कार की स्टीयरिंग में छिपाकर ला रहे थे सोना, 4 लोग गिरफ्तार
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सोने की तस्करी के लिए तस्कर आए दिन नए-नए फंडे अपना रहे हैं। एसयूवी की स्टीयरिंग और जूतों में छिपाकर नेपाल से राजधानी लाए जा रहे 8 किलो सोना को डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) की टीम ने पकड़ा है।
चार तस्करों विनोद कुमार वर्मा, राजू पांडेय, शहरयार और रिंकू वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। चारों ने सोने की तस्करी की बात कुबूली है। डीआरआई के उपनिदेशक मनीष कुलहरि ने बताया कि नेपाल के काठमांडू से सोने की तस्करी की सूचना मिली थी।
सूचना देने वाले ने बताया कि सोना गोरखपुर होते हुए सोना लखनऊ पहुंचेगा। इसके बाद जाल बिछाया गया।गोरखपुर-लखनऊ के बीच एसयूवी मिली। तलाशी लेने पर स्टीयरिंग से चार किलो सोना मिला। वहीं दो किलो सोना राजू पांडेय नामक व्यक्ति ने अपने जूतों में छिपा रखा था।
दो किलो सोना शहरयार नामक तस्कर ने अपनी शर्ट में लपेट करके कमर के पास छिपाया था। पूछताछ में जानकारी मिली कि यह गिरोह नेपाल से सोना तस्करी कर लाता है।
लखनऊ से दिल्ली भेजा जाता है सोना
उपनिदेशक कुलहरि ने बताया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड विनोद कुमार वर्मा ही है। उसने कुबूला कि वह पहले भी तस्करी कर सोना मार्केट में बेच चुका है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही सोने की तस्करी में शामिल है। पकड़े गए चारों तस्करों पर सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई भी डीआरआई की टीम करेगी।
मास्टरमाइंड विनोद कुमार वर्मा ने डीआरआई की पूछताछ में कुबूला कि नेपाल से सोना लखनऊ केवल दूसरी जगहों पर आपूर्ति के लिए पहुंचाया जाता है। तस्करी के सोने को लखनऊ से दिल्ली पहुंचाए जाने की तैयारी थी। यानी लखनऊ को तस्कर कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
•4 किलो सोना छिपाया था स्टीयरिंग में
•2 किलो छिपा रखा था जूते में
•2 किलो कमर में लपेट रखा था