{"_id":"60ba894c8ebc3e5cb660548e","slug":"crime-lucknow-news-lko5810095188","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरेंद्र कालिया के कुबूलनामे के बाद पूर्व विधायक अभय सिंह बनाए गए साजिश रचने के आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरेंद्र कालिया के कुबूलनामे के बाद पूर्व विधायक अभय सिंह बनाए गए साजिश रचने के आरोपी
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लखनऊ। हिस्ट्रीशीटर सुरेंद्र कालिया के के ऊपर हुए हमले में सपा के पूर्व विधायक अभय सिंह को साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। पूर्व विधायक पर कालिया के कुबूलनामे के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। कालिया ने बताया था कि अभय के कहने पर ही उसने अपने ऊपर फायरिंग कराई थी। पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। सुरेंद्र ने तीन दिन की रिमांड में कई राज उगले हैं। इसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
13 जुलाई को सुरेंद्र ने खुद पर फायरिंग होने की सूचना पुलिस को दी थी। उसने पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हमला करने का आरोप लगाया था। सीसीटीवी फुटेज से यह घटना फर्जी निकली थी। 10 अगस्त को सुरेंद्र के चार साथी पकड़े गये तब इसका खुलासा हुआ था। दबाव बढ़ने पर सुरेंद्र कोलकाता भाग निकला था। उस समय ही सामने आ गया था कि सुरेंद्र की मदद मुख्तार गिरोह और पूर्व विधायक कर रहे हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक सुरेंद्र ने कुबूला कि सब कुछ अभय सिंह के कहने पर ही किया गया। उसने मदद करने में जिन तीन चार लोगों के नाम लिये, वह मुख्तार गिरोह से ही जुड़े हुए हैं।
डीसीपी और एडीसीपी ने लंबी पूछताछ की। इसके बाद ही आलमबाग पुलिस को 13 जुलाई को दर्ज हुए मुकदमे में अभय सिंह को साजिश रचने का आरोपी बनाने को कहा गया। सुरेंद्र के बयान के आधार पर अभय को आईपीसी की धारा 120 बी का आरोपी बनाया गया है। हालांकि इस बारे में अधिकारी कुछ बोल नहीं रहे हैं। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि इस मामले में पड़ताल की जा रही है।
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13 जुलाई को सुरेंद्र ने खुद पर फायरिंग होने की सूचना पुलिस को दी थी। उसने पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हमला करने का आरोप लगाया था। सीसीटीवी फुटेज से यह घटना फर्जी निकली थी। 10 अगस्त को सुरेंद्र के चार साथी पकड़े गये तब इसका खुलासा हुआ था। दबाव बढ़ने पर सुरेंद्र कोलकाता भाग निकला था। उस समय ही सामने आ गया था कि सुरेंद्र की मदद मुख्तार गिरोह और पूर्व विधायक कर रहे हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक सुरेंद्र ने कुबूला कि सब कुछ अभय सिंह के कहने पर ही किया गया। उसने मदद करने में जिन तीन चार लोगों के नाम लिये, वह मुख्तार गिरोह से ही जुड़े हुए हैं।
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डीसीपी और एडीसीपी ने लंबी पूछताछ की। इसके बाद ही आलमबाग पुलिस को 13 जुलाई को दर्ज हुए मुकदमे में अभय सिंह को साजिश रचने का आरोपी बनाने को कहा गया। सुरेंद्र के बयान के आधार पर अभय को आईपीसी की धारा 120 बी का आरोपी बनाया गया है। हालांकि इस बारे में अधिकारी कुछ बोल नहीं रहे हैं। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि इस मामले में पड़ताल की जा रही है।
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