए इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। गौरतलब है कि विकासनगर सेक्टर सात में रहने वाले वायरलेस दरोगा आरआर सिंह और वंदना सिंह का बेटा शिवम सिंह सीएमएस महानगर के दसवीं कक्षा का छात्र था।
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स्कूल में प्रिंसिपल की फटकार के बाद घर आकर शिवम ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। मां वंदना सिंह ने 10 मई 2011 को महानगर थाने पर रिपोर्ट दर्ज करके बताया कि उसे 9 मई को शिवम के स्कूल से फोन करके बुलाया गया था।
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जब वह प्रधानाचार्या नलिनी शाह के कार्यालय में पहुंची तो प्रधानाचार्या ने पुत्र शिवम को उनके सामने ही अपमानित करते हुए उसकी पैन्ट उतरवा दी। उससे कहा कि पूरे स्कूल के सामने नंगा करके घुमाया जायेगा। आरोप लगाया कि अपमान व प्रताड़ना से आहत शिवम ने अपने घर में पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी।
महानगर पुलिस ने प्रधानाचार्या के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोपों में मामला दर्ज करके विवेचना की। पुलिस ने इस मामले में िसर्फ 22 दिन में ही 31 मई को प्रधानाचार्या को क्लीन चिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट आने के बाद शिवम की मां वंदना सिंह को नोटिस भेजकर आपत्ति प्रस्तुत करने को कहा।
वंदना सिंह की ओर से अधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह ने आपत्ति दाखिल करके बताया कि 9 मई 2011 को प्रधानाचार्या ने उसके पति को स्कूल में बुलाया था परंतु पति की व्यस्तता के चलते वह शिवम के स्कूल गई जहां पर प्रधानाचार्या ने शिवम पर चारित्रिक लांछन लगाते हुए उसे प्रताड़ित किया।
आपत्ति में कहा गया कि प्रधानाचार्या ने अपने कार्यालय में शिवम को अगले दिन पूरे स्कूल के सामने नंगा घुमाने की धमकी दी और वंदना के सामने ही उसकी पैन्ट उतरवा दी।
कहा गया कि पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना नहीं की बल्कि प्रधानाचार्या को बचाने वाले साक्ष्य ही एकत्रित किए हैं। कोर्ट ने नलिनी शाह को मामले में तलब करते हुए कहा कि विवेचक ने विवेचना केदौरान मृतक शिवम की मां के बयानों को सही तरह से दर्ज नहीं किया है।
कोर्ट ने कहा कि स्पष्ट आरोपों के बावजूद विवेचक ने उन्हीं सवालों को वादिनी से बार-बार पूछा है जो पहले हो चुकेहैं। कोर्ट ने कहा कि विवेचक ने प्रकरण को तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास किया है।
विवेचक ने प्रधानाचार्या के पक्ष में स्कूल के कर्मचारियों का ही बयान दर्ज किया है। कोर्ट ने कहा कि जिन गवाहों की गवाही विवेचक ने दर्ज की है वे सारे गवाह स्कूल केकर्मचारी हैंजो नौकरी के कारण प्रधानाचार्या के पक्ष में गवाही दे सकते हैं।