खुलने लगी मैपल्स की पोल, एक दिन में हुए 50 केज दर्ज
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मैपल्स रीयल एस्टेट कंपनी के खिलाफ सोमवार को एक मुकदमे के बाद मंगलवार को
इसके बाद कंपनी द्वारा सस्ती जमीन का मोहजाल फेंककर गोरखधंधा फैलाने की परतें खुलने लगी हैं।
इतना कुछ होने के बावजूद पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों की धरपकड़ करने से इन्कार किया है। पुलिस का कहना है कि पहले जांच की जाएगी।
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उधर, पीड़ितों ने
कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गाजीपुर थाने पर प्रदर्शन भी
किया। उनका कहना है कि तीन साल पहले कंपनी में 10-12 हजार रुपये जमा किए
थे।
उन्हें 50 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से जमीन देने का वादा किया गया
था पर अब कंपनी के लोग 200 से 300 रुपये प्रति वर्ग फुट पर जमीन देने का
झांसा दे रहे हैं।
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हालांकि अभी न तो जमीन की रजिस्ट्री की गई है न ही धन
वापस किया गया है। मैपल्स ने सस्ती जमीन की
कई स्कीमें लॉन्च की थीं।
50 रुपये वर्ग फुट के रेट से प्लॉट बेचे जाने की
बात कही गई थी। इसमें सैकड़ों लोगों ने पंजीकरण कराया। ढाई साल पहले इस
कंपनी के खिलाफ जमीन का बयाना लेकर रजिस्ट्री न करने के आरोप में केस किया
गया था।
इसके बाद सोमवार को गाजीपुर थाने में तकरोही के शिवेंद्र
श्रीवास्तव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।
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