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गोरखपुर में रिश्वत लेते पकड़ा गया एसएसपी का बड़ा बाबू

Wed, 19 Jun 2019 10:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर/लखनऊ
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर/लखनऊ Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 19 Jun 2019 10:02 AM IST
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SSP office clerk arrested for taking bribe
सांकेतिक तस्वीर

एसएसपी ऑफिस में तैनात प्रधान लिपिक (बड़े बाबू) ज्ञानेंद्र कुमार सिंह को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की लखनऊ इकाई ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश डीजीपी ओम प्रकाश सिंह को दिए थे। जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने मंगलवार को यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए ज्ञानेंद्र को गोरखपुर के कैंट थाने में केस दर्ज कर दाखिल कराया गया है।

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बताया जा रहा है कि घूस मांगे जाने की शिकायत दरोगा पंकज यादव ने की थी। पंकज कैंपियरगंज थाने में तैनात हैं। बीते दिनों बेटी की तबीयत खराब होने पर उन्होंने लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज कराया था। आरोप है कि इसमें खर्च हुए 1.80 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति दिलाने के लिए बड़े बाबू ज्ञानेंद्र ने दस प्रतिशत के हिसाब से 18 हजार रुपये घूस मांगी। पंकज ने एंटी करप्शन के एसपी राजीव मल्होत्रा से इसकी शिकायत की। उनकी शिकायत पर लखनऊ की टीम हरि सिंह की अगुवाई में गोरखपुर पहुंच गई। नोटों पर केमिकल लगाकर दरोगा पंकज को पांच हजार रुपये देकर बड़े बाबू के पास भेजा गया। दोपहर दो बजे के करीब जैसे ही बड़े बाबू ने रुपये जेब में रखे टीम ने उन्हें पकड़ लिया। जांच में उनके पॉकेट से मिले रुपयों और हाथ दोनों पर केमिकल लगा पाया गया। आरोपी ज्ञानेंद्र को कैंट पुलिस कि सुपुर्द कर दिया गया।
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महराजगंज में भी फंसा था ज्ञानेंद्र
बड़े बाबू ज्ञानेंद्र सिंह पर महराजगंज में तैनाती के दौरान भी भ्रष्टाचार के आरोप में लगे थे। तब उसके खिलाफ केस भी दर्ज हुआ था और चार्जशीट भी फाइल हुई थी। मामला विचाराधीन है और सजा के तौर पर उसे गोरखपुर भेजा गया। यहां पर अफसरों से सांठगांठ कर ज्ञानेंद्र महत्वपूर्ण पद पर तैनाती पा गया जबकि नियमानुसार भ्रष्टाचार के आरोपी को इस पद पर तैनाती नहीं दी जा सकती है।

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